मुख्यमंत्री डैशबोर्ड रैंकिंग मई 2026: कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर रामपुर अव्वल, कई बड़े जिले पिछड़े
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के अंतर्गत जारी जिला अनुश्रवण पुस्तिका (कानून एवं व्यवस्था) की मई 2026 की रैंकिंग ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों के प्रदर्शन की तस्वीर साफ कर दी है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की दर्पण डैशबोर्ड सेवा के माध्यम से तैयार की गई इस रिपोर्ट में कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक निगरानी और विभिन्न प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर जिलों को अंक और रैंक प्रदान की गई है।
ताजा रैंकिंग में रामपुर जिले ने 8.88 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं संतकबीरनगर और गौतमबुद्ध नगर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। दूसरी ओर प्रदेश के कुछ बड़े और महत्वपूर्ण जिले अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके और निचले पायदान पर दिखाई दिए।

टॉप-10 जिलों में किन्होंने बनाई जगह?
मई 2026 की रैंकिंग के अनुसार रामपुर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इसके बाद संतकबीरनगर, गौतमबुद्ध नगर, अमरोहा और जालौन ने शीर्ष पांच में जगह बनाई।
शीर्ष दस जिलों की सूची इस प्रकार रही—
रामपुर – 8.88 अंक
संतकबीरनगर – 8.32 अंक
गौतमबुद्ध नगर – 8.22 अंक
अमरोहा – 8.20 अंक
जालौन – 8.19 अंक
वाराणसी – 8.16 अंक
बुलंदशहर – 8.04 अंक
बस्ती – 8.04 अंक
आगरा – 8.02 अंक
शाहजहांपुर – 8.00 अंक
इन जिलों का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के क्षेत्र में इन जनपदों ने बेहतर परिणाम हासिल किए हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों का प्रदर्शन
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों ने संतोषजनक प्रदर्शन किया। गौतमबुद्ध नगर तीसरे स्थान पर रहा जबकि बुलंदशहर सातवें स्थान पर पहुंचा। बिजनौर को 11वीं रैंक मिली।
हालांकि मेरठ 29वें स्थान पर रहा, जबकि गाजियाबाद की स्थिति चिंताजनक रही। गाजियाबाद को मात्र 5.94 अंक मिले और वह 74वें स्थान पर पहुंच गया। यह प्रदेश के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल रहा।
बागपत को 28वीं रैंक मिली जबकि मुजफ्फरनगर 64वें स्थान पर रहा। सहारनपुर 35वें स्थान पर रहा।
पूर्वांचल के जिलों की स्थिति
पूर्वांचल के कई जिलों ने अच्छा प्रदर्शन किया। वाराणसी ने छठा स्थान प्राप्त किया जबकि महाराजगंज 13वें और सोनभद्र 16वें स्थान पर रहे।
हालांकि गोरखपुर की स्थिति अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर को 58वीं रैंक प्राप्त हुई। वहीं बलिया 70वें और गोंडा 71वें स्थान पर रहे।
आजमगढ़ को 36वीं, गाजीपुर को 40वीं और जौनपुर को 52वीं रैंक मिली।
मध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र का प्रदर्शन
बुंदेलखंड के कई जिलों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। जालौन पांचवें, हमीरपुर 14वें और महोबा 15वें स्थान पर रहे।
फतेहपुर 18वें और कौशांबी 20वें स्थान पर रहे। चित्रकूट, ललितपुर और बांदा जैसे जिलों का प्रदर्शन औसत से बेहतर माना जा सकता है, हालांकि कुछ जिलों को अभी और सुधार की आवश्यकता दिखाई देती है।
राजधानी लखनऊ की स्थिति
राजधानी लखनऊ इस रैंकिंग में 25वें स्थान पर रहा और उसे 7.38 अंक प्राप्त हुए। प्रदेश की राजधानी होने के बावजूद लखनऊ शीर्ष 20 जिलों में जगह नहीं बना सका। इससे स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मानकों पर अभी सुधार की गुंजाइश बनी हुई है।
सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिले
रिपोर्ट में कुछ ऐसे जिले भी सामने आए हैं जिनका प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। इनमें विशेष रूप से गाजियाबाद, मुरादाबाद, अलीगढ़, खीरी, गोंडा और बलिया शामिल हैं।
सबसे निचले पायदान पर रहने वाले जिलों की सूची—
मुरादाबाद – 5.94 अंक (74वीं रैंक)
गाजियाबाद – 5.94 अंक (74वीं रैंक)
अलीगढ़ – 6.00 अंक (73वीं रैंक)
खीरी – 6.06 अंक (72वीं रैंक)
गोंडा – 6.16 अंक (71वीं रैंक)
बलिया – 6.18 अंक (70वीं रैंक)
बहराइच – 6.26 अंक (69वीं रैंक)
इन जिलों के लिए आने वाले महीनों में कानून-व्यवस्था से जुड़े मानकों पर विशेष ध्यान देना चुनौती होगी।
क्या है मुख्यमंत्री डैशबोर्ड रैंकिंग?
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड उत्तर प्रदेश सरकार की एक निगरानी प्रणाली है, जिसके माध्यम से विभिन्न विभागों और जिलों के प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन किया जाता है। कानून-व्यवस्था से संबंधित रैंकिंग में अपराध नियंत्रण, शिकायतों के निस्तारण, प्रशासनिक जवाबदेही, पुलिस कार्यप्रणाली और अन्य निर्धारित मानकों को आधार बनाया जाता है।
रैंकिंग का उद्देश्य जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और प्रशासनिक सुधार को प्रोत्साहित करना है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को मॉडल के रूप में देखा जाता है, जबकि कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता होती है।
मई 2026 की मुख्यमंत्री डैशबोर्ड रैंकिंग ने प्रदेश के जिलों की कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति का एक महत्वपूर्ण आकलन प्रस्तुत किया है। रामपुर ने जहां पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर मिसाल पेश की है, वहीं गाजियाबाद और मुरादाबाद जैसे बड़े जिलों का निचले पायदान पर पहुंचना कई सवाल खड़े करता है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कमजोर प्रदर्शन वाले जिले अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए क्या कदम उठाते हैं और शीर्ष पर रहने वाले जिले अपने प्रदर्शन को कैसे बरकरार रखते हैं।
स्रोत: मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, उत्तर प्रदेश | जिला अनुश्रवण पुस्तिका (कानून एवं व्यवस्था) | मई 2026 रैंकिंग | राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) दर्पण डैशबोर्ड सेवा।


















