पाकिस्तान के ‘हमजा’ मिलिट्री सेंटर पर अफगानिस्तान का ड्रोन हमला, डुरंड लाइन पर बढ़ा तनाव
AIN NEWS 1: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहा सीमा विवाद अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने “हमजा मिलिट्री सेंटर” पर ड्रोन हमला किया है। तालिबान के मुताबिक इस हमले में दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचा है।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच डुरंड लाइन सीमा पर पिछले कई दिनों से तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने एक-दूसरे पर हवाई हमले, मोर्टार फायरिंग और ड्रोन हमलों के आरोप लगाए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
ड्रोन हमले का दावा क्या है
तालिबान से जुड़े सूत्रों के अनुसार अफगान एयर फोर्स ने पाकिस्तान के एक महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठान “हमजा” को निशाना बनाते हुए ड्रोन से हमला किया।
तालिबान का कहना है कि यह हमला पाकिस्तान की हालिया सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया है। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा अफगान क्षेत्रों में किए गए हवाई हमलों के बाद यह कार्रवाई की गई।
अफगान पक्ष का दावा है कि इस हमले से पाकिस्तान के सैन्य ढांचे को नुकसान हुआ है, हालांकि नुकसान की सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पाकिस्तान ने पहले किए थे हवाई हमले
इस घटना की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के कई इलाकों में की गई सैन्य कार्रवाई बताई जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल, कंधार और अन्य सीमावर्ती इलाकों में कथित आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। पाकिस्तान का दावा था कि इन हमलों का लक्ष्य उन आतंकवादी समूहों को खत्म करना था जो उसकी सीमा के अंदर हमले कर रहे हैं।
हालांकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया और इससे आम लोगों की जान गई।
डुरंड लाइन पर बढ़ता विवाद
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच विवाद की जड़ डुरंड लाइन है। यह लगभग 2600 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसे 1893 में ब्रिटिश शासन के दौरान तय किया गया था।
पाकिस्तान इस सीमा को अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है, जबकि अफगानिस्तान की कई सरकारें इसे पूरी तरह स्वीकार नहीं करतीं।
इसी वजह से दोनों देशों के बीच समय-समय पर सीमा विवाद और सैन्य झड़पें होती रहती हैं। हाल के वर्षों में यह विवाद और भी तेज हो गया है, खासकर तब से जब 2021 में तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता संभाली।
पिछले कुछ महीनों में बढ़ी सैन्य झड़पें
2026 की शुरुआत से ही अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
फरवरी 2026 में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों में हवाई हमले किए थे।
पाकिस्तान का कहना था कि वहां तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकाने मौजूद हैं।
अफगानिस्तान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
इन घटनाओं के बाद सीमा पर गोलीबारी और मोर्टार हमले भी कई बार हुए।
दोनों देशों के आरोप-प्रत्यारोप
इस संघर्ष में दोनों देश एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
पाकिस्तान का आरोप
पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल TTP जैसे आतंकी संगठन पाकिस्तान में हमले करने के लिए कर रहे हैं।
पाकिस्तानी सेना का दावा है कि इन आतंकियों को खत्म करने के लिए सीमित सैन्य कार्रवाई जरूरी है।
अफगानिस्तान का जवाब
तालिबान सरकार का कहना है कि पाकिस्तान के आरोप बेबुनियाद हैं।
अफगानिस्तान का दावा है कि पाकिस्तान बार-बार उसकी संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है और आम नागरिकों को निशाना बना रहा है।
नागरिकों पर भी असर
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार हालिया संघर्ष में नागरिक भी प्रभावित हुए हैं।
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि पिछले कुछ हफ्तों में सीमा संघर्ष के कारण दर्जनों लोगों की मौत और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
इससे दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता
दक्षिण एशिया में बढ़ते इस तनाव पर कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चिंता जताई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव बढ़ता है तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और व्यापार पर पड़ सकता है।
कुछ देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है।
क्या यह संघर्ष युद्ध में बदल सकता है?
विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल दोनों देश पूर्ण युद्ध से बचना चाहेंगे।
लेकिन जिस तरह से ड्रोन हमले, हवाई हमले और सीमा पर गोलीबारी बढ़ रही है, उससे स्थिति कभी भी और गंभीर हो सकती है।
अगर यह टकराव जारी रहता है तो दक्षिण एशिया में एक नया सुरक्षा संकट पैदा हो सकता है।
आगे क्या हो सकता है
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में तीन संभावनाएं हो सकती हैं:
सीमित सैन्य कार्रवाई जारी रहना
कूटनीतिक बातचीत शुरू होना
तनाव और बढ़कर बड़े सैन्य टकराव में बदलना
फिलहाल दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर अलर्ट मोड में हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है।
The Afghanistan-Pakistan conflict has intensified after the Taliban government claimed a drone strike on Pakistan’s Hamza military center. The attack reportedly came in response to Pakistani airstrikes inside Afghanistan amid rising tensions along the Durand Line border. With cross-border clashes, drone warfare, and military operations escalating, the Afghanistan Pakistan conflict is becoming a major security concern in South Asia.


















