सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर दिल्ली हाईकोर्ट गंभीर, जनहित याचिका पर आज होगी अहम सुनवाई
AIN NEWS 1: दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय से भूख हड़ताल कर रहे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारों के समर्थक सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती सेहत अब न्यायपालिका की चिंता का विषय बन गई है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर दिल्ली हाईकोर्ट आज (गुरुवार) महत्वपूर्ण सुनवाई करेगा। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे तत्काल सुनवाई योग्य माना है और संबंधित अधिकारियों को भी इस संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब वांगचुक के लगातार कई दिनों से भोजन न करने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। समर्थकों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

वकीलों की हड़ताल के कारण टली थी सुनवाई
इस मामले पर सुनवाई पहले बुधवार को प्रस्तावित थी, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा कार्य बहिष्कार किए जाने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। हड़ताल की वजह से संबंधित सरकारी अधिकारी और अधिवक्ता अदालत में उपस्थित नहीं हो पाए।
इसके बाद मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए सुनवाई को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी प्रकार की अनावश्यक देरी उचित नहीं होगी। इसी कारण इसे गुरुवार की सूची में प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने का निर्देश दिया गया।
साथ ही अदालत ने अपने आदेश की प्रति अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तथा दिल्ली सरकार के अधिवक्ता को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए, ताकि अगली सुनवाई में संबंधित पक्ष पूरी तैयारी के साथ उपस्थित हो सकें।
जनहित याचिका में क्या मांग की गई है?
यह जनहित याचिका राकेश कुमार सैनी की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि किसी भी नागरिक का इस प्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर लंबे समय तक भूख हड़ताल करना बेहद गंभीर विषय है और सरकार का दायित्व है कि वह उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करे।
याचिकाकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया है कि संबंधित सरकारी एजेंसियों और प्रशासन को निर्देश दिए जाएं कि वे:
सोनम वांगचुक से तत्काल बातचीत करें।
उनकी स्वास्थ्य स्थिति की नियमित चिकित्सीय निगरानी सुनिश्चित करें।
यदि चिकित्सकीय रूप से आवश्यक हो तो उनकी जान बचाने के लिए उचित चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए।
आवश्यकता पड़ने पर कानून के अनुसार जीवन रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
आंदोलनकारियों और सरकार के बीच संवाद स्थापित कराया जाए ताकि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकल सके।
याचिका में यह भी कहा गया है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों के जीवन की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
कब से अनशन पर हैं सोनम वांगचुक?
सोनम वांगचुक पिछले 18 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे हैं। उन्होंने पहले घोषणा की थी कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करेगी तो वे भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
वांगचुक का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि उन मुद्दों की ओर सरकार और समाज का ध्यान आकर्षित करना है जिनसे लाखों छात्र और युवा प्रभावित हुए हैं।
लंबे समय तक भोजन न करने के कारण उनकी शारीरिक कमजोरी लगातार बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। डॉक्टरों द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किए जाने की मांग भी उठ रही है।
किस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं वांगचुक?
सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे उस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और उनके समर्थक कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और उस समय के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय की जाए। उनका कहना है कि कथित परीक्षा अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इसी आंदोलन के समर्थन में सोनम वांगचुक भी धरने में शामिल हुए और बाद में उन्होंने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ रही है चिंता
वांगचुक की लगातार गिरती सेहत ने उनके समर्थकों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर भी उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और कई लोग सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक भूख हड़ताल करने से शरीर में पानी और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने का खतरा रहता है। इसलिए ऐसे मामलों में नियमित मेडिकल निगरानी अत्यंत आवश्यक मानी जाती है।
आज की सुनवाई क्यों है महत्वपूर्ण?
दिल्ली हाईकोर्ट की आज होने वाली सुनवाई कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत यह तय कर सकती है कि:
प्रशासन को तत्काल कौन-कौन से कदम उठाने होंगे।
सोनम वांगचुक की चिकित्सा व्यवस्था किस प्रकार सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की क्या प्रक्रिया अपनाई जाए।
जनहित याचिका में उठाई गई मांगों पर अदालत क्या अंतरिम निर्देश जारी करती है।
यदि अदालत कोई विशेष आदेश जारी करती है तो उसका प्रभाव केवल इस मामले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में लंबे अनशन और सार्वजनिक आंदोलनों से जुड़े मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
फिलहाल क्या स्थिति है?
फिलहाल सोनम वांगचुक का अनशन जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। दिल्ली हाईकोर्ट की आज की सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और प्रशासन को कौन-कौन से निर्देश देती है।
देशभर के छात्र, सामाजिक संगठन और आम नागरिक इस सुनवाई पर नजर बनाए हुए हैं। अब सभी की निगाहें अदालत के फैसले पर हैं, जिससे यह तय होगा कि वांगचुक की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
The Delhi High Court is set to hear a Public Interest Litigation (PIL) concerning the deteriorating health of Sonam Wangchuk, who has been on a prolonged hunger strike at Jantar Mantar in support of the NEET paper leak protest. The petition seeks urgent medical assistance, dialogue between authorities and the protesters, and necessary intervention to protect Wangchuk’s life. The case has gained nationwide attention as concerns over his health continue to grow, making it one of the most discussed developments in India’s ongoing protest movement.


















