Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

श्रावण शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा 2025 के अंतिम दिन हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब!

spot_img

Date:

Haridwar Devotees Gather for Holy Dip on Shravan Shivratri and Kanwar Yatra 2025 Conclusion

 

AIN NEWS 1: श्रावण मास का पवित्र पर्व शिवरात्रि जब कांवड़ यात्रा के समापन से जुड़ जाए, तो हरिद्वार में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। सोमवार, 21 जुलाई 2025 को हरिद्वार में ऐसा ही अलौकिक नजारा देखने को मिला, जब श्रावण शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र डुबकी लगाई।

हर ओर हर-हर महादेव के जयघोष गूंज रहे थे। सिर पर गंगाजल से भरी कांवड़ लेकर दूर-दराज से आए भक्त, धर्मनगरी हरिद्वार की सड़कों और घाटों पर आस्था में लीन नजर आए। यह केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव था जिसे शब्दों में पिरोना कठिन है।

आस्था का महासंगम

हरिद्वार के हर की पौड़ी, ब्रह्मकुंड, सप्तऋषि घाट और अन्य प्रमुख घाटों पर अलसुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। लोग गंगा स्नान कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना में जुट गए। कुछ भक्त कांवड़ लेकर लंबी यात्रा तय कर हरिद्वार पहुंचे थे, वहीं कुछ स्थानीय श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में घाटों पर पहुंचे।

इस बार की श्रावण शिवरात्रि विशेष मानी जा रही थी क्योंकि यह कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन के साथ संयोग बनाकर आई। ऐसे अवसर पर हरिद्वार में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और स्वयंसेवी संगठन दिन-रात व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे।

भक्तों की भावनाएं

दिल्ली से आए 25 वर्षीय कांवड़िया संजय ने कहा, “हर साल आता हूं, लेकिन इस बार का अनुभव कुछ और ही था। श्रावण शिवरात्रि के दिन गंगाजल लेकर शिवलिंग पर चढ़ाना जीवन का सौभाग्य है।” वहीं मेरठ से आई श्रद्धालु कविता देवी ने बताया, “गंगा मैया की गोद में स्नान करना आत्मा को शुद्ध कर देता है। यह एहसास शब्दों से परे है।”

व्यवस्था रही चाकचौबंद

भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग की थी। भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिसकर्मी घाटों, मुख्य मार्गों और शिविर स्थलों पर तैनात थे। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी चौकस रहीं और मोबाइल मेडिकल वैन के साथ एम्बुलेंस की भी व्यवस्था थी।

नगर निगम द्वारा घाटों की सफाई और सैनिटाइजेशन की विशेष व्यवस्था की गई थी। स्वयंसेवी संस्थाएं श्रद्धालुओं को भोजन, जल और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध करवा रही थीं। जगह-जगह लंगर लगे थे, जहाँ प्रसाद के रूप में खिचड़ी, फल और जल वितरित किया गया।

धार्मिक उत्सव, सामाजिक समरसता

हरिद्वार न केवल धार्मिक गतिविधियों का केंद्र है, बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बनता जा रहा है। कांवड़ यात्रा और श्रावण शिवरात्रि जैसे पर्वों के दौरान सभी धर्मों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर कार्य करते हैं। दुकानदार, होटल व्यवसायी, स्थानीय निवासी और प्रशासन – सभी इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान देते हैं।

श्रद्धा और ऊर्जा का अनुभव

पूरे शहर में एक दिव्य ऊर्जा महसूस की जा सकती थी। भक्ति गीतों, ढोल-नगाड़ों और शिवभक्तों के नारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। भक्त अपने सिर पर भगवान शिव का प्रिय गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ते नजर आए।

गंगाजल लेने के बाद अनेक भक्त वापस अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए, जहाँ वे शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे। कुछ भक्त हरिद्वार में ही शिवरात्रि की रात को जागरण और रात्रि पूजन के लिए रुके रहे।

 डिजिटल युग में आस्था

इस वर्ष खास बात यह भी रही कि कई भक्तों ने सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव वीडियो और तस्वीरें साझा कीं। #Haridwar, #KanwarYatra2025, #ShravanShivratri जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे थे। इससे यह पवित्र आयोजन न केवल भारत में बल्कि विदेशों तक भी अपनी आध्यात्मिक शक्ति का संदेश पहुँचा सका।

श्रावण शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा का समापन हरिद्वार में एक दिव्य आयोजन के रूप में सामने आया। श्रद्धा, सेवा, समर्पण और अनुशासन का यह संगम न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी एक प्रेरणा देता है। यह पर्व भारत की आध्यात्मिक परंपराओं की गहराई को दर्शाता है, जिसमें हर वर्ग और आयु के लोग समान आस्था के साथ भाग लेते हैं।

अगर आपको यह लेख पसंद आया हो और आप चाहते हैं कि ऐसी आस्था भरी खबरें और भावनाओं से जुड़ी रिपोर्टिंग आपके पास आसान और स्पष्ट भाषा में पहुंचे, तो हमारे साथ जुड़े रहें।

On the auspicious occasion of Shravan Shivratri and the final day of the Kanwar Yatra 2025, a large number of devotees gathered in Haridwar to take a holy dip in the sacred Ganga River. The city echoed with chants of “Har Har Mahadev” as thousands offered prayers, performed rituals, and celebrated the divine energy of Lord Shiva. The event saw a massive turnout, symbolizing unwavering devotion and spiritual unity during one of Hinduism’s most sacred months.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
28.8 ° C
28.8 °
28.8 °
10 %
3.1kmh
0 %
Wed
29 °
Thu
32 °
Fri
33 °
Sat
34 °
Sun
34 °
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 2 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
03:51:39
Video thumbnail
भगवाधारी योगी की दहाड़ सुन दंग रह गये Singapore वाले, गूंजने लगा जय… जय श्रीराम !
30:14
Video thumbnail
Journalist claims he was lured with money to frame Avimukteshwaranand in fake POCSO thru daughters
02:58
Video thumbnail
‘नंगी और गंदी राजनीति करती है कांग्रेस पूरा देश जानता है’,Modi ने Meerut से विरोधियों को जमकर धोया !
09:41
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 1 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
03:26:46
Video thumbnail
सदन में हंस-हंसकर Raja Bhaiya ने जो बोला सुनकर पूरा विधानसभा दंग रह गया! Yogi
08:15
Video thumbnail
रमजान के बीच अचानक Yogi ने बोल दी बड़ी बात, सुनकर बंद हो गई विपक्ष की बोलती ! Yogi Speech
08:55
Video thumbnail
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, "...फर्जी मुकदमा जो दायर किया गया है उसकी सच्चाई सामने आएगी
01:01
Video thumbnail
रौद्र रूप में थे Modi अचानक बीच में टोक पड़े विरोधी सांसद, फिर ऐसी उधेड़ी बखियां, विपक्ष हैरान!
13:31
Video thumbnail
LIVE: PM Modi ने Bharat Mandapam में आयोजित नेताओं के पूर्ण सत्र और कार्य भोज में भाग लिया
22:04

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related