Ainnews1.com: बताते चले देश को कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल दिलाने वाले अंश कौशिक भी लखनऊ के लेवाना होटल में ही रुके हुए थे. उनका फायर ब्रिगेड द्वारा रेस्क्यू कर सिविल अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उनके स्वास्थ का जायजा लिया. गौरतलब है कि सोमवार को लखनऊ के हजरतगंज इलाके में मदन मोहन मालवीय मार्ग पर स्थित लेवाना होटल में जो आग लगने से अभी तक 4 लोगों ने जान गवा चुके है. मरने वालों में एक कपल भी था जिसकी हाल ही में सगाई हुई थी. और शादी होने वाली थी. प्रशासन ने होटल को अब सील कर दिया है.लेवाना होटल में हुए भीषण अग्निकांड मामले में लगभग दर्जनभर लोगों के जख्मी होने की जानकारी हैं. वहीं 4 लोगों की इस भीषण अग्निकांड से अब तक मौत हो चुकी है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में होटल अग्निकांड में भर्ती हुए मरीजों से मिलने तत्काल पहुंचे और इसी दौरान उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने वाले अंश कौशिक से भी मुलाकात की.अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अंश कौशिक भी उस वक्त लेवाना होटल में ही ठहरे हुए थे, जब वहा आग लगी थी. वो होटल में ही थे,जिसके बाद उन्हें फायर ब्रिगेड द्वारा रेस्क्यू कर लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया जहां भर्ती हुए मरीजों से सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात की.
मिली जानकारी के मुताबिक,खिलाड़ी अंश कौशिक ने 2010 से अब तक 10 राष्ट्रीय स्तर पर चैंपियनशिप में भाग लिया है. इनमें से 7 में गोल्ड और 3 में सिल्वर पदक विजेता भी रहे हैं. इसके अलावा 2019 के कामनवेल्थ गेम्स में भी उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था और देश को गोल्ड मेडल दिलाया था. इतना ही नहीं, विगत मई 2022 में हुई आइजीएफ गोल्ड गेम्स में भी उन्होंने गोल्ड जीता है. वहीं श्याम प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल के निदेशक आनंद ओझा ने बताया कि 35 वर्षीय अंश कौशिकी की हालत फिलहाल सामान्य एवं स्थिर है और वह अब खतरे से बाहर हैं.ध्यान देने वाली बात ये है कि लेवाना होटल को एलडीए की तरफ से अभी तक कुल 4 नोटिस मिले चुके हैं. होटल ने नोटिस के मामले में जवाब देने और उसपर काम करने की बजाय मामला रफा-दफा करने की पूरी कोशिश की. बताया जा रहा है कि होटल मालिक ने चार मंजिला लेवाना होटल का नक्शा तक भी पास नहीं कराया था. मंडलायुक्त ने इस संबंध में तत्काल होटल को सील करने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने का अपना निर्देश दिया है. होटल का नक्शा पास हुए बिना होटल का संचालन कराने में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.