spot_imgspot_img

गाजा पर कब्जे की तैयारी में इजरायल! नेतन्याहू को मिली सुरक्षा परिषद से मंजूरी, अब क्या होगा आगे?

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | इजरायल और गाजा के बीच लंबे समय से जारी तनाव एक नए मोड़ पर पहुंच चुका है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अब गाजा पर कब्जा करने की तैयारी तेज कर दी है। हाल ही में सामने आई रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल की सुरक्षा परिषद ने नेतन्याहू की इस योजना को मंजूरी दे दी है। यह कदम दोनों क्षेत्रों के बीच पहले से जारी संघर्ष को और गहरा कर सकता है।

नेतन्याहू का रुख और शुरुआती बयान

कुछ समय पहले तक इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया था कि गाजा पर स्थायी कब्जे का इरादा नहीं है। योजना यह थी कि गाजा की पूरी जिम्मेदारी किसी अंतरिम शासन को सौंप दी जाएगी। लेकिन अब सुरक्षा परिषद से मंजूरी मिलने के बाद हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं।
7 अगस्त को फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा,

“हम गाजा को अपने पास नहीं रखना चाहते, लेकिन हम वहां एक मजबूत सुरक्षा घेरा बनाना चाहते हैं। हमारा इरादा शासन करने का नहीं है, लेकिन हमास को खत्म करने के लिए गाजा पट्टी पर पूरी तरह कब्जा करना जरूरी है।”

इस बयान से साफ है कि इजरायल, हमास को खत्म करने के लिए सीधे सैन्य नियंत्रण की ओर बढ़ सकता है, भले ही दीर्घकालिक प्रशासन की जिम्मेदारी खुद न उठाए।

गाजा पट्टी किसके हवाले होगी?

नेतन्याहू ने कहा है कि गाजा का प्रशासन अरब देशों की सुरक्षा बलों (Arab Forces) को सौंपा जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कौन से देश इसमें शामिल होंगे या इस पर कोई औपचारिक समझौता हुआ है या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अरब फोर्सेज को जिम्मेदारी दी जाती है, तो यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का कदम होगा, जिससे गाजा में शांति और सुरक्षा बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।

सुरक्षा परिषद और मंत्रिमंडल की मंजूरी

हालांकि सुरक्षा परिषद ने इस योजना को हरी झंडी दिखा दी है, लेकिन अंतिम फैसला इजरायल के पूर्ण मंत्रिमंडल को लेना होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस पर मंत्रिमंडल की बैठक रविवार, 10 अगस्त तक हो सकती है। जब तक मंत्रिमंडल की स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक सैन्य अभियान शुरू नहीं किया जाएगा।

सैन्य विकल्प और रणनीति

सूत्रों के अनुसार, बैठक में जिन विकल्पों पर चर्चा हुई उनमें से एक यह है कि गाजा के उन हिस्सों पर कब्जा किया जाए, जहां वर्तमान में कोई बड़ी सैन्य तैनाती नहीं है। इस रणनीति से इजरायली सेना को बिना बड़े पैमाने पर शुरुआती टकराव के, क्षेत्रीय पकड़ मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
इसके साथ ही, इजरायल फिलिस्तीनियों को चेतावनी देने की योजना बना रहा है। यह चेतावनी उन्हें सैन्य कार्रवाई से पहले क्षेत्र छोड़ने का समय देगी, ताकि नागरिक हताहत कम हों और अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना कम करना पड़े।

22 महीने पुराना संघर्ष और मौजूदा स्थिति

इजरायल और गाजा के बीच युद्ध की स्थिति नई नहीं है। बीते 22 महीनों से दोनों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस दौरान कई बड़े हमले, मिसाइल हमले और जवाबी कार्रवाई हो चुकी है। हमास के खिलाफ इजरायल की नीति हमेशा से कठोर रही है, लेकिन अब यह पहली बार है कि गाजा पर पूरी तरह से कब्जे की चर्चा इतनी गंभीरता से हो रही है।

संभावित नतीजे

अगर यह कब्जा योजना आगे बढ़ती है, तो इसके कई असर हो सकते हैं:

  1. हमास की ताकत कमजोर हो सकती है, लेकिन नए विद्रोही समूहों के उभरने की संभावना भी रहेगी।

  2. अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ेगी, क्योंकि कई देश इस कदम का विरोध कर सकते हैं, खासकर अरब और मुस्लिम बहुल देश।

  3. मानवीय संकट गहरा सकता है, क्योंकि बड़े पैमाने पर विस्थापन और नागरिक हताहत हो सकते हैं।

  4. सुरक्षा घेरा बनने से गाजा में लंबे समय तक सैन्य उपस्थिति बनी रह सकती है, भले ही प्रशासनिक नियंत्रण किसी और को दे दिया जाए।

नेतन्याहू का यह कदम एक बड़ा भू-राजनीतिक बदलाव साबित हो सकता है। इजरायल का कहना है कि उसका लक्ष्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना और हमास को खत्म करना है, लेकिन गाजा पर कब्जा करने का मतलब होगा क्षेत्रीय संतुलन में बदलाव। अब दुनिया की निगाहें इजरायल के मंत्रिमंडल के फैसले पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि यह योजना अमल में आती है या नहीं।

यह भी पढ़ें : अमेरिका की टैरिफ वृद्धि पर मंथन: पीएम मोदी की अध्यक्षता में आज होगी उच्च स्तरीय कैबिनेट बैठक!

 

Israel’s Prime Minister Benjamin Netanyahu is preparing for a full takeover of Gaza after receiving approval from the Israeli security council. This decision, aimed at dismantling Hamas and establishing a strong security perimeter, could shift the balance of power in the Middle East conflict. Netanyahu has hinted at transferring administrative control to Arab forces, though details remain unclear. The plan awaits final approval from the Israeli cabinet, expected by August 10, and could involve military occupation of areas with minimal current deployment, along with civilian evacuation warnings to reduce casualties.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
30.1 ° C
30.1 °
30.1 °
84 %
2.1kmh
90 %
Thu
30 °
Fri
36 °
Sat
38 °
Sun
38 °
Mon
34 °
Video thumbnail
Rahul Gandhi का ज़ोरदार हमला बोले - “इनको हम पागल कर देंगे” | Congress
23:44
Video thumbnail
Rahul Gandhi on PM Modi's Foreign Policy | मोदी की विदेश नीति पर राहुल गांधी का तंज
00:14
Video thumbnail
मोदी की विदेश नीति पर राहुल गांधी का तंज
00:14
Video thumbnail
PM मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते?राहुल गांधी ने बताई वजह
00:45
Video thumbnail
Rahul Gandhi on Amit Shah : "अमित शाह...वो भाग गया"
00:23
Video thumbnail
Rahul Gandhi : "इनको हम पागल कर देंगे..."
00:16
Video thumbnail
टोका-टाकी कर रहे थे कल्याण बनर्जी, फिर मजेदार अंदाज़ में आए Modi, ऐसे ली मौज, पूरा सदन हंसता रह गया!
11:16
Video thumbnail
संसद का मानसून सत्र खत्म! 12 बिल पास, सरकार बोली- विपक्ष ने रोकी चर्चा, विपक्ष का पलटवार
03:41
Video thumbnail
Dimple Yadav : "आजम खान जी पर गलत मुकदमों के तहत आज भी अन्याय हो रहा है।"
00:16
Video thumbnail
PGDCA Exam Cheating : राजस्थान के सीकर कॉलेज में सामूहिक नकल!
00:53

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related