Delhi AAP Faces ₹145 Crore Scam Allegation in Pratibha Vikas Yojana, LG Orders ACB Probe
दिल्ली में ‘प्रतिभा विकास योजना’ में 145 करोड़ का घोटाला? AAP पर गंभीर आरोप, LG ने दिए ACB जांच के आदेश
AIN NEWS 1: दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) पर एक बार फिर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। इस बार मामला जुड़ा है ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ से, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 145 करोड़ रुपये के घोटाले का दावा किया है। यह योजना बाबा साहेब आंबेडकर के नाम पर चलाई गई थी, जिसका उद्देश्य दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों को कोचिंग के लिए वित्तीय सहायता देना था।
मामला क्या है?
भाजपा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह आरोप लगाया कि कोरोना काल के दौरान AAP सरकार ने ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ के तहत बड़े पैमाने पर फर्जी बिलों के माध्यम से धन का गबन किया। बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले को सामने लाते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना से जांच की सिफारिश की। LG ने मामले को गंभीर मानते हुए भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) को जांच के आदेश दे दिए हैं।
रेखा गुप्ता का बयान
रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “वर्ष 2020-21 में AAP सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। योजना का बजट केवल 15 करोड़ रुपए था, लेकिन 145 करोड़ रुपए के फर्जी बिल तैयार कर भुगतान की कोशिश की गई। आप ने दलितों के नाम पर राजनीति की और उनके बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया।”
योजना का उद्देश्य
‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ की शुरुआत 2018 में हुई थी। इसका उद्देश्य था कि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान की जाए।
भाजपा नेताओं के आरोप
दिल्ली सरकार में शिक्षा मंत्री आशीष सूद और SC/ST कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने प्रेस से बातचीत में आरोप लगाया कि:
2018 में योजना के तहत 4900 छात्रों को कोचिंग देने की योजना थी।
2019 में यह संख्या घटकर 2071 रह गई।
लेकिन कोविड काल में जब लाखों परिवार आर्थिक तंगी झेल रहे थे, तब आप सरकार ने कोचिंग संस्थानों से मिलकर बड़ा घोटाला कर डाला।
कोर्ट के जरिए कराया भुगतान
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि कोचिंग संस्थानों के असली बिल लगभग 15 करोड़ रुपये के होने चाहिए थे। लेकिन जुलाई 2021 से अगस्त 2022 के बीच प्राइवेट कोचिंग संस्थानों ने 145 करोड़ रुपये का बिल प्रस्तुत किया।
AAP सरकार ने इन बिलों का भुगतान सीधे न करते हुए उन्हें अदालत के माध्यम से करवाया। अदालत के आदेश के बाद इन कोचिंग संस्थानों को भारी रकम का भुगतान हुआ।
आंकड़ों में हेराफेरी
भाजपा का दावा है कि जिन छात्रों को कोचिंग देने की बात कही गई, उनकी संख्या भी फर्जी है। कोचिंग संस्थानों की सूची में 13,000 छात्रों के नाम दर्ज थे, लेकिन सरकारी जांच में केवल 3,000 छात्र ही पात्र पाए गए। मंत्री रविंद्र सिंह का आरोप है कि इस घोटाले में करीब 35 प्राइवेट कोचिंग संस्थान शामिल हैं, जिनके पास 100 छात्रों की भी पूरी जानकारी नहीं है।
शराब नीति घोटाले की भी चर्चा
यह घोटाला ऐसे समय पर सामने आया है जब AAP पहले से ही दिल्ली की शराब नीति को लेकर विवादों में घिरी हुई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021-22 में शराब नीति के जरिए AAP ने शराब व्यापारियों से 100 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। इस रकम का उपयोग पार्टी ने गोवा विधानसभा चुनाव में किया।
CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले की जांच कर रहे हैं। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन इस केस में गिरफ्तार भी हो चुके हैं। हालांकि, चारों नेता अब जमानत पर बाहर हैं।
जेल गए थे ये बड़े नेता
नेता का नाम गिरफ्तारी की तारीख जमानत की तारीख जेल में बिताए दिन
अरविंद केजरीवाल 21 मार्च 2024 13 सितंबर 2024 177 दिन
संजय सिंह 4 अक्टूबर 2023 3 अप्रैल 2024 181 दिन
मनीष सिसोदिया 26 फरवरी 2023 9 अगस्त 2024 510 दिन
सत्येंद्र जैन 30 मई 2022 18 अक्टूबर 2024 872 दिन
भाजपा के इन आरोपों के बाद आम आदमी पार्टी के खिलाफ राजनीतिक माहौल फिर से गरमा गया है। एलजी द्वारा ACB को जांच सौंपने से मामला अब कानूनी प्रक्रिया में चला गया है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह AAP की छवि और भविष्य की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकता है। साथ ही, यह घोटाला देश में गरीब और दलित वर्ग के लिए चलाई जा रही योजनाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।
The Aam Aadmi Party (AAP) is facing fresh corruption allegations as BJP claims a ₹145 crore scam in the Jai Bhim Mukhyamantri Pratibha Vikas Yojana. During the COVID-19 period, the scheme — meant to offer free coaching to SC/ST students — allegedly saw massive fund misuse. Delhi LG VK Saxena has ordered an ACB probe into the matter. This comes while AAP is already battling serious charges in the Delhi liquor policy scam. Keywords: AAP scam, Pratibha Vikas Yojana, COVID fund misuse, ACB probe, Delhi corruption.



















