लखनऊ में फर्जी IPS अधिकारी का खुलासा, पुलिस से बोला- “मैं नोएडा में तैनात हूं”
AIN NEWS 1: लखनऊ में खुद को IPS अधिकारी बताकर पुलिस को धमकाने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ थाना महानगर में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी की पहचान मिथिलेश शुक्ला पुत्र स्वर्गीय राम बरन शुक्ला निवासी भरतनगर, सीतापुर रोड, मड़ियांव, लखनऊ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने चाय के पैसे को लेकर हुए विवाद के दौरान खुद को नोएडा में तैनात IPS अधिकारी बताया और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ने की कोशिश की।
मामला लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र के गोल मार्केट चौराहे का है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार घटना 13 जून 2026 की रात की है, जबकि इस मामले में 15 जून 2026 को एफआईआर दर्ज की गई।
चाय के पैसे को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस की तहरीर के मुताबिक, थाना महानगर में तैनात उपनिरीक्षक आर्यन शर्मा 13 जून की रात क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गोल मार्केट चौराहे पर स्थित एक चाय की दुकान पर एक व्यक्ति और दुकानदार के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हो रहा है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां एक व्यक्ति चाय विक्रेता वीरू गुप्ता से बहस करता मिला। पुलिसकर्मियों ने जब उसे शांत कराने की कोशिश की और उसका नाम-पता पूछा तो उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को धमकाना शुरू कर दिया।
“मैं IPS हूं, मुझे सैल्यूट क्यों नहीं किया”
पुलिस की शिकायत के अनुसार आरोपी ने खुद को IPS अधिकारी बताते हुए कहा कि वह नोएडा में तैनात है। उसने पुलिसकर्मियों से कथित रूप से कहा कि उन्होंने उसे सैल्यूट क्यों नहीं किया और उनकी कैप कहां है।
पुलिसकर्मियों को उसकी बातों पर शक हुआ। उन्होंने आरोपी से पहचान पत्र दिखाने को कहा। इस पर आरोपी कोई वैध IPS पहचान पत्र नहीं दिखा सका और कथित तौर पर कहा कि वह अपना आईडी कार्ड अगले दिन लाकर दिखा देगा।
इसके बाद पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी ने अपना असली नाम मिथिलेश शुक्ला बताया।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी द्वारा खुद को सरकारी अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों को धमकाने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में कार्रवाई की गई है।
थाना महानगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर में आरोपी पर फर्जी पहचान बताने, पुलिसकर्मियों को प्रभावित करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।
एफआईआर के अनुसार आरोपी का पता: मिथिलेश शुक्ला पुत्र स्वर्गीय राम बरन शुक्ला, 537BHA/461 भरतनगर, सीतापुर रोड, थाना मड़ियांव, लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
पहले भी सामने आते रहे हैं ऐसे मामले
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई बार लोग अपनी पहचान और प्रभाव बढ़ाने के लिए खुद को सरकारी अधिकारी, पुलिस अधिकारी या बड़े पद पर तैनात व्यक्ति बताने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाती है।
इस मामले में भी पुलिस आरोपी के दावे की जांच कर रही है कि उसने IPS अधिकारी होने का झूठा दावा क्यों किया और क्या वह पहले भी ऐसी पहचान का इस्तेमाल करता रहा है।
सोशल मीडिया और आम लोगों में चर्चा
मिथिलेश शुक्ला का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि सरकारी पदों का झूठा इस्तेमाल कर आम लोगों और पुलिस को प्रभावित करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी अधिकारी होने का दावा किए जाने पर उसकी पहचान की पुष्टि जरूर करें। फर्जी पहचान बनाकर लोगों को गुमराह करना कानूनन अपराध है।
लखनऊ पुलिस अब इस पूरे मामले में आरोपी के रिकॉर्ड और उसके दावों की जांच कर रही है।
Lucknow police have registered an FIR against Mithilesh Shukla for allegedly pretending to be an IPS officer and intimidating police personnel during a dispute over tea payment. The fake IPS officer case in Lucknow has raised concerns about misuse of government identities. The incident highlights the importance of verifying official claims and strict legal action against people involved in impersonation, fraud, and obstruction of police duty.


















