AIN NEWS 1 | मोदीनगर क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही श्रीराम कुंज कॉलोनी पर आखिरकार गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने बुलडोजर चला ही दिया। कई महीनों से इस कॉलोनी को लेकर लगातार शिकायतें आ रही थीं, लेकिन किसी न किसी कारणवश कार्रवाई टलती रही। पर जब भाजपा नेता लोकेश ढोडी ने आत्मदाह की चेतावनी दी, तो प्रशासन हरकत में आया और सोमवार को पूरी कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया गया।
कहां थी यह कॉलोनी और क्या थी समस्या?
यह अवैध कॉलोनी हापुड़ रोड के पास ग्राम रौरी की जमीन पर, मंगल विहार कॉलोनी के नजदीक बसाई जा रही थी। कॉलोनाइजर लोगों को यह कहकर प्लॉट बेच रहे थे कि यह कॉलोनी पूरी तरह वैध है। कई भोले-भाले लोगों ने इस पर भरोसा करके प्लॉट बुक भी करा लिए।
लेकिन धीरे-धीरे स्थानीय लोगों को इसकी सच्चाई समझ में आई कि यह कॉलोनी गैर-कानूनी है और इसकी कोई सरकारी मंजूरी नहीं है। इसके बाद लोगों ने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।
राजनीतिक दबाव और धमकियों का खेल
बताया जा रहा है कि कॉलोनी के पीछे राजनीतिक रसूख वाले लोगों का हाथ था। जब भी कोई इस पर आवाज उठाता, उसे धमकियां दी जातीं। ऐसे ही एक व्यक्ति थे भाजपा नेता लोकेश ढोडी, जिन्होंने खुलकर कॉलोनी के अवैध निर्माण के खिलाफ आवाज उठाई।
उन्हें भी जान से मारने की धमकियां मिलीं। इसके बावजूद उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह एलान कर दिया कि अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आत्मदाह कर लेंगे। इस चेतावनी का असर हुआ और प्रशासन को मजबूरन सख्त कदम उठाने पड़े।
पुलिस ने दर्ज किया केस, पर कार्रवाई अधूरी
लोकेश ढोडी को धमकी देने के मामले में आरोपी तुशांक जिंदल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि अभी तक उस पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। यह भी प्रशासनिक लापरवाही का संकेत है कि जहां एक तरफ बुलडोजर चलाया गया, वहीं दूसरी ओर दोषियों को अब तक बचाया जा रहा है।
सोमवार को चली बड़ी कार्रवाई: बुलडोजर और पुलिस बल तैनात
सोमवार सुबह जब GDA की टीम मौके पर पहुंची, तो भारी पुलिस बल को भी साथ लाया गया ताकि किसी प्रकार का विरोध या अव्यवस्था न हो।
कार्रवाई की शुरुआत कॉलोनी की चारदीवारी, साइट ऑफिस और अन्य निर्माणों को गिराने से हुई। बुलडोजर गरजता रहा और ईंटें मिट्टी में मिलती रहीं, लेकिन इसके साथ-साथ स्थानीय लोग राहत की सांस लेते दिखे।
स्थानीय लोगों की राय: अब नहीं होगी ठगी
कई लोगों का कहना था कि अगर यह कॉलोनी समय रहते नहीं रोकी जाती, तो सैकड़ों परिवार ठगी का शिकार हो सकते थे। कॉलोनाइजर लोगों से मोटी रकम लेकर उन्हें फर्जी दस्तावेजों के दम पर प्लॉट बेच रहे थे।
अब जब GDA ने खुद इसे गिरा दिया है, तो संभावित खरीदारों का भविष्य सुरक्षित हो गया है।
जनता का भरोसा फिर लौटा
इस कार्रवाई के बाद प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। कई लोगों ने कहा कि अगर इस तरह की कार्रवाई समय पर होती रहे, तो कोई भी व्यक्ति इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल होने की हिम्मत नहीं करेगा।
लेकिन कॉलोनाइजर पर कार्रवाई कब?
यही सवाल हर किसी की जुबान पर है। कॉलोनी तो गिरा दी गई, लेकिन जिन लोगों ने इसे बसाया, प्लॉट बेचे, और लोगों को गुमराह किया — उन पर अभी तक कोई बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।
अगर ऐसे लोगों पर सख्त सजा नहीं दी गई, तो भविष्य में ऐसे और कॉलोनाइजर कानून की आंख में धूल झोंकते रहेंगे।
जीडीए का स्पष्ट संदेश
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने इस कार्रवाई के जरिए एक कड़ा संदेश देने की कोशिश की है कि अवैध कॉलोनियों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
GDA के अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक शुरुआत है। आगे भी जहां कहीं अवैध निर्माण मिलेगा, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरी घटना से साफ होता है कि अगर प्रशासनिक इच्छाशक्ति हो, तो बड़ी से बड़ी अवैध गतिविधि पर लगाम लगाई जा सकती है। भाजपा नेता की चेतावनी से शुरू हुई यह कार्रवाई अंततः उन लोगों के लिए राहत लेकर आई जो ठगे जा सकते थे।
लेकिन अभी भी जरूरी है कि प्रशासन दोषियों पर कानूनी शिकंजा कसें, ताकि यह केवल एक प्रतीकात्मक कार्रवाई न रह जाए, बल्कि भविष्य में ऐसा दोबारा न हो।
The Ghaziabad Development Authority (GDA) has demolished the illegal Shri Ram Kunj Colony in Modinagar, following strong protests and a suicide threat by BJP leader Lokesh Dhodi. The colony was being illegally developed on rural land and sold under the false promise of legality. This move, supported by heavy police presence and public approval, highlighted the issue of political protection and restored public trust in the GDA’s commitment to act against illegal construction in Ghaziabad.


















