AIN NEWS 1 पटना: बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को BPSC TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों का आंदोलन अचानक चर्चा में आ गया। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच डाकबंगला चौराहे के आसपास तनाव की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसी दौरान एक प्रदर्शनकारी पानी की तेज बौछार के बीच शैंपू लगाकर नहाता दिखाई दिया। इस दृश्य का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं।

वाटर कैनन के सामने नहीं हटे प्रदर्शनकारी
रिपोर्टों के मुताबिक, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे थे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेडिंग को पार करने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
वाटर कैनन की तेज धार के कारण सड़क पर मौजूद प्रदर्शनकारी पूरी तरह भीग गए। इसी दौरान एक छात्र ने विरोध के अंदाज को ही अलग रूप दे दिया। वह पानी की बौछार के बीच शैंपू लगाकर बाल धोता नजर आया। देखते ही देखते यह दृश्य प्रदर्शन का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया। कई रिपोर्टों ने इसे पानी की बौछार के बीच ‘रेन डांस’ या शैंपू से नहाने वाले अनोखे विरोध के रूप में बताया है।
हालांकि, इस दृश्य को पूरे आंदोलन की प्रकृति नहीं माना जाना चाहिए। यह प्रदर्शन के दौरान सामने आया एक खास और व्यंग्यात्मक दृश्य था।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हुई झड़प
मामला केवल वाटर कैनन तक सीमित नहीं रहा। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की तथा झड़प की स्थिति भी बनी। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। पत्थरबाजी के दौरान पुलिस अधिकारी के घायल होने की भी खबर सामने आई है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के दौरान दो पुलिसकर्मियों के घायल होने और करीब 25 छात्रों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। वहीं अलग-अलग रिपोर्टों में प्रदर्शन के दौरान छात्रों के घायल होने की भी बात कही गई है।
इस घटनाक्रम ने बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों को लेकर चल रहे असंतोष को एक बार फिर सामने ला दिया है।
आखिर क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं TRE-4 अभ्यर्थी?
यह आंदोलन BPSC TRE-4 यानी शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 के अभ्यर्थियों की मांगों से जुड़ा है। अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव और भर्ती से संबंधित कई मुद्दों पर सरकार तथा BPSC से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में एक चरण में परीक्षा कराना, निगेटिव मार्किंग खत्म करना, डोमिसाइल नीति में बदलाव और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने जैसी मांगें शामिल हैं। कुछ अभ्यर्थी सामान्यीकरण प्रक्रिया और आयु सीमा से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी आपत्ति जता रहे हैं।
दूसरी ओर, BPSC के परीक्षा कैलेंडर में TRE-4 भर्ती परीक्षा के लिए 46,595 रिक्तियां दर्ज हैं। आयोग के आधिकारिक परीक्षा कैलेंडर में TRE-4 की परीक्षा की तारीख 22 सितंबर 2026 दी गई है।
यानी अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा केवल एक सामान्य प्रतियोगी परीक्षा नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं के रोजगार और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है।
आंदोलन के बीच चिराग पासवान की एंट्री
प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी अभ्यर्थियों से मुलाकात की। उन्होंने प्रदर्शनकारी TRE-4 अभ्यर्थियों की बात सुनी और उनका 15 सूत्रीय ज्ञापन लिया।
चिराग पासवान ने छात्रों की समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर अभ्यर्थियों की मांगों पर चर्चा की।
इस घटनाक्रम के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होती दिखाई दीं।
सरकार का क्या कहना है?
