spot_imgspot_img

हिंडन और यमुना किनारे बनी 258 अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन सख्त, गाजियाबाद में बड़े अभियान की तैयारी!

spot_img

Date:

हिंडन और यमुना नदी किनारे अवैध कब्जों पर प्रशासन का शिकंजा, 258 अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की तैयारी

AIN NEWS 1: गाजियाबाद में हिंडन और यमुना नदी के किनारे बढ़ते अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। नदी तटीय क्षेत्रों में हुए अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नदी क्षेत्र की सरकारी भूमि को चिन्हित कर अवैध निर्माणों और कब्जों को हटाया जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।

हाल ही में हिंडन नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आया। उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के समक्ष जानकारी दी है कि हिंडन नदी के किनारे लगभग 258 अवैध कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। इन कॉलोनियों का सीवेज और गंदा पानी सीधे नदी में पहुंच रहा है, जिससे नदी का प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।

इसी विषय को लेकर गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने कलेक्ट्रेट में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में लोनी क्षेत्र के उप जिलाधिकारी, सिंचाई विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए), नगर निकायों तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य यमुना और हिंडन नदी के किनारे स्थित सरकारी भूमि की स्थिति का आकलन करना और अवैध कब्जों के खिलाफ प्रभावी रणनीति तैयार करना था।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने नदी तटीय क्षेत्रों और नदी की मूल भूमि पर हुए अतिक्रमणों की विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व अभिलेखों, सिंचाई विभाग के रिकॉर्ड तथा उपलब्ध नक्शों के आधार पर नदी क्षेत्र की भूमि का सत्यापन किया जाए। इसके बाद जहां भी अवैध निर्माण, कॉलोनियां या अन्य प्रकार के कब्जे पाए जाएं, उन्हें चिन्हित कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि नदी क्षेत्र की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ताकि कार्रवाई में किसी प्रकार की देरी न हो। प्रशासन का उद्देश्य केवल अवैध कब्जे हटाना ही नहीं, बल्कि नदी के प्राकृतिक स्वरूप और उसके पर्यावरणीय महत्व को भी संरक्षित करना है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त सर्वेक्षण कराकर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए। इसके बाद विशेष अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी संबंधित विभागों को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रशासन का मानना है कि हिंडन और यमुना जैसी नदियां केवल जल स्रोत नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन और पारिस्थितिकी तंत्र की महत्वपूर्ण धुरी भी हैं। यदि नदी किनारे लगातार अवैध निर्माण होते रहे तो इससे न केवल जल प्रदूषण बढ़ेगा बल्कि नदी का प्राकृतिक प्रवाह भी प्रभावित होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार नदी के किनारे अनियोजित निर्माण और अवैध बस्तियां कई गंभीर समस्याओं को जन्म देती हैं। इससे बाढ़ के दौरान जल निकासी बाधित होती है और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके अलावा नदी की धारा संकरी होने से आपदा के समय नुकसान की आशंका भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि प्रशासन अब इस पूरे मामले को पर्यावरण और जनसुरक्षा दोनों दृष्टिकोणों से गंभीरता से देख रहा है।

जिलाधिकारी ने कहा कि नदी क्षेत्रों में हुए अवैध अतिक्रमण लोगों की जान-माल के लिए भी खतरा बन सकते हैं। बाढ़, कटाव और जलभराव जैसी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में लोगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए ऐसे सभी अतिक्रमणों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में हिंडन और यमुना नदी के किनारे स्थित चिन्हित अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा सकता है। संबंधित विभागों को पहले ही आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि जांच और सर्वेक्षण में अवैध कब्जों की पुष्टि होती है तो प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई सहित अन्य कानूनी कदम भी उठा सकता है।

गाजियाबाद प्रशासन की यह पहल नदी संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी की नजर प्रशासन द्वारा शुरू किए जाने वाले आगामी अभियान और उसके परिणामों पर टिकी हुई है।

The Ghaziabad administration has initiated a major anti-encroachment campaign against 258 illegal colonies located along the Hindon River and Yamuna River. Following concerns over river pollution and environmental degradation, District Magistrate Ravindra Kumar directed officials to identify unauthorized constructions and illegal occupations on riverbank land. The action aims to protect the Hindon River ecosystem, improve water quality, reduce flood risks, and ensure compliance with environmental regulations in Uttar Pradesh.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
35.2 ° C
35.2 °
35.2 °
46 %
3.8kmh
100 %
Mon
34 °
Tue
36 °
Wed
39 °
Thu
36 °
Fri
35 °
Video thumbnail
Kapil Sibal Announces ₹1 Crore Donation to CJP Protesters' Protection Fund
00:33
Video thumbnail
“बदनाम होने वाले काम न करो” खड़गे पर भड़के किरेन रिजिजू, Kharge vs Kiren Rijiju In Rajya Sabha Today
03:47
Video thumbnail
Anti Paper Leak Bill Lok Sabha में पेश, विपक्ष ने काटा जोरदार हंगामा और फिर...Jitendra singh
08:16
Video thumbnail
सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर सायोनी घोष : "विपक्ष चर्चा करने से इनकार कर रहा था"
00:31
Video thumbnail
E20 के खिलाफ केजरीवाल का एलान
01:40
Video thumbnail
Paper Leak: नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में हाई पावर टास्क फोर्स का गठन, पीएम मोदी ने दी जानकारी
01:20
Video thumbnail
कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे: NHAI का दावा, धंसे हिस्से की मरम्मत पूरी
00:11
Video thumbnail
फैक्ट चेक: आवारा सांड द्वारा 50 लाख की कार तोड़ने का वायरल वीडियो AI से बनाया गया
00:21
Video thumbnail
कॉमनवेल्थ गेम्स: मीराबाई चानू ने भारत को दिलाया पहला स्वर्ण
00:18
Video thumbnail
मोहम्मद जुनैद: CJP नेताओं ने मुझे पूरी तरह नजरअंदाज किया !
00:37

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related