गाजियाबाद में 4 से 12 अगस्त तक स्कूल बंद: कांवड़ यात्रा के चलते प्रशासन का बड़ा फैसला, जानिए पूरी अपडेट
AIN NEWS 1 गाजियाबाद: सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर गाजियाबाद जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, ट्रैफिक व्यवस्था और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 4 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह एहतियात के तौर पर लिया गया है ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह की असुविधा या दुर्घटना से बचा जा सके।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि गाजियाबाद में 4 से 12 अगस्त तक स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। इस दावे के बाद लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठने लगे। ऐसे में हमने उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की।
स्कूलों को लेकर क्या है आधिकारिक फैसला?
जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, गाजियाबाद जिले के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में 4 अगस्त से 12 अगस्त तक नियमित कक्षाएं स्थगित रहेंगी। इस अवधि में कई विद्यालयों ने ऑनलाइन पढ़ाई कराने की तैयारी भी की है ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-मेरठ रोड, एनएच-9, मेरठ रोड, मोदीनगर मार्ग और अन्य प्रमुख रास्तों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। ऐसे में स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को परेशानी हो सकती है। इसी कारण यह निर्णय लिया गया है।
कॉलेजों को लेकर क्या है स्थिति?
वायरल पोस्ट में स्कूलों के साथ-साथ कॉलेजों के भी बंद रहने का दावा किया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार सभी कॉलेजों के लिए एक समान आदेश जारी नहीं किया गया है।
कुछ उच्च शिक्षण संस्थानों ने स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए अवकाश घोषित किया है, जबकि कई कॉलेज अपने स्तर पर अलग-अलग निर्णय ले रहे हैं। इसलिए यह कहना कि जिले के सभी कॉलेज 4 से 12 अगस्त तक पूरी तरह बंद रहेंगे, सही नहीं माना जा सकता।
यदि कोई छात्र या अभिभावक कॉलेज की छुट्टियों की जानकारी लेना चाहता है, तो उसे संबंधित संस्थान की आधिकारिक सूचना अवश्य देखनी चाहिए।
प्रशासन ने यह फैसला क्यों लिया?
कांवड़ यात्रा उत्तर भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य गंगा घाटों से जल लेकर अपने गंतव्य की ओर पैदल यात्रा करते हैं।
गाजियाबाद दिल्ली, मेरठ, नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण जिला है। कांवड़ यात्रा के दौरान यहां से बड़ी संख्या में शिवभक्त गुजरते हैं। ऐसे में प्रशासन को कई व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं।
मुख्य कारण इस प्रकार हैं—
कांवड़ यात्रियों की भारी भीड़ का सुरक्षित प्रबंधन।
विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम करना।
आपातकालीन सेवाओं को सुचारु बनाए रखना।
कानून व्यवस्था बनाए रखना।
मोदीनगर और आसपास के क्षेत्रों पर भी असर
मोदीनगर, मुरादनगर, गाजियाबाद शहर और दिल्ली-मेरठ मार्ग कांवड़ यात्रा के प्रमुख रूटों में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाता है।
इसी कारण इन इलाकों के स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना कठिन हो जाता है। प्रशासन ने इसी को ध्यान में रखते हुए पहले से छुट्टियों की घोषणा की है।
ट्रैफिक व्यवस्था में भी होंगे बदलाव
कांवड़ यात्रा के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जा सकता है। कुछ सड़कों पर केवल कांवड़ यात्रियों के लिए विशेष लेन बनाई जाती है।
वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देखें।
क्या ऑनलाइन पढ़ाई होगी?
कई निजी विद्यालयों ने संकेत दिया है कि छुट्टियों के दौरान छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं। हालांकि, यह निर्णय प्रत्येक स्कूल अपने स्तर पर लेगा।
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों के स्कूल से जारी होने वाले व्हाट्सएप ग्रुप, वेबसाइट या आधिकारिक नोटिस पर नजर रखें।
अभिभावकों के लिए प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे बच्चों को बिना आवश्यकता कांवड़ यात्रा वाले मार्गों पर न भेजें। यदि किसी कारण से बाहर जाना जरूरी हो, तो ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
साथ ही, यात्रा के दौरान किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और केवल प्रशासन की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
सोशल मीडिया पर वायरल दावे की सच्चाई
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में स्कूल और कॉलेज दोनों के बंद रहने का दावा किया गया है।
फैक्ट चेक में सामने आया कि—
4 अगस्त से 12 अगस्त तक स्कूल बंद रहने की जानकारी सही है।
सभी कॉलेजों के बंद रहने का दावा पूरी तरह सही नहीं है। कॉलेजों में अवकाश का निर्णय संबंधित संस्थान या प्रशासनिक आदेश के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी संदेश को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।
विद्यार्थियों और अभिभावकों को क्या करना चाहिए?
अपने स्कूल या कॉलेज की आधिकारिक सूचना देखें।
जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।
ट्रैफिक अपडेट पर नजर रखें।
बच्चों को अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में न ले जाएं।
ऑनलाइन पढ़ाई से संबंधित जानकारी स्कूल से प्राप्त करें।
गाजियाबाद जिला प्रशासन का यह फैसला कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, सुचारु यातायात और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। 4 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक जिले के स्कूल बंद रहेंगे, जबकि कॉलेजों को लेकर स्थिति संस्थानवार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को किसी भी वायरल पोस्ट पर भरोसा करने के बजाय अपने विद्यालय, कॉलेज और जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करना चाहिए।
The Ghaziabad Schools Closed announcement for August 4 to August 12, 2026, has been issued due to the Kanwar Yatra 2026 and extensive security arrangements across the district. The decision aims to ensure student safety, effective traffic management, and smooth movement of Kanwar pilgrims. While schools will remain closed, the status of colleges may vary depending on individual institutions. Stay updated with the latest Ghaziabad News, Modinagar News, Uttar Pradesh School Holiday, Kanwar Yatra Traffic Advisory, and official district administration notifications through reliable news sources like AIN NEWS 1.



















