लखनऊ में BMW की डिक्की से 26 लाख रुपये बरामद, ‘माफिया’ स्टिकर और विधानसभा पास वाली स्कॉर्पियो ने बढ़ाई पुलिस की जांच
AIN NEWS 1 लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस की नियमित चेकिंग के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हरियाणा नंबर की एक लग्जरी BMW कार की डिक्की से 26 लाख रुपये नकद बरामद हुए। इस कार पर बड़े अक्षरों में “Insured By Mafia” लिखा स्टिकर लगा था। वहीं उसके पास खड़ी एक काली स्कॉर्पियो पर उत्तर प्रदेश विधानसभा का पास लगा मिला। दोनों गाड़ियों के दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके, जिसके बाद पुलिस ने दोनों वाहनों को सीज कर दिया और तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पकड़े गए युवक नकदी से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आयकर विभाग को भी सूचना दी और बरामद नकदी की जांच शुरू कराई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

चेकिंग अभियान के दौरान हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र स्थित किला चौकी इलाके का है। शुक्रवार रात पुलिस इलाके में नियमित वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान सोशल पॉइंट नामक रेस्टोरेंट के बाहर दो संदिग्ध गाड़ियां खड़ी दिखाई दीं।
पहली गाड़ी हरियाणा नंबर की काले रंग की BMW थी, जबकि दूसरी काली स्कॉर्पियो थी। दोनों वाहनों के शीशों पर काली फिल्म लगी हुई थी, जो नियमों के विरुद्ध मानी जाती है। पुलिस ने जब वहां मौजूद युवकों से पूछताछ की तो उनके जवाब संतोषजनक नहीं लगे। इसके बाद दोनों वाहनों की तलाशी लेने का निर्णय लिया गया।
BMW की डिक्की में मिला 26 लाख रुपये नकद
तलाशी के दौरान पुलिस को BMW कार की डिक्की में एक विशेष लॉकर दिखाई दिया। जब लॉकर खोला गया तो उसमें 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां रखी हुई थीं।
पुलिस के अनुसार कुल 52 गड्डियां बरामद हुईं, जिनकी कुल राशि 26 लाख रुपये थी।
मौके पर मौजूद तीनों युवक इस नकदी के संबंध में कोई वैध दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड या अन्य प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ के दौरान भी वे रकम के स्रोत को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए।
आयकर विभाग को दी गई सूचना
इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी तत्काल आयकर विभाग को दी। सूचना मिलने पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नकदी की जांच शुरू की।
अब यह जांच की जा रही है कि बरामद रुपये किसी वैध कारोबारी लेन-देन का हिस्सा हैं या फिर किसी अवैध गतिविधि से जुड़े हुए हैं। यदि नकदी का वैध स्रोत सिद्ध नहीं होता है तो संबंधित एजेंसियां आगे की कार्रवाई कर सकती हैं।
‘Insured By Mafia’ स्टिकर ने खींचा ध्यान
BMW कार पर लगा “Insured By Mafia” स्टिकर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
हालांकि पुलिस ने अभी तक इस स्टिकर को किसी आपराधिक संगठन से जोड़कर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि इसे केवल दिखावे के लिए लगाया गया था या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य था।
सोशल मीडिया पर भी इस स्टिकर की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं।
विधानसभा पास लगी स्कॉर्पियो भी जांच के घेरे में
BMW के ठीक बगल में खड़ी काली स्कॉर्पियो पर उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय का वर्ष 2025 का एफ श्रेणी (F Category) पास लगा मिला।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि यह पास असली है या फर्जी तथा यदि असली है तो वाहन तक यह कैसे पहुंचा। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि पास का कहीं गलत इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा था।
बिना नंबर प्लेट की मॉडिफाइड BMW
