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गूगल मैप की गलत लोकेशन बनी हादसे की वजह, गंगा एक्सप्रेसवे पर पलटी जयपुर के श्रद्धालुओं की कार, चारों की बची जान!

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AIN NEWS 1: गूगल मैप पर पूरी तरह भरोसा करना कभी-कभी भारी पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे पर ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां जयपुर से लौट रहे चार श्रद्धालु एक बड़े सड़क हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। बताया जा रहा है कि सीएनजी पंप की तलाश के दौरान गूगल मैप द्वारा दिखाई गई कथित गलत लोकेशन और बंद रास्ते की वजह से उनकी कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हालांकि हादसा काफी गंभीर था, लेकिन सौभाग्य से कार सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए और उन्हें केवल मामूली चोटें आईं।

काशी और प्रयागराज के दर्शन कर लौट रहे थे श्रद्धालु

जानकारी के अनुसार राजस्थान के जयपुर निवासी रवि कुमार शर्मा अपने तीन दोस्तों अरविंद शर्मा, हर्ष शर्मा और कार्तिक शर्मा के साथ धार्मिक यात्रा पर निकले थे। चारों मित्र पहले काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे और वहां दर्शन-पूजन करने के बाद प्रयागराज भी गए। धार्मिक यात्रा पूरी करने के बाद वे अपनी कार से वापस जयपुर लौट रहे थे।

यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी और चारों मित्र देर रात गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक ऐसी समस्या का सामना करना पड़ा, जिसने कुछ ही मिनटों में उनकी पूरी यात्रा को हादसे में बदल दिया।

रास्ते में खत्म होने लगी सीएनजी

बताया जा रहा है कि रात के समय सफर के दौरान कार में मौजूद सीएनजी का स्तर काफी कम हो गया। एक्सप्रेसवे पर लंबी दूरी तक कोई पेट्रोल या सीएनजी स्टेशन दिखाई नहीं देने पर चालक रवि कुमार शर्मा ने मोबाइल फोन में गूगल मैप की मदद ली।

गूगल मैप पर नजदीकी सीएनजी स्टेशन की खोज की गई। नेविगेशन ऐप ने उन्नाव जिले के बेहटा मुजावर क्षेत्र के जोगीकोट गांव के पास एक स्थान को सीएनजी पंप के रूप में दिखाया। कार चालक ने उसी दिशा में वाहन मोड़ने का निर्णय लिया ताकि ईंधन भरवाकर आगे की यात्रा जारी रखी जा सके।

गूगल मैप के निर्देश पर बढ़े आगे

चालक ने नेविगेशन के निर्देशों का पालन करते हुए वाहन को उस दिशा में ले जाना शुरू किया, जहां सीएनजी पंप दिखाई दे रहा था। यह स्थान गंगा एक्सप्रेसवे के उस हिस्से के पास बताया गया, जहां हवाई पट्टी विकसित की गई है।

रात का समय होने और आसपास पर्याप्त रोशनी न होने के कारण चालक पूरी तरह मोबाइल नेविगेशन पर निर्भर था। उसे उम्मीद थी कि कुछ ही दूरी पर सीएनजी स्टेशन मिल जाएगा और यात्रा बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ जाएगी।

बंद मिला इमरजेंसी कट, अचानक बिगड़ा संतुलन

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार जिस स्थान की ओर कार बढ़ रही थी, वहां वास्तव में कोई सीएनजी स्टेशन मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं, जिस इमरजेंसी कट से वाहन को नीचे उतरना था, वह भी बंद था।

अंधेरे में जब चालक को अचानक सामने बंद रास्ता दिखाई दिया, तो उसने घबराकर तेज ब्रेक लगा दिए। वाहन की गति अधिक होने के कारण कार का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और फिर पलट गई।

हादसा इतना अचानक हुआ कि कार सवार लोगों को संभलने का भी मौका नहीं मिला। कुछ ही सेकंड में पूरी स्थिति बदल गई और वाहन सड़क पर पलटा हुआ दिखाई दिया।

बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई कार

टक्कर बेहद जोरदार थी। हादसे में कार के शीशे टूट गए और वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों ने मदद के लिए दौड़ लगाई।

हादसे की तस्वीरें देखने पर स्पष्ट होता है कि कार को काफी नुकसान पहुंचा है। वाहन की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि दुर्घटना कितनी गंभीर रही होगी।

सभी श्रद्धालु सुरक्षित, टला बड़ा हादसा

सबसे राहत की बात यह रही कि कार में सवार चारों श्रद्धालुओं की जान बच गई। हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई। सभी को मामूली चोटें आईं, जिनका प्राथमिक उपचार कराया गया।

स्थानीय लोगों और संबंधित अधिकारियों की मदद से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यदि वाहन की गति और अधिक होती या टक्कर किसी अन्य वाहन से होती, तो परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे।

नेविगेशन ऐप पर पूरी तरह निर्भर रहना कितना सुरक्षित?

यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि क्या केवल डिजिटल नेविगेशन पर भरोसा करना सुरक्षित है। विशेषज्ञों का मानना है कि गूगल मैप और अन्य नेविगेशन ऐप यात्रा को आसान जरूर बनाते हैं, लेकिन कई बार इनमें दिखाई गई जानकारी पूरी तरह अपडेट नहीं होती।

ग्रामीण क्षेत्रों, निर्माणाधीन सड़कों, बंद रास्तों और अस्थायी बदलावों की जानकारी कई बार ऐप में समय पर अपडेट नहीं हो पाती। ऐसे में वाहन चालकों को केवल मोबाइल नेविगेशन के बजाय सड़क संकेतों, स्थानीय जानकारी और वास्तविक परिस्थितियों पर भी ध्यान देना चाहिए।

सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां

लंबी दूरी की यात्रा पर निकलने से पहले वाहन में पर्याप्त ईंधन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। रात के समय सफर करते हुए अचानक ईंधन खत्म होने जैसी स्थिति जोखिम बढ़ा सकती है। इसके अलावा किसी भी नेविगेशन निर्देश का पालन करने से पहले सड़क की वास्तविक स्थिति को भी परखना चाहिए।

गंगा एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा भले ही जानलेवा साबित नहीं हुआ, लेकिन इसने यह जरूर दिखा दिया कि तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता कभी-कभी मुश्किलें पैदा कर सकती है। सौभाग्य से जयपुर के चारों श्रद्धालु सुरक्षित बच गए, लेकिन यह घटना अन्य यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख बन गई है।

फिलहाल इस हादसे की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है और लोग सड़क यात्रा के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। तकनीक सुविधाजनक जरूर है, लेकिन सड़क पर अंतिम निर्णय हमेशा चालक की समझदारी और सतर्कता ही तय करती है।

A serious road accident was narrowly avoided on Uttar Pradesh’s Ganga Expressway when four pilgrims from Jaipur allegedly followed a wrong route shown by Google Maps while searching for a CNG station. The vehicle lost control near Unnao after the driver attempted to take an emergency turn that was reportedly closed. The car overturned and suffered heavy damage, but all passengers survived with minor injuries. The incident has once again raised concerns about navigation app accuracy, road safety, and the risks of relying entirely on digital maps during long-distance travel.

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