AIN NEWS 1: योगी सरकार ने संपत्ति विवादों को सुलझाने और किरायेदारी समझौतों की जटिलताओं को खत्म करने के लिए बड़े सुधारों की घोषणा की है। आइए जानते हैं, क्या-क्या बदलाव होने जा रहे हैं।
क्यूआर कोड से संपत्ति जांच होगी आसान
खरीदार को मिलेगा पूरा इतिहास
अब संपत्ति का क्यूआर कोड स्कैन करके खरीदार स्वामित्व, लेन-देन का इतिहास और विक्रेता के अधिकार की जानकारी ले सकेगा।
धोखाधड़ी से बचाव
इससे फर्जीवाड़े की घटनाओं में कमी आएगी और खरीदार सुरक्षित रहेगा।
तत्काल रजिस्ट्री और तुरंत मालिकाना हक
35-40 दिन का इंतजार खत्म
अब रजिस्ट्री के तुरंत बाद खरीदार का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएगा।
पंजीकरण कार्यालयों में तैनात होंगे अधिकारी
तुरंत नाम अपडेट कराने के लिए दफ्तरों में विशेष राजस्व अधिकारी मौजूद रहेंगे।
किराया एग्रीमेंट होगा सस्ता और सुरक्षित
अब नहीं लगेगा 4% शुल्क
नई व्यवस्था में सिर्फ ₹500-₹1000 निश्चित शुल्क देकर किराया समझौता होगा।
दोनों पक्षों को फायदा
मकान मालिक को कानूनी सुरक्षा
किरायेदार को अधिकारों की गारंटी
पारिवारिक संपत्ति विवाद का समाधान
5,000 रुपये में चार पीढ़ियों तक का निपटारा
सरकार पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए सस्ता और सरल विकल्प ला रही है।
अदालतों का बोझ घटेगा
सालों तक चलने वाले मुकदमों से मुक्ति मिलेगी।
यूपी में संपत्ति पंजीकरण में चार गुना वृद्धि
आंकड़े बताते हैं बदलाव
2017-18: 16 लाख पंजीकरण
अब: करीब 50 लाख पंजीकरण
पंजीकरण कार्यालय होंगे आधुनिक
AC हॉल
फर्नीचर
हेल्प डेस्क
टोकन सिस्टम
छोटे स्टांप पेपर के लिए एटीएम सुविधा
बैंक एटीएम जैसा अनुभव
अब 10, 20, 50 और 100 रुपये के स्टांप पेपर एटीएम से निकलेंगे।
सालाना 800 करोड़ रुपये का लेन-देन
लोगों को दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
महिलाओं के लिए विशेष स्टांप शुल्क छूट
1% की बचत
एक करोड़ तक की संपत्ति पर महिलाओं को स्टांप शुल्क में ₹1 लाख तक की छूट मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम
यह पहल महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देगी।
स्टांप शुल्क बढ़ाए बिना बढ़ा राजस्व
2017 में 16,000 करोड़ से अब 35,000 करोड़
सरकार ने बिना सर्किल रेट बढ़ाए राजस्व दोगुना कर लिया।
8.5 लाख लोगों को फायदा
कई नागरिकों को छूट और रियायतें मिलीं।
स्टांप शुल्क गणना के मानदंड होंगे सरल
42 से घटकर 18-20
अब शुल्क तय करने की प्रक्रिया आसान होगी।
भूमि उपयोग सत्यापन भी तेज
खरीद के तीन महीने में प्रक्रिया पूरी होगी।
विज़न 2047: भविष्य का खाका
सरकार का लक्ष्य
पारदर्शी व्यवस्था
निवेशकों का विश्वास
संपत्ति विवादों में कमी
डिजिटल तकनीक का उपयोग
एक नई पारदर्शी व्यवस्था
योगी सरकार के ये कदम उत्तर प्रदेश को संपत्ति प्रबंधन और निवेश के मामले में अग्रणी राज्य बना देंगे।
धोखाधड़ी कम होगी
विवाद घटेंगे
महिलाओं और आम नागरिकों को लाभ मिलेगा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓1. यूपी में क्यूआर कोड से संपत्ति जांच कब से शुरू होगी?
सरकार ने लक्ष्य रखा है कि मार्च 2026 तक यह सुविधा लागू हो जाएगी। इसके बाद खरीदार सिर्फ क्यूआर कोड स्कैन करके जमीन या मकान की पूरी जानकारी देख सकेगा।
❓2. तत्काल रजिस्ट्री का क्या मतलब है?
अभी तक रजिस्ट्री के बाद खरीदार का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होने में 35-40 दिन लग जाते हैं। लेकिन नई व्यवस्था में रजिस्ट्री होते ही खरीदार का नाम तुरंत अपडेट हो जाएगा और मालिकाना हक मिल जाएगा।
❓3. किराया एग्रीमेंट पंजीकरण की नई फीस कितनी होगी?
अब किरायेदारी समझौते का पंजीकरण सिर्फ ₹500 से ₹1000 में हो सकेगा। पहले यह शुल्क 4% स्टांप ड्यूटी के आधार पर तय होता था, जो काफी महंगा था।
❓4. पारिवारिक संपत्ति विवाद कैसे सुलझाए जाएंगे?
सरकार एक योजना ला रही है जिसके तहत ₹5,000 के निश्चित शुल्क पर चार पीढ़ियों तक की पारिवारिक संपत्ति का निपटारा किया जाएगा। इससे लंबे मुकदमों से छुटकारा मिलेगा।
❓5. महिलाओं को कितनी स्टांप शुल्क छूट मिलेगी?
यदि महिला खरीदार एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदती है तो उसे 1% की छूट मिलेगी। यानी सीधा ₹1 लाख की बचत।
❓6. छोटे स्टांप पेपर एटीएम कैसे काम करेंगे?
जैसे बैंक एटीएम से नकद निकलता है, उसी तरह इन मशीनों से ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के स्टांप पेपर आसानी से निकाले जा सकेंगे।
❓7. क्या स्टांप शुल्क की गणना आसान होगी?
हाँ। अभी तक 42 मानदंडों के आधार पर शुल्क तय होता है। इसे घटाकर 18-20 मानदंड कर दिया जाएगा ताकि आम लोगों को आसानी हो।
❓8. विज़न 2047 का संपत्ति सुधारों से क्या संबंध है?
सरकार ने विज़न 2047 के तहत लक्ष्य रखा है कि संपत्ति प्रबंधन पूरी तरह पारदर्शी, डिजिटल और विवाद-मुक्त हो। ये सुधार उसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम हैं।
The Uttar Pradesh government, under CM Yogi Adityanath, is set to revolutionize property dealings with QR code based property verification, instant registry updates, simplified rent agreements, and digitized land records. These reforms, part of Vision 2047, aim to reduce property disputes, cut stamp duty burden, modernize registration offices, and ensure transparent ownership transfers. With initiatives like QR code scanning for land records, fixed low-cost rent agreements, and digital stamp paper ATMs, UP is positioning itself as a model for transparent and citizen-friendly property management in India.



















