नमस्कार,
पीएम केयर्स फंड के घरेलू दान में भारी गिरावट आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 में कोविड महामारी फैलने के बाद पीएम केयर्स फंड बनाया था। मल्टीनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म जेपी मॉर्गन के मुताबिक भारत में महंगाई बढ़ने वाली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज को लेकर बयान जारी किया।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक विशाखापट्टनम में होगी। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत समेत अन्य शीर्ष पदाधिकारी शामिल होंगे।
2. धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इसके पहले मुस्लिम पक्ष की याचिकाओं पर सुनवाई नहीं हो सकी थी।
3. TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के बैंक खाता फ्रीज मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई।
कल की बड़ी खबरें:
1. पीएम केयर्स फंड में घरेलू दान घटा, 2025 में करीब 30% की गिरावट
मुख्य बिंदु
- 2025 में पीएम केयर्स फंड को घरेलू दान करीब 30% घटकर लगभग 479 करोड़ रुपये रहा।
- विदेशी दान में भी कमी दर्ज की गई और यह करीब 92.8 लाख रुपये बताया गया।
- 2025 में फंड में कुल राशि बढ़कर करीब 8,452 करोड़ रुपये बताई गई।
पीएम केयर्स फंड में वर्ष 2025 के दौरान घरेलू दान में करीब 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, घरेलू स्रोतों से फंड को लगभग 479 करोड़ रुपये मिले। विदेशी दान भी पिछले वर्षों की तुलना में कम रहा और करीब 92.8 लाख रुपये दर्ज किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023 में पीएम केयर्स फंड को घरेलू दान के रूप में करीब 681 करोड़ रुपये और विदेशी दान के रूप में लगभग 1.13 करोड़ रुपये मिले थे। वहीं 2024 में फंड में कुल राशि करीब 7,173 करोड़ रुपये थी, जो 2025 में बढ़कर लगभग 8,452 करोड़ रुपये हो गई।
RTI के दायरे को लेकर क्या स्थिति है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 में पीएम केयर्स फंड की शुरुआत की थी। प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष हैं। सरकार के अनुसार, यह एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट है और इसे सरकारी बजट से सीधे धन नहीं मिलता।
इसी वजह से पीएम केयर्स फंड को सूचना के अधिकार अधिनियम यानी RTI के दायरे से बाहर बताया गया है। हालांकि, फंड की पारदर्शिता और RTI के दायरे को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है।
फंड का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG द्वारा नहीं किया जाता। इसके बजाय एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा इसका ऑडिट किया जाता है।
2. अगले साल महंगा हो सकता है खाना-पीना, वैश्विक महंगाई बढ़ने की रिपोर्ट

मुख्य बिंदु
- रिपोर्ट में 2027 की पहली छमाही में वैश्विक खाद्य महंगाई 5% तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।
- कमजोर मानसून और ईरान-अमेरिका संघर्ष से तेल की कीमतें बढ़ने का खतरा बताया गया है।
- महंगे खाद्य और उर्वरक से भारत में किसानों और सरकार दोनों पर दबाव बढ़ सकता है।
दुनियाभर में आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव बढ़ सकता है। अमेरिकी वित्तीय सेवा कंपनी जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट में 2027 की पहली छमाही में वैश्विक स्तर पर खाद्य महंगाई के करीब 5 प्रतिशत तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। 2026 की पहली छमाही में यह आंकड़ा करीब 2.8 प्रतिशत था।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के लिए यह स्थिति अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था में कृषि की बड़ी भूमिका है। कमजोर मानसून का असर फसलों की पैदावार पर पड़ सकता है। इसके अलावा ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है।
तेल की कीमत बढ़ने का असर परिवहन से लेकर खेती की लागत तक पड़ सकता है। वहीं, महंगे उर्वरक भी किसानों की लागत बढ़ा सकते हैं।
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि यदि खाद्य महंगाई बढ़ती है तो भारत सरकार पर सब्सिडी का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। अनुमान के अनुसार यह बोझ करीब 3 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।
3. भाजपा ने विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी बनाया, जगदीश ईश्वरभाई पटेल सह-प्रभारी