बिहार सरकार की ओर से छात्रों की शिकायतों पर बातचीत और समाधान का रास्ता निकालने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों की समस्याओं को सुनने के लिए राज्यभर में हर महीने ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ आयोजित करने की घोषणा की है। इसके साथ ही शिकायतों के लिए ऑनलाइन पोर्टल और हेल्पलाइन की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है।
वहीं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की ओर से यह कहा गया है कि जिन मुद्दों को लेकर TRE-4 अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे थे, उनमें से कई पर सरकार की ओर से समाधान किया जा चुका है। हालांकि, अभ्यर्थियों की सभी प्रमुख मांगों पर अंतिम सहमति बनने की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
BPSC विवाद का व्यापक संदर्भ
पटना में चल रहा छात्र आंदोलन केवल TRE-4 तक सीमित नहीं है। इसी समय 70वीं BPSC परीक्षा से जुड़े विवाद को लेकर भी अलग-अलग छात्र समूह प्रदर्शन कर रहे हैं। कुछ प्रदर्शनकारी 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं और परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठा रहे हैं। 25 अगस्त को ऐसे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था।
इसी वजह से पटना में चल रहे अलग-अलग छात्र आंदोलनों को एक ही आंदोलन समझना सही नहीं होगा। TRE-4 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों की मांगें अलग हैं, जबकि 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर प्रदर्शन का मुद्दा अलग है।
वायरल वीडियो ने खींचा सबका ध्यान
पुलिस कार्रवाई के दौरान शैंपू से नहाते छात्र का वीडियो इसलिए चर्चा में आया क्योंकि आमतौर पर वाटर कैनन के सामने प्रदर्शनकारी पीछे हटने की कोशिश करते हैं। यहां एक प्रदर्शनकारी ने उलटे पानी की बौछार को ही नहाने के लिए इस्तेमाल कर लिया।
इस दृश्य को कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों के हौसले और व्यंग्यात्मक विरोध के रूप में देखा, जबकि पूरे घटनाक्रम का दूसरा पहलू पुलिस और छात्रों के बीच बढ़ता तनाव रहा। इसलिए वायरल वीडियो को पूरे विवाद की तस्वीर के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
आगे क्या होगा?
फिलहाल TRE-4 अभ्यर्थियों और सरकार के बीच बातचीत का रास्ता खुला हुआ है। चिराग पासवान द्वारा छात्रों की मांगें मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के बाद उम्मीद है कि कुछ मुद्दों पर आगे बातचीत हो सकती है। लेकिन परीक्षा पैटर्न, निगेटिव मार्किंग और अन्य प्रमुख मांगों पर अंतिम फैसला क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
BPSC के आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार TRE-4 परीक्षा सितंबर 2026 में प्रस्तावित है। ऐसे में अभ्यर्थियों के पास अब आंदोलन के साथ-साथ परीक्षा से जुड़े अंतिम निर्णय का इंतजार करने का भी दबाव है।
कुल मिलाकर, पटना में 25 अगस्त का प्रदर्शन बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर युवाओं की बेचैनी का एक और बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया। वाटर कैनन, पुलिस कार्रवाई और उसके बीच शैंपू से नहाते छात्र का दृश्य जरूर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वायरल हुआ, लेकिन इस पूरे मामले की असली वजह TRE-4 परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों की कई मांगें और भर्ती प्रक्रिया को लेकर उनकी नाराजगी है। आने वाले दिनों में सरकार और BPSC इन मांगों पर क्या फैसला लेते हैं, इस पर हजारों अभ्यर्थियों की नजर बनी हुई है।
नोट: इस रिपोर्ट में TRE-4 आंदोलन और 70वीं BPSC परीक्षा से जुड़े अलग-अलग प्रदर्शनों को अलग रखा गया है, ताकि पाठकों को घटनाक्रम की सही और स्पष्ट जानकारी मिल सके। उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर शैंपू से नहाने वाला दृश्य 25 अगस्त के पटना प्रदर्शन के दौरान सामने आया था।
The BPSC TRE-4 Protest in Patna on August 25, 2026, drew attention after police used water cannons and lathi-charge during a demonstration by Bihar teacher recruitment aspirants. A student taking a shampoo bath under the water cannon became a viral moment on social media. The protesters are demanding changes in the BPSC TRE-4 examination process, including a single-stage exam, removal of negative marking, domicile-related reforms and greater transparency in teacher recruitment. Union Minister Chirag Paswan has also met the protesting candidates and taken their memorandum to the Bihar Chief Minister. The BPSC TRE-4 recruitment remains a major issue for thousands of government job aspirants in Bihar.



















