मोदीनगर भाजपा टिकट पर सियासी सरगर्मी तेज, कई दावेदार सक्रिय, 15 करोड़ की चर्चा बनी बहस का विषय
AIN NEWS 1 मोदीनगर, गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे मोदीनगर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। पार्टी के अंदर कई बड़े और प्रभावशाली नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं। इसी बीच स्थानीय राजनीतिक गलियारों में एक ऐसा दावा भी चर्चा का विषय बन गया है, जिसमें कहा जा रहा है कि भाजपा टिकट की दौड़ में शामिल एक दावेदार ने कथित तौर पर 15 करोड़ रुपये तक का इंतजाम कर लिया है। हालांकि, इस दावे की अब तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी, भाजपा संगठन या संबंधित पक्ष द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।
इसलिए फिलहाल इस दावे को केवल राजनीतिक चर्चाओं और सूत्रों पर आधारित जानकारी माना जा सकता है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना आवश्यक है।

चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
मोदीनगर विधानसभा सीट पश्चिमी उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण सीटों में गिनी जाती है। पिछले कई चुनावों में यह सीट राजनीतिक दृष्टि से काफी चर्चित रही है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा के भीतर टिकट को लेकर सक्रियता बढ़ गई है। पार्टी संगठन, स्थानीय कार्यकर्ता और संभावित दावेदार लगातार अपनी-अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती टिकट चयन की होगी, क्योंकि कई प्रभावशाली नेता इस सीट से अपनी दावेदारी मजबूत बता रहे हैं।
वर्तमान विधायक डॉ. मंजू शिवाच फिर से दावेदार
मोदीनगर की वर्तमान विधायक डॉ. मंजू शिवाच को इस बार भी टिकट का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वे लगातार दो बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र में विकास कार्य कराए हैं और सरकार की विभिन्न योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
महिला मतदाताओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। इसी आधार पर वे तीसरी बार टिकट की उम्मीद लगाए हुए हैं।
पंडित सुदेश शर्मा भी दौड़ में
राष्ट्रीय लोकदल से विधायक रह चुके पंडित सुदेश शर्मा भी भाजपा से टिकट मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद से वे लगातार संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनके राजनीतिक अनुभव और जनसंपर्क को देखते हुए समर्थकों का मानना है कि पार्टी उन्हें भी गंभीरता से विचार कर सकती है।
विपिन चौधरी की ग्रामीण क्षेत्र में मजबूत पकड़
पूर्व विधायक मास्टर राजपाल के पुत्र विपिन चौधरी का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है। हालांकि पिछली बार उन्होंने राष्ट्रीय लोकदल से टिकट की कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली थी।
अब भाजपा से टिकट की उम्मीद कर रहे विपिन चौधरी ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मजबूत पकड़ और किसान समुदाय के बीच प्रभाव को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं।
कृष्णवीर चौधरी भी सक्रिय
पूर्व ब्लॉक प्रमुख और वर्तमान में कोऑपरेटिव बैंक से जुड़े कृष्णवीर चौधरी भी भाजपा टिकट के प्रमुख दावेदारों में गिने जा रहे हैं।
संगठन में सक्रिय भूमिका और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ लंबे समय से काम करने का अनुभव उनके पक्ष में माना जा रहा है।
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पुष्पेंद्र रावत लगातार कर रहे प्रयास
भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता पुष्पेंद्र रावत भी लंबे समय से टिकट की दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं।
युवाओं और सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। हालांकि उन्हें अभी तक टिकट नहीं मिल सका है, लेकिन इस बार वे पूरी तैयारी के साथ मैदान में हैं।
देवराज शर्मा भी जता रहे दावेदारी
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े देवराज शर्मा भी कई वर्षों से भाजपा संगठन के साथ सक्रिय हैं। उनका दावा है कि लंबे समय से पार्टी के लिए कार्य करने के कारण उन्हें भी टिकट पर विचार किया जाना चाहिए।