मुख्य बिंदु
- भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज कर दिया है।
- विनोद तावड़े को यूपी का नया प्रदेश प्रभारी बनाया गया है।
- जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी और सतीश पूनिया को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है।
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का ऐलान किया।
भाजपा ने विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं जगदीश ईश्वरभाई पटेल को यूपी में सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी और तरुण चुग को गुजरात की जिम्मेदारी सौंपी गई है। तीनों राज्यों में अगले वर्ष चुनाव होने हैं।
विनोद तावड़े को भाजपा के चुनावी प्रबंधन में अनुभवी नेता माना जाता है। पार्टी संगठन और चुनावी रणनीति में उनकी भूमिका को देखते हुए उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की जिम्मेदारी अहम मानी जा रही है।
4. प्रयागराज में जलभराव पर हाईकोर्ट सख्त, डीएम और नगर आयुक्त तलब
मुख्य बिंदु
- भारी बारिश के बाद प्रयागराज समेत यूपी के कई शहरों में जलभराव की स्थिति बनी।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज में जलभराव को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा।
- लखीमपुर खीरी में बारिश के बाद सड़क पर जलभराव के कारण वाहन फंसने की स्थिति सामने आई।
उत्तर प्रदेश में मंगलवार को लखनऊ, प्रयागराज और प्रतापगढ़ समेत करीब 60 शहरों में बारिश हुई। कई इलाकों में भारी जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के चलते अदालत पहुंचने वाले जजों और वकीलों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रयागराज में जलभराव के मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष वर्मा और नगर आयुक्त सीलम साई तेजा को तलब किया।
अदालत ने अधिकारियों से पूछा कि शहर में जलभराव रोकने के लिए क्या व्यवस्था और कार्ययोजना तैयार की गई है। कोर्ट ने नगर विकास विभाग के सचिव से भी हलफनामा दाखिल करने को कहा।
बारिश के बाद प्रयागराज के कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं और घरों में भी पानी घुसने की शिकायत सामने आई। वहीं लखीमपुर खीरी में भी जलभराव के कारण सड़क पर वाहन फंसने का मामला सामने आया।
5. ट्रंप ने होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र बताया, ईरान ने जताई आपत्ति
![]()
मुख्य बिंदु
- डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर विवादित नक्शा पोस्ट किया।
- नक्शे में होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री क्षेत्र को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दिखाया गया।
- ईरान ने ट्रंप के दावे को गलतफहमी बताया और इसका विरोध किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताते हुए सोशल मीडिया पर एक नक्शा पोस्ट किया। नक्शे में होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दर्शाया गया था। इसमें ईरान, ओमान और यूएई के हिस्से भी नजर आ रहे थे।
ट्रंप की इस पोस्ट के बाद ईरान की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताए जाने के दावे पर आपत्ति जताई।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है। इसके जरिए वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र को लेकर किसी भी राजनीतिक या सैन्य बयान का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक असर पड़ सकता है।
6. 12 साल बाद पहली बार किसी खिलाड़ी को खेल रत्न नहीं, 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार

मुख्य बिंदु
- राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 में 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया।
- चयनित खिलाड़ियों में शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख, एथलीट तेजस्विन शंकर और बैडमिंटन खिलाड़ी गायत्री गोपीचंद व तृषा जॉली शामिल हैं।
- रिपोर्ट के अनुसार, 12 साल में पहली बार किसी खिलाड़ी को खेल रत्न पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया।
खेल मंत्रालय ने मंगलवार को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 का ऐलान किया। इस बार कुल 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। चयनित खिलाड़ियों में शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख, विदित गुजराती, एथलीट तेजस्विन शंकर तथा बैडमिंटन खिलाड़ी गायत्री गोपीचंद और तृषा जॉली जैसे नाम शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 12 साल बाद ऐसा हुआ है जब किसी खिलाड़ी को देश के सर्वोच्च खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया।
हालांकि, पेरिस ओलंपिक में भारत ने छह पदक जीते थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओलंपिक पदक विजेताओं से मुलाकात भी की थी। इसके बावजूद इस बार खेल रत्न के लिए किसी खिलाड़ी का चयन नहीं हुआ।
अर्जुन पुरस्कार के लिए चुने गए खिलाड़ियों में अलग-अलग खेलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल हैं, जिससे देश में खेलों के बढ़ते दायरे और नई प्रतिभाओं को मिलने वाली पहचान का संकेत मिलता है।
7. सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट टेंडर मामले में सत्येंद्र जैन फिर गिरफ्तार, छह लोगों पर कार्रवाई
मुख्य बिंदु
- दिल्ली ACB ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर में कथित गड़बड़ी के मामले में सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया।
- दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय पर 1.52 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेने का आरोप है।
- ACB का आरोप है कि कथित अनियमितताओं से एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया गया।
दिल्ली के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े टेंडर में कथित गड़बड़ी के मामले में दिल्ली के एंटी करप्शन ब्यूरो यानी ACB ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
मामला दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े एक टेंडर से संबंधित बताया जा रहा है। जांच एजेंसी के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के जरिए एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया गया।
इस मामले में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय की भी गिरफ्तारी हुई है। उन पर करीब 1.52 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है।
सत्येंद्र जैन इससे पहले भी भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में जांच और गिरफ्तारी का सामना कर चुके हैं। ताजा मामले में ACB टेंडर प्रक्रिया, कथित रिश्वत और निजी कंपनी को हुए लाभ के संबंध में जांच कर रही है।



















