नमस्कार,
कल की बड़ी खबर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने से जुड़ी रही। दूसरी बड़ी खबर रेप केस में क्रिकेटर यथ दयाल की गिरफ्तारी को लेकर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई पर रही।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।
2. दिल्ली में INDIA ब्लॉक के नेताओं की डिनर मीटिंग होगी। इसमें बिहार में हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा होगी।
3. नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई होगी।
कल की बड़ी खबरें:
भारत पर अमेरिका का दोहरा टैरिफ हमला: ट्रम्प ने लगाया कुल 50% आयात शुल्क, भारत ने बताया अन्यायपूर्ण

ट्रम्प ने भारत पर फिर से 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का आदेश दिया, 27 अगस्त से लागू होगा
पहले ही 30 जुलाई को 25% टैरिफ का ऐलान किया जा चुका है, अब कुल टैरिफ 50% हो गया
भारत ने अमेरिकी फैसले को गलत, अन्यायपूर्ण और दुर्भाग्यपूर्ण बताया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर एक और बड़ा आर्थिक हमला करते हुए 25% का अतिरिक्त टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का ऐलान किया है। उन्होंने इससे संबंधित एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तखत कर दिए हैं, जो 27 अगस्त 2025 से लागू होगा।
इस आदेश में कहा गया है कि भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने के कारण यह कड़ा कदम उठाया गया है। इससे पहले, 30 जुलाई को भी ट्रम्प प्रशासन ने भारत पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। अब दोनों फैसलों को जोड़कर देखें, तो भारत पर कुल 50% आयात शुल्क लगाया जा चुका है।
भारत का कड़ा जवाब:
भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने इसे “गलत, अन्यायपूर्ण और गैर-जरूरी” करार देते हुए कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत हमेशा अपने बाजार के हितों और आवश्यकताओं के अनुसार ही फैसले लेता है।
भारत सरकार का कहना है कि यह फैसला दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नुकसान पहुंचा सकता है और अमेरिका को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
गलवान के बाद पहली बार पीएम मोदी का चीन दौरा, SCO समिट में होंगे शामिल
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प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन की यात्रा पर रहेंगे
यह दौरा 2020 की गलवान झड़प के बाद पहली बार होगा
पीएम मोदी का यह छठा चीन दौरा होगा, जो अब तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का सबसे ज्यादा है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन की यात्रा पर जाएंगे, जहां वे शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट में हिस्सा लेंगे। यह दौरा खास इसलिए है क्योंकि यह 2020 में गलवान घाटी में हुई भारत-चीन सैन्य झड़प के बाद प्रधानमंत्री मोदी की पहली चीन यात्रा होगी।
इससे पहले पीएम मोदी 2018 में चीन गए थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी का यह छठा चीन दौरा होगा, जो पिछले 70 वर्षों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सबसे ज्यादा चीन दौरे हैं।
मोदी-जिनपिंग की पिछली मुलाकात:
प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आखिरी मुलाकात अक्टूबर 2024 में रूस के कजान शहर में ब्रिक्स समिट के दौरान हुई थी। वहां दोनों नेताओं के बीच लगभग 50 मिनट की द्विपक्षीय बातचीत भी हुई थी। उस बातचीत में पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा था कि “सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए।”
इस बार की यात्रा को कूटनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है, खासकर भारत-चीन संबंधों में तनाव के मद्देनज़र।
राहुल गांधी का आरोप: ट्रम्प की धमकियों के आगे झुके मोदी, अडाणी जांच से मजबूर

राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ट्रम्प का सामना नहीं कर पा रहे
अडाणी पर अमेरिकी जांच के चलते पीएम दबाव में हैं
अमेरिकी जांच में अडाणी पर धोखाधड़ी और रिश्वत के आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की धमकियों के सामने मोदी खड़े नहीं हो पा रहे हैं। इसके पीछे राहुल ने अडाणी समूह पर अमेरिका में चल रही जांच को जिम्मेदार बताया है।
राहुल गांधी का कहना है कि अडाणी और अंबानी के साथ प्रधानमंत्री मोदी के रिश्ते अब किसी से छिपे नहीं हैं। जब अडाणी पर अमेरिका में जांच चल रही हो, तो मोदी खुलकर ट्रम्प का विरोध नहीं कर सकते। यही वजह है कि वे अमेरिकी टैरिफ जैसे मुद्दों पर भी कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहे।
क्या है अडाणी पर मामला?
राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दे की पृष्ठभूमि में अमेरिका में अडाणी समूह के खिलाफ चल रही जांच है। पिछले साल अमेरिका में अडाणी समेत 8 लोगों पर अरबों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप लगे थे।
अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस द्वारा दायर आरोपपत्र में कहा गया है कि अडाणी समूह ने भारत में रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) प्रोजेक्ट्स गलत तरीके से हासिल किए। इसके लिए कथित रूप से सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी गई थी।
फिलहाल इस मामले की जांच अमेरिका में जारी है, और राहुल गांधी का दावा है कि इसी वजह से प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर भी असर पड़ा है।
4क्रिकेटर यश दयाल की गिरफ्तारी रोकने से हाईकोर्ट का इनकार, कोर्ट बोला- रेप पीड़ित नाबालिग

IPL चैंपियन RCB के तेज गेंदबाज यश दयाल को नाबालिग से रेप के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने कहा कि पीड़ित नाबालिग है, इसलिए गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगा सकते। बहस के दौरान क्रिकेटर के वकील कुणाल जैमन ने कहा कि यश के खिलाफ गाजियाबाद में भी एक लड़की ने रेप केस किया था। जिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। उसके 7 दिन बाद ही जयपुर में दूसरी लड़की ने केस दर्ज करवा दिया। इस मामले में पूरा गिरोह सक्रिय है। जो मुकदमे दर्ज करवाकर ब्लैकमेल करना चाहता है। अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी।
पीड़ित का आरोप- 2 साल तक रेप हुआ: 19 साल की लड़की का आरोप है कि वह क्रिकेट खेलने के दौरान यश दयाल के संपर्क में आई थी। साल 2023 में जब वह 17 साल की थी तो क्रिकेटर ने उसके साथ रेप किया। यह सिलसिला दो साल तक चला।
उत्तरकाशी आपदा पर IMD की सफाई: धराली में बादल नहीं फटा, फिर भी 5 मौतें, 100 से ज्यादा लापता

IMD वैज्ञानिकों ने बताया कि धराली में बादल फटने जैसी बारिश नहीं हुई
6 अगस्त को केवल 27 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि बादल फटने की परिभाषा 100 मिमी/घंटा की है
SDRF, NDRF और सेना का राहत-बचाव अभियान जारी, 5 शव बरामद, 100 से ज्यादा लोग अब भी लापता
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में 6 अगस्त को आई विनाशकारी आपदा को पहले ‘बादल फटना’ बताया गया था। लेकिन मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने इस दावे को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि धराली में बादल फटने जैसी बारिश नहीं हुई थी, क्योंकि आंकड़ों के मुताबिक उस दिन सिर्फ 27 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
क्या होता है बादल फटना?
IMD के अनुसार, बादल फटना उस स्थिति को कहा जाता है जब किसी 20 से 30 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में एक घंटे में 100 मिमी या उससे अधिक बारिश हो। धराली में 6 अगस्त को इस पैमाने के अनुसार बारिश नहीं हुई, इसलिए इसे तकनीकी रूप से ‘बादल फटना’ नहीं कहा जा सकता।
आपदा के हालात और राहत कार्य:
हालांकि बारिश और मलबे के कारण धराली गांव में भारी तबाही हुई है। खौरगंगा नदी उफान पर आ गई, जिससे गांव में पानी के साथ भारी मलबा बहकर आया।
5 लोगों की मौत हो चुकी है
100 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं
धराली, हर्षिल और सुखी टॉप जैसे इलाकों में SDRF, NDRF, ITBP और आर्मी राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं
गांव के कई घर, दुकानें और सड़कें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन ने राहत शिविर बनाए हैं और लापता लोगों की तलाश के लिए ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद भी ली जा रही है।
सरकार ने कहा:
राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं और सभी प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। वहीं एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह की आपदाएं जलवायु परिवर्तन और अनियंत्रित निर्माण कार्यों का परिणाम हो सकती हैं।
कुबेरेश्वर धाम में कांवड़ यात्रा के दौरान फिर 3 श्रद्धालुओं की मौत, अब तक 5 की जान गई