ब्राह्मण समाज में उनकी सक्रियता को उनके समर्थक उनकी प्रमुख ताकत बताते हैं।
कुछ नए और चौंकाने वाले नाम भी चर्चा में
राजनीतिक गलियारों में कुछ ऐसे नाम भी सामने आ रहे हैं जो अभी तक चुनावी चर्चा का हिस्सा नहीं थे।
इनमें पूर्व सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह की पुत्री का नाम भी चर्चाओं में शामिल बताया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इसी तरह बृजपाल तेवतिया का नाम भी संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है। संगठन में उनकी सक्रियता और वरिष्ठ नेताओं से निकटता को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष विनोद वैशाली का नाम भी चर्चा में
मोदीनगर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विनोद वैशाली का नाम भी संभावित दावेदारों में सामने आ रहा है।
वे अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर विभिन्न वर्गों में उनकी पहचान बताई जाती है। नगर में सफाई, विकास और जनसंपर्क को लेकर उनके कार्यों की चर्चा होती रही है।
हालांकि टिकट को लेकर अभी तक पार्टी की ओर से कोई संकेत नहीं दिया गया है।
जातीय और राजनीतिक समीकरण होंगे अहम
मोदीनगर विधानसभा सीट पर जाट, ब्राह्मण, अनुसूचित जाति, वैश्य और अन्य समुदायों का प्रभाव माना जाता है।
ऐसे में भाजपा टिकट तय करते समय संगठनात्मक सक्रियता, जनाधार, जातीय संतुलन, जीत की संभावना और स्थानीय स्वीकार्यता जैसे कई पहलुओं पर विचार कर सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केवल लोकप्रियता ही नहीं बल्कि चुनाव जीतने की क्षमता भी टिकट वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
15 करोड़ की चर्चा पर क्या है सच्चाई?
हाल के दिनों में यह दावा चर्चा में आया कि भाजपा टिकट के लिए कथित रूप से 15 करोड़ रुपये तक की व्यवस्था की गई है।
हालांकि इस दावे के समर्थन में अब तक कोई दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, ऑडियो, वीडियो, आधिकारिक शिकायत या जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
न भाजपा संगठन, न चुनाव आयोग और न ही किसी जांच एजेंसी ने इस प्रकार के किसी लेन-देन की पुष्टि की है।
इसलिए इस दावे को फिलहाल सत्यापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
भाजपा की ओर से अभी नहीं हुआ कोई ऐलान
मोदीनगर विधानसभा सीट के लिए भाजपा ने अभी तक किसी भी उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
जब तक पार्टी अधिकृत सूची जारी नहीं करती, तब तक सभी नाम केवल संभावित दावेदारों के रूप में ही देखे जाएंगे।
टिकट वितरण के बाद साफ होगी तस्वीर
मोदीनगर विधानसभा में इस बार मुकाबला बेहद रोचक रहने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी के सामने कई अनुभवी और नए चेहरे मौजूद हैं। टिकट किसे मिलेगा, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व संगठनात्मक रिपोर्ट, सर्वे, स्थानीय समीकरण और चुनावी रणनीति को ध्यान में रखकर करेगा।
फिलहाल राजनीतिक चर्चाएं अपने चरम पर हैं, लेकिन अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व की आधिकारिक घोषणा के बाद ही सामने आएगा। वहीं 15 करोड़ रुपये की कथित बोली का दावा अब तक अप्रमाणित है और इसकी कोई स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मतदाताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।
The Modinagar BJP Ticket race for the Uttar Pradesh Assembly Election 2026 has intensified with several prominent leaders emerging as potential contenders. Names such as Dr. Manju Shivach, Sudesh Sharma, Vipin Chaudhary, Krishanveer Chaudhary, Pushpendra Rawat, Vinod Vaishali, and Devaraj Sharma are being widely discussed in political circles. Meanwhile, claims regarding an alleged ₹15 crore BJP ticket deal remain unverified, with no official confirmation from the BJP, Election Commission, or any investigative agency. Stay updated with the latest Modinagar political news, BJP candidate list, Ghaziabad politics, and UP Election 2026 developments only through verified information.



















