बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा करने वाली तमन्ना मलिक पर संभल प्रशासन सख्त, SDM कोर्ट ने भेजा नोटिस, ₹20 हजार के मुचलके से किया पाबंद
AIN NEWS 1 संभल (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कुछ महीने पहले बुर्का पहनकर हरिद्वार से कांवड़ लाने के बाद सुर्खियों में आईं तमन्ना मलिक एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई हैं। इस बार वजह उनकी आगामी कांवड़ यात्रा नहीं, बल्कि प्रशासन की ओर से की गई कानूनी कार्रवाई है। संभल प्रशासन ने तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को एसडीएम कोर्ट के माध्यम से नोटिस जारी किया है और दोनों को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके से पाबंद किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान तमन्ना द्वारा दोबारा बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा निकालने की संभावना की सूचना मिली थी। ऐसे में किसी भी संभावित विवाद, कानून-व्यवस्था की समस्या और शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

क्या है पूरा मामला?
तमन्ना मलिक पहली बार इस वर्ष फरवरी में महाशिवरात्रि के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई थीं। उस समय उन्होंने बुर्का पहनकर हरिद्वार से कांवड़ यात्रा की थी और संभल पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थीं।
घटना के बाद तमन्ना ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उन्होंने भगवान शिव से एक मनोकामना मांगी थी। मनोकामना पूरी होने के बाद उन्होंने कांवड़ लाकर जलाभिषेक करने का संकल्प लिया था, जिसे उन्होंने पूरा किया। उन्होंने यह भी कहा था कि भविष्य में भी अवसर मिलने पर कांवड़ यात्रा जारी रखेंगी।
इसी बयान के बाद एक बार फिर उनकी संभावित कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया।
प्रशासन को कैसे मिली जानकारी?
स्थानीय प्रशासन के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि सावन के दौरान तमन्ना मलिक दोबारा हरिद्वार से कांवड़ लाने की तैयारी कर रही हैं। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने पूरे मामले का आकलन किया।
अधिकारियों का मानना था कि तमन्ना की पिछली यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस और विवाद देखने को मिला था। ऐसे में यदि दोबारा इसी तरह की यात्रा होती है तो कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
इसी आधार पर एसडीएम कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
एसडीएम कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
प्रशासन की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम कोर्ट ने तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
इसके साथ ही दोनों को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके से पाबंद करने की कार्रवाई की गई, ताकि भविष्य में किसी भी ऐसी गतिविधि से पहले कानून-व्यवस्था बनी रहे।
यह कार्रवाई एहतियात के तौर पर की गई है। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं बल्कि संभावित विवाद की स्थिति को पहले ही नियंत्रित करना बताया जा रहा है।
क्या तमन्ना मलिक को गिरफ्तार किया गया?
अब तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार तमन्ना मलिक या उनके पति अमन त्यागी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
फिलहाल केवल नोटिस जारी किया गया है और दोनों को मुचलका भरने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह निवारक (Preventive Action) मानी जा रही है।
फरवरी की कांवड़ यात्रा क्यों बनी थी चर्चा का विषय?
महाशिवरात्रि के दौरान तमन्ना मलिक द्वारा बुर्का पहनकर हरिद्वार से कांवड़ लाना पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था।
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। कुछ लोगों ने इसे व्यक्तिगत धार्मिक आस्था बताया, जबकि कुछ लोगों ने इस पर सवाल भी उठाए।
हालांकि उस समय यात्रा के दौरान किसी बड़े कानून-व्यवस्था संबंधी घटना की पुष्टि नहीं हुई थी।
प्रशासन क्यों बरत रहा है अतिरिक्त सतर्कता?
सावन का महीना उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के कारण बेहद संवेदनशील माना जाता है। लाखों श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य तीर्थ स्थलों से गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों तक पहुंचते हैं।
इस दौरान पुलिस और प्रशासन पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू रखते हैं। छोटी-सी अफवाह भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है।
इसी वजह से प्रशासन ऐसे सभी मामलों पर पहले से निगरानी रख रहा है, जिनसे सामाजिक तनाव या सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना हो सकती है।
सोशल मीडिया पर फिर शुरू हुई बहस
तमन्ना मलिक को नोटिस मिलने के बाद यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
कई लोग प्रशासन की कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे व्यक्तिगत धार्मिक स्वतंत्रता के नजरिए से भी देख रहे हैं।
हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई किसी धर्म या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि केवल शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की गतिविधि से शांति भंग होने की आशंका होती है तो दंड प्रक्रिया संहिता (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के अनुरूप) के तहत कार्यपालिका मजिस्ट्रेट एहतियाती कार्रवाई कर सकते हैं।
इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य किसी व्यक्ति को अपराधी घोषित करना नहीं होता, बल्कि संभावित विवाद को रोकना होता है।
अभी आगे क्या होगा?
अब तमन्ना मलिक और उनके पति को एसडीएम कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा।
यदि प्रशासन को भविष्य में किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी आशंका नहीं रहती तो आगे की कार्रवाई परिस्थितियों के अनुसार तय होगी।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और सावन के दौरान जिले में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
संभल में बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा करने वाली तमन्ना मलिक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि प्रशासन द्वारा जारी किया गया नोटिस है। एसडीएम कोर्ट ने उन्हें और उनके पति अमन त्यागी को 20 हजार रुपये के मुचलके से पाबंद किया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांति भंग की आशंका को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। फिलहाल इस मामले में किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है और आगे की कार्रवाई कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद तय होगी।
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