AIN NEWS 1 | उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में रविवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। नेशनल हाईवे-34 पर अरनिया क्षेत्र के घटाल गांव के पास, श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से तेज रफ्तार कंटेनर ने टक्कर मार दी। इस दर्दनाक दुर्घटना में 9 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हुए। हादसे का दृश्य इतना भयावह था कि जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप गई।
हादसे का दृश्य
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि श्रद्धालु जाहरपीर और गोगामड़ी धाम की ओर धार्मिक यात्रा पर जा रहे थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोग भक्ति में लीन थे, तभी पीछे से आ रहे कंटेनर ने तेज रफ्तार में टक्कर मार दी।
टक्कर लगते ही ट्रॉली पलट गई और उसमें बैठे लोग बुरी तरह दब गए। बच्चों और महिलाओं की चीख-पुकार पूरे इलाके में गूंज उठी। आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और फंसे हुए लोगों को निकालने में जुट गए।
गांव के बुजुर्ग ने बताया –
“हम जोरदार धमाका सुनकर बाहर आए। देखा तो ट्रॉली पलटी पड़ी थी और लोग खून से लथपथ सड़क पर पड़े थे। बच्चों के रोने और औरतों की चिल्लाहट ने दिल दहला दिया।”
राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गए। जिला अधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस और स्थानीय लोगों की मदद से घायल श्रद्धालुओं को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
कई गंभीर रूप से घायल लोगों को मेरठ और दिल्ली के बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर राहत कार्य तेजी से किया।
श्रद्धालुओं की यात्रा से मातम
जाहरपीर की यात्रा हमेशा भक्ति और खुशी से भरी होती है, लेकिन इस बार यह सफर मातम में बदल गया। जिन परिवारों ने उत्साह के साथ यात्रा शुरू की थी, उनके लिए यह सफर दर्दनाक साबित हुआ।
एक स्थानीय युवक ने कहा –
“हम सब परिवार के साथ भगवान के दर्शन करने जा रहे थे। पर अब घर लौटते वक्त सिर्फ दुख और मौत की खबरें हैं।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों का पूरा इलाज सुनिश्चित किया जाए और किसी को भी इलाज में कोई समस्या न आए।
प्रशासन की कार्रवाई और जांच
जिला प्रशासन ने हादसे की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कंटेनर चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया है और गहन जांच जारी है।
एसएसपी ने कहा –
“यह एक अत्यंत दुखद घटना है। निर्दोष लोगों की जान गई, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
सड़क सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली का इस्तेमाल यात्रियों के लिए क्यों किया जा रहा है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली कृषि कार्यों के लिए बनाई जाती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इसे सामूहिक यात्रा और धार्मिक यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। यह गैर-कानूनी होने के बावजूद आम प्रथा बन चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक इस पर सख्त नियम लागू नहीं होंगे, तब तक इस तरह के हादसे होते रहेंगे।
पीड़ित परिवारों का दर्द
मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। बच्चों ने माता-पिता खो दिए, औरतों ने अपने पति। अस्पताल में भर्ती घायलों की हालत गंभीर है।
एक महिला ने रोते हुए कहा –
“हम भगवान के दर्शन करने जा रहे थे। नहीं पता था कि घर का सहारा इस तरह छिन जाएगा।”
सड़क हादसों का आंकड़ा
भारत में हर साल लाखों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, हर साल लगभग 1.5 लाख लोग सड़क हादसों का शिकार होते हैं। इनमें से एक बड़ा हिस्सा तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी की वजह से होता है।
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में हालात और चिंताजनक हैं।
सबक और सुधार की जरूरत
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे:
-
ट्रैक्टर-ट्रॉली पर यात्रियों की आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध।
-
हाईवे पर वाहनों की गति सीमा का सख्ती से पालन।
-
धार्मिक यात्राओं और भीड़भाड़ वाले सफर के लिए सुरक्षित वाहन का इंतजाम।
-
पुलिस द्वारा सख्ती और निगरानी बढ़ाना।
बुलंदशहर का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा की चेतावनी है। अगर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो इस तरह की त्रासदियां लगातार सामने आती रहेंगी। सरकार ने मदद का ऐलान किया है, लेकिन पीड़ित परिवारों के लिए यह दर्द जीवनभर का घाव बनकर रहेगा।


















