बेंगलुरु में Zepto डिलीवरी पार्टनर पर महिला को परेशान करने का आरोप, घर में घुसने की कोशिश का वीडियो वायरल, कंपनी ने की कार्रवाई
AIN NEWS 1: देश में तेजी से बढ़ रही क्विक-कॉमर्स सेवाओं के बीच ग्राहकों की सुरक्षा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। बेंगलुरु में सामने आए एक मामले ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है, जहां एक महिला ने Zepto के एक डिलीवरी पार्टनर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि ऑर्डर डिलीवर करने के बाद डिलीवरी एजेंट ने पहले पानी मांगा और फिर बार-बार घर के अंदर आने की जिद करने लगा। घटना के बाद महिला ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा की, जिसका वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया।
क्या है पूरा मामला?
महिला के अनुसार, उसने Zepto से सामान ऑर्डर किया था। डिलीवरी पार्टनर तय समय पर सामान लेकर उसके घर पहुंचा। सामान सौंपने के बाद डिलीवरी एजेंट ने पीने के लिए पानी मांगा। इंसानियत के नाते महिला ने उसे पानी की एक बोतल दे दी और कहा कि वह बाहर ही पानी पी ले।
कुछ देर बाद डिलीवरी एजेंट ने दोबारा पानी मांगा। महिला ने फिर उसकी मदद की। लेकिन इसके बाद उसने महिला से कहा कि उसे सिर्फ पांच मिनट के लिए घर के अंदर आने दिया जाए।

महिला के मुताबिक, उसने तुरंत इस बात से इनकार कर दिया। उसने साफ कहा कि यदि उसे थोड़ी देर आराम करना है तो वह घर के बाहर बैठ सकता है, लेकिन घर के अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बार-बार अंदर आने की जिद
महिला का आरोप है कि मना करने के बावजूद डिलीवरी एजेंट लगातार घर के अंदर आने की जिद करता रहा। महिला को उसका व्यवहार असामान्य और संदिग्ध लगा। जैसे-जैसे एजेंट का दबाव बढ़ता गया, महिला घबरा गई।
स्थिति को देखते हुए महिला ने घर का मुख्य दरवाजा बंद करने का फैसला किया। आरोप है कि इसके बाद भी डिलीवरी एजेंट नहीं रुका।
डोरबेल बजाने और दरवाजा पीटने का आरोप
महिला ने बताया कि दरवाजा बंद करने के बाद डिलीवरी एजेंट ने कई बार लगातार डोरबेल बजाई। इतना ही नहीं, उसने जोर-जोर से दरवाजा भी पीटना शुरू कर दिया।
इस घटना से महिला बेहद डर गई। उसने खुद को सुरक्षित रखने के लिए घर का दरवाजा बंद रखा और किसी भी तरह बाहर नहीं निकली। बाद में उसने पूरी घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की और Zepto ऐप के जरिए कंपनी में शिकायत दर्ज कराई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
महिला द्वारा साझा किया गया वीडियो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हजारों लोगों ने इस घटना पर चिंता जताई। कई यूजर्स ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए, जबकि कई लोगों ने कंपनी से सख्त कार्रवाई की मांग की।
सोशल मीडिया पर लोगों का कहना था कि ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना कंपनियों की जिम्मेदारी है।
Zepto ने क्या कहा?
घटना सामने आने के बाद Zepto ने महिला से संपर्क किया और मामले की जांच शुरू करने की बात कही।
बाद में कंपनी ने जानकारी दी कि शुरुआती जांच के आधार पर संबंधित डिलीवरी पार्टनर की ID समाप्त कर दी गई है। कंपनी का कहना है कि ग्राहकों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
Zepto ने यह भी कहा कि वह ऐसे मामलों को गंभीरता से लेती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपने सुरक्षा मानकों को लगातार मजबूत कर रही है।
क्या पुलिस में मामला दर्ज हुआ?
फिलहाल उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार इस मामले में पुलिस द्वारा किसी गिरफ्तारी या एफआईआर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
हालांकि, घटना के वायरल होने के बाद यह मामला सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार माध्यमों में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।
महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों को अपने डिलीवरी पार्टनर्स का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन, व्यवहार संबंधी प्रशिक्षण और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत करना चाहिए।
साथ ही ग्राहकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। यदि किसी डिलीवरी एजेंट का व्यवहार सामान्य न लगे तो तुरंत कंपनी की हेल्पलाइन, ऐप और आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
ग्राहकों के लिए जरूरी सावधानियां
अजनबी व्यक्ति को बिना आवश्यकता घर के अंदर प्रवेश न दें।
डिलीवरी प्राप्त करते समय मुख्य दरवाजे पर ही सामान लें।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत वीडियो रिकॉर्डिंग या स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
कंपनी के कस्टमर सपोर्ट पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।
यदि खतरा महसूस हो तो बिना देर किए पुलिस से संपर्क करें।
बेंगलुरु में सामने आया यह मामला केवल एक वायरल वीडियो भर नहीं है, बल्कि यह ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं में ग्राहक सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े करता है। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद Zepto ने संबंधित डिलीवरी पार्टनर की ID समाप्त कर कार्रवाई की है। हालांकि पुलिस कार्रवाई को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि तकनीक और तेज डिलीवरी सुविधाओं के साथ-साथ ग्राहकों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कंपनियों को भी ऐसी शिकायतों पर तुरंत और पारदर्शी कार्रवाई करते हुए भरोसा बनाए रखना होगा।
A Bengaluru woman alleged that a Zepto delivery partner repeatedly insisted on entering her house after completing a delivery, leaving her frightened. The incident, captured in a viral video, triggered widespread discussions on customer safety and delivery platform accountability. Zepto later terminated the delivery partner’s ID and stated that customer security remains its highest priority. The case has once again highlighted concerns about delivery agent conduct, women’s safety, and the importance of strict safety protocols in India’s growing quick-commerce industry.



