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि BMW कार पूरी तरह मॉडिफाइड थी और उस पर सामान्य नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी। वाहन के शीशों पर काली फिल्म लगी हुई थी, जो मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन है।
इन सभी कारणों से पुलिस को वाहन पहले से ही संदिग्ध प्रतीत हुआ और विस्तृत तलाशी ली गई।
दरोगा का बेटा बताकर दबाव बनाने की कोशिश
पुलिस सूत्रों के अनुसार BMW में मौजूद शिवांशु पांडेय ने खुद को एक पुलिस दरोगा का बेटा बताते हुए पुलिस कर्मियों पर प्रभाव डालने की कोशिश की।
हालांकि पुलिस ने बिना किसी दबाव में आए कानूनी प्रक्रिया जारी रखी और सभी आवश्यक कार्रवाई की।
इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को भी पूरी जानकारी दे दी गई है।
हिरासत में लिए गए तीन युवक
पुलिस ने मौके से तीन युवकों को हिरासत में लिया है। उनकी पहचान इस प्रकार हुई है—
शिवांशु पांडेय (21 वर्ष)
निवासी – डिफेंस कॉलोनी, तेलीबाग, लखनऊ
रोचमन वर्मा (19 वर्ष)
निवासी – सेक्टर-एन, आशियाना कॉलोनी, लखनऊ
रचित ठाकुर उर्फ अथर्व (21 वर्ष)
निवासी – पंडित खेड़ा, अनौरा, सरोजनीनगर, लखनऊ
पूछताछ में युवकों ने प्रारंभिक रूप से बताया कि वे गाड़ियां किराये पर लेकर इस्तेमाल करते हैं। हालांकि पुलिस इस दावे का भी सत्यापन कर रही है।
दोनों गाड़ियां हुईं सीज
पुलिस ने बताया कि दोनों वाहनों के दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए। साथ ही बड़ी मात्रा में नकदी, संदिग्ध परिस्थितियां, काली फिल्म और अन्य अनियमितताओं को देखते हुए BMW और स्कॉर्पियो दोनों को सीज कर दिया गया है।
वाहनों की स्वामित्व संबंधी जानकारी, रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
कई पहलुओं पर चल रही जांच
पुलिस और संबंधित एजेंसियां फिलहाल निम्न बिंदुओं पर जांच कर रही हैं—
26 लाख रुपये का वास्तविक स्रोत क्या है।
नकदी का उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जाना था।
विधानसभा पास असली है या फर्जी।
BMW पर लगा “Insured By Mafia” स्टिकर किस उद्देश्य से लगाया गया।
दोनों वाहनों के वास्तविक मालिक कौन हैं।
क्या इस पूरे मामले का किसी संगठित गिरोह या आर्थिक अपराध से कोई संबंध है।
पुलिस का अगला कदम
फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों से लगातार पूछताछ कर रही है। आयकर विभाग भी नकदी के स्रोत की जांच में जुटा हुआ है। यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, टैक्स चोरी, फर्जी दस्तावेज या अन्य आपराधिक गतिविधि सामने आती है तो संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद नकदी का वास्तविक स्रोत क्या था और दोनों गाड़ियों का इस मामले में क्या संबंध है।
लखनऊ में पुलिस की सामान्य चेकिंग के दौरान सामने आया यह मामला कई वजहों से चर्चा में है। एक ओर लग्जरी BMW से 26 लाख रुपये नकद बरामद हुए, वहीं दूसरी ओर “Insured By Mafia” स्टिकर और विधानसभा पास लगी स्कॉर्पियो ने जांच को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल पुलिस, आयकर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।
Lucknow Police seized ₹26 lakh cash from a Haryana-registered BMW carrying an “Insured By Mafia” sticker during a vehicle checking drive in the Ashiyana area. A Scorpio with a UP Vidhan Sabha pass was also seized, while three youths were detained for questioning after failing to produce valid documents for the cash. The Income Tax Department has joined the investigation to verify the source of the recovered money. This Lucknow BMW cash seizure has become one of the most discussed Uttar Pradesh crime news stories, raising questions about the cash, the modified luxury car, and the legislative pass attached to the accompanying vehicle.


