बुधवार को 3 श्रद्धालुओं की अलग-अलग कारणों से मौत
मंगलवार को भगदड़ में 2 महिलाओं की मौत हो चुकी है
कई श्रद्धालु अपने परिवार से बिछड़े, अस्पतालों में भर्ती
मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान एक बार फिर दर्दनाक हादसे हुए हैं। बुधवार को तीन और श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिससे दो दिन में मृतकों की संख्या 5 हो गई है।
कैसे हुई मौतें?
एक श्रद्धालु की मौत धाम परिसर में चक्कर खाकर गिरने से हुई।
दूसरे व्यक्ति ने होटल के सामने खड़े-खड़े दम तोड़ दिया।
तीसरे व्यक्ति की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है।
पहले दिन भगदड़ में गई थी जान:
मंगलवार को कुबेरेश्वर धाम में भारी भीड़ के चलते भगदड़ की स्थिति बन गई थी, जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके अलावा 8 से 10 श्रद्धालु चक्कर और घबराहट के कारण अस्पताल में भर्ती कराए गए थे।
परिवार से बिछड़े कई श्रद्धालु:
भीड़ इतनी अधिक थी कि कई लोग अपने परिवार से बिछड़ गए। पुलिस और स्वयंसेवी संगठन लगातार ऐसे लोगों को उनके परिजनों से मिलाने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रशासन पर सवाल:
लगातार हो रही मौतों और अव्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़, गर्मी और चिकित्सा व्यवस्था की कमी इन हादसों की बड़ी वजह मानी जा रही है।
कांवड़ यात्रा के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को अब अतिरिक्त पुलिस बल और चिकित्सा दल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला बोले- मोदी और जिनपिंग से करूंगा बात, ट्रम्प से नहीं

लूला दा सिल्वा ने कहा कि वे ट्रम्प को कॉल नहीं करेंगे
अमेरिका ने ब्राजील पर भी 50% टैरिफ लगाया है
ट्रम्प ने ब्राजील पर टैरिफ को बोल्सोनारो के खिलाफ कार्रवाई का जवाब बताया
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बात करने से साफ इनकार कर दिया है। राजधानी ब्रासीलिया में एक कार्यक्रम के दौरान लूला ने कहा, “मैं ट्रम्प को फोन नहीं करूंगा। इसके बजाय मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत करना पसंद करूंगा।”
लूला का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और ब्राजील के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ गया है।
क्या है विवाद की वजह?
हाल ही में अमेरिका ने ब्राजील पर 50% आयात टैरिफ लगा दिया है। ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि यह टैरिफ ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की प्रतिक्रिया है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने इस कार्रवाई को “बदले की कार्रवाई” (Witch Hunt) बताया है और कहा है कि लूला कभी भी उनसे टैरिफ पर बात कर सकते हैं।
बोल्सोनारो पर आरोप:
पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो पर 2022 के चुनाव हारने के बाद तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप है। ब्राजील की न्याय व्यवस्था इस मामले की जांच कर रही है।
लूला दा सिल्वा के बयान से साफ है कि वे अमेरिका के इस टैरिफ फैसले से नाराज़ हैं और अब भारत और चीन जैसे देशों के नेताओं से सहयोग बढ़ाना चाहते हैं।
यह बयान वैश्विक राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा करता है, जहां ट्रम्प की नीतियों को कई देशों द्वारा चुनौती दी जा रही है।



















