AIN NEWS 1 | आगरा के शास्त्रीपुरम इलाके में शनिवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब 35 वर्षीय तेल मिल कारोबारी विश्वदीप सिंह ने अपनी कार के अंदर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह घटना डीपीएस स्कूल के पास हुई, जहां युवक ने कार को अंदर से लॉक कर तमंचे से अपनी कनपटी पर गोली चलाई। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और वे तुरंत मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने देखा कि कार के अंदर युवक खून से लथपथ सीट पर पड़ा हुआ था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार का दरवाजा खुलवाया और गंभीर रूप से घायल विश्वदीप को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
पुलिस जांच में सामने आए तथ्य
पुलिस ने घटनास्थल की गहन जांच की। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से तमंचा, एक पिस्टल, कारतूस और अन्य जरूरी साक्ष्य बरामद किए। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का ही लग रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार मृतक विश्वदीप सिंह डीपीएस स्कूल के पास ही अपनी तेल मिल का कारोबार चलाते थे। पिछले कुछ समय से वे मानसिक तनाव और डिप्रेशन से गुजर रहे थे। परिवार के मुताबिक उनका इलाज भी चल रहा था। हालांकि, उन्होंने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है।
घटना का समय और परिस्थितियां
जानकारी के मुताबिक यह घटना शनिवार रात करीब 8:30 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार काफी देर से एक ही जगह खड़ी थी। अचानक गोली चलने की आवाज आई, जिसके बाद लोग घबरा गए। जब पास जाकर देखा तो कार अंदर से बंद थी और युवक बेसुध हालत में पड़ा था।
पुलिस ने कार की तलाशी ली तो अंदर से तमंचा और पिस्टल दोनों बरामद हुए। यह भी जांच का विषय है कि युवक के पास दो हथियार कैसे पहुंचे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं यह किसी दबाव या पारिवारिक विवाद का परिणाम तो नहीं।
परिवार सदमे में
घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। परिवार के लोग इस घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं। परिजनों का कहना है कि विश्वदीप स्वभाव से शांत व्यक्ति थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से वे काफी परेशान रहते थे। उनका व्यवहार भी पहले जैसा नहीं रहा था।
परिवार ने बताया कि कारोबार में कुछ दिक्कतें चल रही थीं, जिसके कारण वे तनाव में थे। डॉक्टर से इलाज भी चल रहा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वे ऐसा खतरनाक कदम उठा लेंगे।
मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को गंभीरता से सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिप्रेशन एक गंभीर बीमारी है, जिसे नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। समय पर काउंसलिंग और परिवार का सहयोग बहुत जरूरी होता है।
शहर में लगातार बढ़ती आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय बन रही हैं। पुलिस और प्रशासन लोगों से अपील कर रहे हैं कि मानसिक तनाव की स्थिति में विशेषज्ञों की मदद लें और अपने करीबियों से बात साझा करें।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आत्महत्या के पीछे असली वजह क्या थी।
अभी तक मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे मामला और उलझ गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
समाज के लिए संदेश
यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग मानसिक परेशानियों को छिपा लेते हैं। जरूरी है कि ऐसे लोगों की समय रहते पहचान की जाए और उन्हें सही मदद मिले।


















