spot_imgspot_img

थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद: हवाई हमलों से बढ़ा तनाव, अंतरराष्ट्रीय चिंता तेज!

spot_img

Date:

Thailand-Cambodia Conflict Escalates: Airstrikes Hit Disputed Border Areas

थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद: हवाई हमलों से बढ़ा तनाव, अंतरराष्ट्रीय चिंता तेज

AIN NEWS 1 : बैंकॉक/नोम पेन्ह, दक्षिण-पूर्व एशिया के दो पड़ोसी देशों थाईलैंड और कंबोडिया के बीच लंबे समय से चला आ रहा सीमा विवाद गुरुवार सुबह एक बार फिर हिंसक रूप ले गया। विवादित सीमा क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने के बाद थाईलैंड की सेना ने कंबोडिया के दो सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है।

सीमा विवाद की पुरानी जड़ें

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद नया नहीं है। दशकों से चले आ रहे इस विवाद की जड़ें उन क्षेत्रों से जुड़ी हैं, जो ऐतिहासिक रूप से सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। विशेष रूप से प्रेह विहार मंदिर के आसपास का क्षेत्र दोनों देशों के बीच संघर्ष का मुख्य केंद्र रहा है। अंतरराष्ट्रीय अदालत (ICJ) ने 1962 में इस मंदिर को कंबोडिया का हिस्सा माना था, लेकिन इसके आसपास का इलाका आज तक विवादित बना हुआ है।

गुरुवार सुबह का घटनाक्रम

गुरुवार तड़के विवादित क्षेत्र में तनाव अचानक बढ़ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के सीमा सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पें हुईं। इन झड़पों के दौरान गोलीबारी और बमबारी की आवाजें सुनी गईं। इसके बाद थाईलैंड सेना ने कंबोडिया के दो सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए।

कंबोडिया ने इस हमले को अपनी राष्ट्रीय अखंडता का उल्लंघन करार दिया और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया। कंबोडियाई सरकार ने तत्काल संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।

कंबोडिया की प्रतिक्रिया

कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “थाईलैंड ने हमारी संप्रभुता पर हमला किया है। यह हमारी राष्ट्रीय अखंडता के खिलाफ सीधा हमला है और हम इस पर कड़ा जवाब देने के लिए बाध्य हैं।”

कंबोडिया के प्रधानमंत्री ने अपने विशेष संबोधन में कहा कि उनकी सरकार किसी भी कीमत पर अपनी जमीन और अपनी जनता की सुरक्षा करेगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर थाईलैंड अपनी आक्रामक कार्रवाई नहीं रोकता, तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

थाईलैंड का पक्ष

दूसरी तरफ थाईलैंड ने अपने बचाव में कहा कि उसने यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की। थाईलैंड के रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, कंबोडिया की ओर से पहले गोलीबारी की गई, जिसके जवाब में थाईलैंड को मजबूरी में सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी।

थाईलैंड सरकार ने यह भी दावा किया कि उनकी सेना केवल उन ठिकानों को निशाना बना रही है, जहां से उनकी सीमा पर हमला किया गया।

सीमा क्षेत्र में लोगों पर असर

इन हमलों के बाद सीमा पर रहने वाले लोगों में भारी डर का माहौल है। स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। स्कूल, बाजार और अन्य संस्थान बंद कर दिए गए हैं। दोनों देशों के सीमा क्षेत्रों से सैकड़ों लोग विस्थापित हो गए हैं।

एक स्थानीय व्यक्ति ने मीडिया से कहा, “हमने पहले भी इस तरह के संघर्ष देखे हैं, लेकिन इस बार हवाई हमलों ने सब कुछ बदल दिया। लोग डरे हुए हैं और अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं।”

अंतरराष्ट्रीय चिंता

इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र, आसियान (ASEAN) और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान खोजने की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष केवल दोनों देशों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है।

पुराना संघर्ष, नया मोड़

यह पहला मौका नहीं है जब थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हिंसा हुई हो। इससे पहले 2011 में भी इसी तरह के संघर्ष में दोनों ओर से जान-माल का नुकसान हुआ था। हालांकि, इस बार हवाई हमलों का इस्तेमाल यह संकेत देता है कि स्थिति पहले से कहीं ज्यादा गंभीर हो चुकी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद तब तक खत्म नहीं हो सकता जब तक दोनों सरकारें एक स्थायी और आपसी समझौते पर नहीं पहुंचतीं।

शांति की उम्मीद

तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद शांति की उम्मीदें अभी भी जिंदा हैं। कई अंतरराष्ट्रीय संगठन दोनों देशों के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार हैं।

कंबोडिया और थाईलैंड के बीच एक बार फिर उच्च स्तरीय बातचीत की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

The Thailand-Cambodia conflict has escalated dramatically as the Thai military launched airstrikes on Cambodian military installations near the disputed border areas. Cambodia has condemned the attacks, calling them a serious violation of its sovereignty and appealing to the United Nations for urgent intervention. This Thailand-Cambodia border conflict poses a significant threat to regional stability in Southeast Asia, raising international concern and pushing ASEAN to consider mediation efforts.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
few clouds
29.5 ° C
29.5 °
29.5 °
66 %
4.8kmh
20 %
Thu
35 °
Fri
36 °
Sat
34 °
Sun
39 °
Mon
38 °
Video thumbnail
जंतर मंतर पर छात्रों की अदालत !
00:35
Video thumbnail
Mallikarjun Kharge : "न‍िष्‍पक्ष चर्चा तभी हो पाएगी जब धमेंद्र प्रधान का इस्‍तीफा होगा..."
00:52
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "सरकार देखना एक दिन दिल्ली बंद कर देगी..."
01:08
Video thumbnail
Yogi Adityanath : “छांगूर को हमने यहीं बलरामपुर से पकड़ा था...”
00:41
Video thumbnail
छात्रों के मुद्दे पर संसद में धरने पर बैठे Chandrashekhar Azad के साथ AAP MP Sanjay Singh
01:08
Video thumbnail
'सरकार NEET Paper Leak पर बात करने को तैयार' Monsoon Session के दौरान Kiren Rijiju ने क्या कहा?
01:07
Video thumbnail
Brij Bhushan Sharan Singh : 'छात्रों को फिर ठगा गया, मैं उनका समर्थन करता हूं'
01:29
Video thumbnail
NEET पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में विपक्षी सांसदों ने काला कपड़ा पहनकर किया प्रदर्शन
00:20
Video thumbnail
अखिलेश यादव: यह राजनीति नहीं, छात्रों और युवाओं के अधिकारों का मुद्दा है
01:16
Video thumbnail
जंतर मंतर प्रदर्शन पर बोले राजनाथ सिंह | Rajnath Singh on Jantar Mantar Protest | Paper Leak
02:12

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related