Taj Mahal Mahashivratri Puja: Woman Performs Shiva Worship, Video Goes Viral
महाशिवरात्रि पर ताजमहल में शिव पूजा: महिला ने किया जलाभिषेक, वीडियो हुआ वायरल
AIN NEWS 1: महाशिवरात्रि के अवसर पर ताजमहल में एक बार फिर शिवलिंग रखकर पूजा की गई। इस बार अखिल भारत हिंदू महासभा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने ताजमहल के अंदर शिवलिंग रखकर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की। उन्होंने महाकुंभ से लाया गया गंगाजल चढ़ाया और मंत्रोच्चारण के साथ धूपबत्ती जलाकर महादेव की आराधना की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे यह मामला चर्चा में आ गया है।
ताजमहल में शिव पूजा: क्या हुआ?
बुधवार सुबह करीब 10 बजे मीरा राठौर ताजमहल पहुंचीं। उनके साथ गंगाजल की बोतल और पूजन सामग्री थी। वह अपने साथ एक छोटा सा शिवलिंग भी लाई थीं। ताजमहल के अंदर उन्होंने शिवलिंग को रखा और महाकुंभ से लाए गए गंगाजल से जलाभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने धूपबत्ती जलाकर पूजा की और ‘बम-बम भोले’ व ‘जय शिव शंकर’ के जयकारे लगाए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में मीरा राठौर को ताजमहल के अंदर पूजा करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो के वायरल होते ही इस पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ ने इस पर सवाल उठाए हैं।
ताजमहल में पूजा पर विवाद और इससे पहले की घटनाएं
ताजमहल को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। कुछ हिंदू संगठनों का मानना है कि ताजमहल असल में एक प्राचीन शिव मंदिर ‘तेजो महालय’ था, जिसे मुगल बादशाह शाहजहां ने ताजमहल के रूप में परिवर्तित कर दिया। हालांकि, इस दावे के कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं। इससे पहले भी कई बार ताजमहल में शिव पूजा करने के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन हर बार यह मामला विवादों में घिर जाता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
ताजमहल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन है, और इसके अंदर किसी भी धार्मिक अनुष्ठान की अनुमति नहीं है। इस घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न दोहराई जाएं।
महाशिवरात्रि और हिंदू संगठनों की सक्रियता
महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है, जिसे भगवान शिव और देवी पार्वती के विवाह के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु शिव मंदिरों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करते हैं। कुछ हिंदू संगठन लंबे समय से ताजमहल को ‘तेजो महालय’ घोषित करने की मांग कर रहे हैं और यहां नियमित पूजा की अनुमति देने की अपील कर रहे हैं।
क्या ताजमहल में पूजा की अनुमति मिल सकती है?
फिलहाल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, ताजमहल के अंदर कोई भी धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति नहीं है। हालांकि, अतीत में कई बार ऐसी मांगें उठ चुकी हैं कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों को वहां अपनी-अपनी धार्मिक आस्थाओं के अनुसार पूजन या इबादत करने की अनुमति दी जाए।
महाशिवरात्रि के अवसर पर ताजमहल में हुई शिव पूजा का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। जहां कुछ लोग इसे आस्था का विषय मान रहे हैं, वहीं प्रशासन इसे नियमों के उल्लंघन के रूप में देख रहा है। ताजमहल में पूजा की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने हर बार इस पर सख्त रुख अपनाया है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
On the occasion of Mahashivratri, a woman performed Shiva Puja inside the Taj Mahal, offering Gangajal from Kumbh and worshiping a Shivling. The viral video of the incident has sparked discussions about religious practices in the Taj Mahal. The Akhil Bharat Hindu Mahasabha claims that the Taj Mahal was originally Tejo Mahalaya, a Hindu temple. This incident has raised debates about whether religious rituals should be allowed in historical monuments. The ASI regulations prohibit religious ceremonies inside the Taj Mahal, and authorities are investigating the matter.