Noida Daycare Horror: 15-Month-Old Baby Tortured by Maid, CCTV Footage Reveals Shocking Abuse
नोएडा डे-केयर में 15 महीने की बच्ची से क्रूरता: CCTV में सामने आया दिल दहला देने वाला सच
AIN NEWS 1: नोएडा के एक डे-केयर सेंटर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर दिया है। यहां 15 महीने की मासूम बच्ची के साथ हैवानियत की हदें पार की गईं। बच्ची की मां ने जब CCTV फुटेज देखी, तो उनका दिल दहल गया और आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। उन्होंने बताया कि फुटेज देखने के बाद से उनकी नींद उड़ गई है और एक हफ्ते से वह सो नहीं पा रही हैं।
घटना कैसे हुई?
4 अगस्त की सुबह बच्ची के पिता उसे नोएडा के BLIPEE नामक डे-केयर सेंटर में छोड़कर ऑफिस चले गए। दोपहर करीब 12:30 बजे जब मां बच्ची को लेने पहुंचीं, तो सेंटर की तीन टीचर्स गेट पर आईं और कहा कि शायद बच्ची को चिकनपॉक्स हो गया है, क्योंकि वह लगातार रो रही है। बच्ची को घर लाने के बाद मां को उसकी हालत देखकर शक हुआ और वह तुरंत डॉक्टर के पास गईं।
डॉक्टर ने जांच में बताया कि बच्ची के शरीर पर बाइट मार्क्स (दांत से काटने के निशान) हैं और यह चोट सामान्य नहीं है। उन्होंने सलाह दी कि तुरंत पता लगाएं यह चोट कहां और कैसे लगी।
डे-केयर की सफाई और CCTV फुटेज मांगने की जद्दोजहद
जब मां ने डे-केयर सेंटर की ओनर चारु अरोड़ा से पूछा, तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया और दावा किया कि चोट घर या क्लिनिक में लगी होगी। मां ने CCTV फुटेज मांगी, लेकिन कई दिनों तक उन्हें फुटेज नहीं दिखाई गई।
इस दौरान, पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने की कोशिश भी हुई। मां का आरोप है कि सेंटर प्रबंधन, एक पुलिसकर्मी और चारु अरोड़ा के पति ने उन्हें केस न करने और माफीनामा लेने के लिए कहा। यहां तक कहा गया कि “केस करोगे तो हमारा स्कूल बंद हो जाएगा, सेटलमेंट कर लो।”
CCTV फुटेज में क्या दिखा?
आखिरकार पुलिस की मौजूदगी और दबाव के बाद CCTV फुटेज मां को दिखाई गई। मां ने बताया कि वीडियो देखकर वह सन्न रह गईं। फुटेज में साफ दिख रहा था कि आया (मेड) ने कमरे का दरवाजा बंद किया और बच्ची के साथ अमानवीय व्यवहार किया।
बच्ची का गला दबाया गया
पेंसिल मुंह में डाली गई
दीवार में पटका गया
जमीन पर गिराया गया
गोद में उठाकर जोर से पटकना
यह सब करीब 45 मिनट तक चलता रहा
मां का कहना है कि यह घटना उसी फ्लैट में हुई, जहां डे-केयर की ओनर और अन्य बच्चे मौजूद थे, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
मामले की गंभीरता देखते हुए थाना सेक्टर-142 पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।
आरोपी आया और डे-केयर सेंटर की ओनर चारु अरोड़ा के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
आया को पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया।
बीएसए गौतमबुद्धनगर और चाइल्ड वेलफेयर अधिकारियों को पत्र भेजा गया।
लेबर कमिश्नर को भी जांच के लिए सूचित किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि वहां नाबालिग लड़की को मेड के रूप में काम पर रखा गया था, जो कानूनन अपराध है।
मां का दर्द और सवाल
बच्ची की मां का कहना है —
“हमने अपनी बेटी को डे-केयर भेजा ताकि वह वहां खेले, सीखे और बच्चों के साथ समय बिताए। हमें कभी अंदाजा नहीं था कि वहां उसके साथ ऐसा टॉर्चर होगा। जितनी फीस हम देते हैं, उसके बदले हमें यह मिल रहा है? हम चाहते हैं कि आरोपी को कड़ी सजा मिले और डे-केयर सेंटर पर सख्त कार्रवाई हो।”
मां को डर है कि उनकी बच्ची पिछले दो महीनों से वहां जा रही थी, और यह क्रूरता शायद रोज की घटना रही हो। अब वह बाकी फुटेज देखने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रही हैं।
समाज के लिए संदेश
यह घटना माता-पिता के लिए एक चेतावनी है कि अपने बच्चों के लिए डे-केयर चुनते समय सिर्फ सुविधाएं और फीस न देखें, बल्कि वहां का माहौल, स्टाफ का व्यवहार और सुरक्षा व्यवस्था भी ध्यान से जांचें। बच्चों के साथ हुई छोटी-सी भी अनहोनी को नजरअंदाज न करें, और तुरंत कार्रवाई करें।
In a horrifying incident from Noida, CCTV footage from BLIPEE daycare has revealed the brutal torture of a 15-month-old toddler by a maid. The video shows the child being choked, beaten, and thrown to the ground for over 45 minutes, while the daycare owner allegedly ignored the abuse. Police have arrested the maid, registered a case against the owner, and initiated action under child welfare laws. This shocking case highlights the urgent need for strict daycare regulations and child safety measures in India.



















