AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा में अपने सख्त तेवर और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाने वाले चंदौसी सर्किल, संभल के चर्चित CO अनुज चौधरी को बड़ी सफलता मिली है। सरकार ने उन्हें प्रमोशन देकर ASP (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक) के पद पर पदोन्नत किया है। यह उपलब्धि न केवल उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पुलिस विभाग में उनकी छवि और भी मजबूत करेगी।
प्रमोशन पर मिली बधाइयों की बौछार
प्रमोशन का आदेश जारी होते ही संभल जिले के पुलिस महकमे में खुशी की लहर दौड़ गई। SP केके बिश्नोई और ASP राजेश कुमार श्रीवास्तव ने औपचारिक रूप से उन्हें अशोक स्तंभ लगाकर सम्मानित किया। उनके सहयोगियों और जिले के अन्य अधिकारियों ने भी उन्हें बधाइयाँ दीं।
खेल के मैदान से पुलिस सेवा तक का सफर
अनुज चौधरी का पुलिस सेवा में प्रवेश 2012 में हुआ, जब उन्हें स्पोर्ट्स कोटे से PPS (प्रांतीय पुलिस सेवा) में भर्ती किया गया। खेलों में सक्रियता और फिटनेस के लिए मशहूर अनुज हमेशा से अनुशासन और मेहनत पर जोर देते रहे हैं। उनके पुलिस करियर की शुरुआत से ही उनका रुझान सख्त कानून-व्यवस्था और त्वरित कार्रवाई की ओर रहा है।
संभल हिंसा और किष्किंधा रथयात्रा में चर्चा में आए
अपने करियर के दौरान कई मौकों पर अनुज चौधरी सुर्खियों में रहे। संभल में हुई हिंसा के दौरान उनकी सक्रिय भूमिका और त्वरित निर्णय ने उन्हें राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया। इसके अलावा, किष्किंधा रथयात्रा के समय हाथ में गदा लेकर चलने की उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई, जिसने उन्हें और लोकप्रिय बना दिया।
“होली साल में एक बार, जुमा 52 बार” — बयान से बनी पहचान
अनुज चौधरी का एक बयान — “होली साल में एक बार आती है, लेकिन जुमा 52 बार” — बेहद चर्चित हुआ। यह बयान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संदर्भ में दिया गया था, लेकिन इसे लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर काफी बहस हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था — “पहलवान है तो पहलवान की तरह ही बोलेगा”। इस टिप्पणी के बाद अनुज की छवि एक बेबाक और निडर पुलिस अधिकारी की तरह और भी मजबूत हुई।
सख्त लेकिन प्रेरणादायी अधिकारी
अनुज चौधरी न केवल अपराधियों के लिए सख्त माने जाते हैं, बल्कि पुलिस विभाग में अपने जूनियर अफसरों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत भी हैं। उनकी फिटनेस और खेलों के प्रति लगन आज भी बरकरार है। वे मानते हैं कि एक पुलिस अधिकारी को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहना जरूरी है, ताकि हर परिस्थिति का सामना डटकर किया जा सके।
पुलिस विभाग में मजबूत छवि
कई पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अनुज चौधरी की कार्यशैली से विभाग की साख बढ़ी है। उनकी मौजूदगी अपराधियों के बीच डर और आम जनता के बीच विश्वास पैदा करती है। यही कारण है कि जहां भी उनकी तैनाती होती है, वहां कानून-व्यवस्था पर सकारात्मक असर देखा जाता है।
करियर में एक नया पड़ाव
ASP पद पर प्रमोशन के साथ ही अनुज चौधरी के करियर में एक नया अध्याय जुड़ गया है। उनके साथी अफसरों का मानना है कि यह पदोन्नति न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों और मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि वे आने वाले समय में और भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे।
भविष्य की उम्मीदें
संभल और आसपास के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी सख्त और निष्पक्ष कार्यशैली नए पद पर भी जारी रहेगी। पुलिस विभाग में कई अधिकारी मानते हैं कि अनुज की मौजूदगी हर जिले के लिए एक संपत्ति साबित हो सकती है।
Anuj Chaudhary, the well-known UP Police officer from Sambhal’s Chandausi Circle, has been promoted to the rank of ASP. Famous for his strict law enforcement style, bold public statements, and notable actions during Sambhal violence and the Kishkindha Rath Yatra, Chaudhary has built a strong reputation in the Uttar Pradesh Police. His promotion is seen as a recognition of his disciplined approach, dedication to duty, and ability to maintain law and order effectively.



















