AIN NEWS 1 मुंबई। शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन, महाराष्ट्र के मुंबई उपाध्यक्ष और फिल्म प्रोड्यूसर संतोष सिंह का 9 अगस्त को जन्मदिन है। सामाजिक सरोकारों, व्यवसाय, फिल्म निर्माण और राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय संतोष सिंह ने मुंबई को अपनी कर्मभूमि बनाया और उत्तर भारतीय समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को भी लगातार उठाते रहे हैं।
जन्मदिन के अवसर पर उनके समर्थकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल राजनीतिक और सामाजिक भविष्य की कामना की है।
बिहार के बक्सर में जन्म, पूर्वांचल में बीता बचपन
संतोष सिंह का जन्म बिहार के बक्सर जिले में हुआ। पारिवारिक पृष्ठभूमि पुलिस विभाग से जुड़ी होने के कारण उनका बचपन और प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में हुई।
उन्होंने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने सैन्य विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल हासिल किया।
उनके व्यक्तित्व पर उनके माता-पिता का भी गहरा प्रभाव रहा। उनकी माता को एक धार्मिक और समाजसेवी महिला के रूप में याद किया जाता है, जो जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद के लिए हमेशा आगे रहती थीं। स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जाता है कि 1980-90 के दशक में जौनपुर में छठ पूजा की शुरुआत को लोकप्रिय बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
उनके पिता पुलिस विभाग में अधिकारी रहे और ईमानदार अधिकारी के रूप में उनकी पहचान बताई जाती है। संतोष सिंह के व्यक्तित्व और कार्यशैली में भी इस पारिवारिक संस्कार की झलक देखने को मिलती है।
मुंबई को बनाया कर्मभूमि, गारमेंट्स कारोबार से की शुरुआत
शिक्षा और पारिवारिक जीवन के बाद संतोष सिंह ने मुंबई को अपनी कर्मभूमि बनाया। वर्ष 2002 में उन्होंने गारमेंट्स इंडस्ट्री में कारोबार की शुरुआत की।
बाद में उन्होंने ‘विजसन कैजुअल’ नाम से मेन्स वियर ब्रांड को आगे बढ़ाया। जींस और शर्ट के इस ब्रांड को युवाओं के बीच लोकप्रियता मिलने का दावा किया जाता है। व्यवसाय के क्षेत्र में अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने मनोरंजन और फिल्म निर्माण की दुनिया में भी कदम रखा।
‘बेटवा बाहुबली’ से फिल्म निर्माण की दुनिया में कदम
वर्ष 2007 में संतोष सिंह ने अपने छोटे भाई और फिल्म अभिनेता अजय दीक्षित (आशुतोष सिंह) के साथ मिलकर फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा। ‘विजसन फिल्म्स’ के बैनर तले उनकी पहली फिल्म ‘बेटवा बाहुबली’ का निर्माण हुआ।
बताया जाता है कि फिल्म को दर्शकों के बीच अच्छी लोकप्रियता मिली और इसे कई पुरस्कार भी प्राप्त हुए। इसके बाद विजसन फिल्म्स के बैनर तले कई अन्य फिल्मों का निर्माण किया गया।
इन फिल्मों में ‘नजरिया तोहसे लागी’, ‘बेटवा बाहुबली पार्ट-2’, ‘फूहड़ सिनेमा’ और ‘लाल इश्क’ जैसी फिल्में शामिल हैं।
‘नजरिया तोहसे लागी’ को बिहार में चर्चित पकडुआ विवाह की सामाजिक समस्या पर आधारित फिल्म के तौर पर बताया जाता है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इस फिल्म को नेशनल इंटीग्रेशन अवॉर्ड भी मिला।
राजनीति में एंट्री और शिवसेना से जुड़ाव
फिल्म और व्यवसाय के बाद संतोष सिंह ने राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की।
वर्ष 2023 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद संतोष सिंह ने उनकी विचारधारा का समर्थन किया। इसी दौरान तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार के मंत्री उदय सामंत, गुलाबराव पाटिल, भरतशेठ गोगावले, सांसद श्रीरंग बारणे, विधायक दिलीप सेठ दलवी और विधायक महेंद्र थोरवे सहित कई नेताओं की मौजूदगी में वह अपने सैकड़ों उत्तर भारतीय समर्थकों के साथ शिवसेना में शामिल हुए।
शिवसेना से जुड़ने के बाद उन्होंने रायगढ़ और नवी मुंबई के ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में पार्टी के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा मुंबई महानगरपालिका चुनाव के दौरान भी उन्होंने पार्टी के प्रचार अभियान में भाग लिया।
जनवरी 2026 में मिली बड़ी जिम्मेदारी
पार्टी में लगातार सक्रियता और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती लोकप्रियता के बाद संतोष सिंह को जनवरी 2026 में शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन में मुंबई उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
उत्तर भारतीय संगठन के पदाधिकारी के तौर पर वह मुंबई में उत्तर भारतीय समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। फेरीवालों के पुनर्वास, मुंबई लोकल ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा, उत्तर भारतीयों से जुड़े सामाजिक विषय और संगठन के विस्तार जैसे मुद्दों पर उनकी सक्रियता सामने आती रही है।
वह शिवसेना के संगठनात्मक विस्तार को महाराष्ट्र से बाहर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों तक ले जाने की आवश्यकता की बात भी उठाते रहे हैं।
कांवड़ यात्रा और उत्तर भारतीयों से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता
संतोष सिंह धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में भी सक्रिय भागीदारी करते रहे हैं। सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर भी उन्होंने अपनी बात रखी है।
मुंबई जैसे महानगर में बड़ी संख्या में रहने वाले उत्तर भारतीय समुदाय से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक मंच पर उठाना उनकी सक्रियता का एक प्रमुख हिस्सा रहा है।
व्यवसाय, फिल्म और राजनीति—तीनों क्षेत्रों में सक्रिय
संतोष सिंह का अब तक का सफर व्यवसाय, फिल्म निर्माण और राजनीति के तीन अलग-अलग क्षेत्रों से होकर गुजरा है। बिहार में जन्म, उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में शिक्षा और शुरुआती जीवन तथा मुंबई को कर्मभूमि बनाने के बाद उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने की कोशिश की।
फिल्म निर्माण से लेकर राजनीतिक संगठन तक उनकी यात्रा में उत्तर भारतीय समाज से जुड़े मुद्दे लगातार दिखाई देते हैं। वर्तमान में शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन, महाराष्ट्र में मुंबई उपाध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका को इसी दिशा में देखा जा रहा है।
जन्मदिन पर शुभकामनाओं का सिलसिला
9 अगस्त को संतोष सिंह के जन्मदिन के अवसर पर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दी जा रही हैं। उनके सहयोगियों ने उनके सामाजिक और राजनीतिक जीवन में निरंतर सफलता की कामना की है।
संतोष सिंह के समर्थकों का कहना है कि आने वाले समय में वह उत्तर भारतीय समाज और मुंबई के आम लोगों से जुड़े मुद्दों को और मजबूती से उठाने का काम जारी रखेंगे।
जन्मदिन के इस विशेष अवसर पर संतोष सिंह को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं और उनके उज्ज्वल राजनीतिक, सामाजिक एवं व्यावसायिक भविष्य की कामना।



















