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AI की मदद से 10 महीने बाद मिला लापता व्यक्ति का शव – तकनीक ने कर दिखाया कमाल

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AIN NEWS 1 | इटली के पहाड़ों में लापता एक व्यक्ति को AI तकनीक ने 10 महीने बाद खोज निकाला, और यह घटना आने वाले समय में रेस्क्यू मिशनों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बन गई है।

 घटना की पृष्ठभूमि

नवंबर 2024 में, इटली के पिडमोंट क्षेत्र में स्थित मोन्विसो पर्वत की उत्तर दिशा की ढलानों पर एक 64 वर्षीय डॉक्टर पर्वतारोहण करते समय लापता हो गए थे। लगातार कई महीनों तक पारंपरिक खोज प्रयास किए गए, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

परिवार और स्थानीय प्रशासन उम्मीद खोने ही वाले थे, लेकिन जुलाई 2025 में AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) ने चमत्कार कर दिखाया। महज़ 72 घंटों में लापता व्यक्ति का शव ढूंढ लिया गया।

खोज अभियान की शुरुआत: ड्रोन से मिली नई दिशा

29 जुलाई 2025 को इटली की राष्ट्रीय पर्वतीय बचाव टीम CNSAS ने दो विशेष ड्रोन रवाना किए। उन्होंने 5 घंटे की उड़ान में लगभग 183 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया और 2,600 हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें कैप्चर कीं।

इन तस्वीरों का उपयोग एक AI सिस्टम को फीड करने के लिए किया गया, जिसे खासतौर पर रंग और आकृति की पहचान करने के लिए प्रशिक्षित किया गया था।

 AI की भूमिका: रंग और आकृति की पहचान

AI ने सभी तस्वीरों का विश्लेषण करके कुछ “संदिग्ध क्षेत्रों” की पहचान की जहाँ प्राकृतिक पृष्ठभूमि से हटकर कुछ अलग दिखाई दे रहा था। कुछ पिक्सल्स में चटक लाल रंग नजर आया—जोकि डॉक्टर का हेलमेट निकला।

यह संकेत बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि इतने विशाल क्षेत्र में हेलमेट जैसा छोटा आइटम ढूंढना लगभग असंभव माना जा रहा था।

 मौसम की रुकावट और टीम की तत्परता

30 जुलाई को मौसम ने चुनौती दी—तेज कोहरा और बारिश के कारण खोज अभियान रोकना पड़ा।

लेकिन अगले ही दिन, 31 जुलाई की सुबह टीम ने 4 बजे दोबारा मोर्चा संभाला। ड्रोन से मिली लोकेशन को दोबारा वेरिफाई किया गया और पता चला कि AI की पहचान सटीक थी।

इसके तुरंत बाद फायर ब्रिगेड का हेलीकॉप्टर भेजा गया और 3,150 मीटर की ऊंचाई से शव को सुरक्षित निकाला गया।

 तकनीक और मानव अनुभव का मेल

CNSAS बीते 5 वर्षों से AI और ड्रोन तकनीक पर काम कर रही थी। इस मिशन में एक अनुभवी टीम, प्रशिक्षित ड्रोन पायलट्स और तकनीकी स्टाफ ने मिलकर कमाल कर दिखाया।

ड्रोन ऑपरेटर्स Saverio Isola और Giorgio Viana का कहना है कि, “अगर AI नहीं होता तो तस्वीरों को मैन्युअली स्कैन करने में हमें कई महीने लग जाते।”

AI ने कुछ ही घंटों में वह काम कर दिखाया जो इंसान शायद कभी नहीं कर पाते।

 भविष्य की संभावनाएं: AI सिर्फ शुरुआत है

CNSAS अब AI का दायरा और बढ़ाने की योजना बना रहा है। वे थर्मल इमेजिंग वाले AI सिस्टम्स पर काम कर रहे हैं, ताकि जीवित लोगों की पहचान भी आसान हो सके।

कुछ घटनाओं में AI से थर्मल डेटा का उपयोग कर पहाड़ों में फंसे लोगों को समय रहते बचाया भी गया है।

AI के ज़रिये अब ना सिर्फ समय की बचत हो रही है, बल्कि मिशनों की लागत भी कम हो रही है और बहुमूल्य जानें बचाई जा रही हैं।

 AI और इंसान साथ चलें तो चमत्कार मुमकिन

जहां इंसानों की 10 महीनों की मेहनत असफल रही, वहां AI ने एक छोटा सा लाल हेलमेट पहचान कर तीन दिन में पूरे मिशन को अंजाम तक पहुंचा दिया।

यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक उदाहरण है कि AI-सक्षम बचाव अभियान आने वाले समय में कितने अहम हो सकते हैं।

तकनीक और मानवीय अनुभव का जब सही मेल हो, तो सबसे दुर्गम और खतरनाक इलाकों में भी उम्मीद की किरण जगाई जा सकती है।

In a groundbreaking rescue effort in the Italian Alps, AI technology helped locate the body of a missing hiker by analyzing over 2,600 drone images and detecting his helmet within hours. This AI rescue success proves the power of drone search AI and helmet detection AI in remote and challenging terrain. The operation, completed within 72 hours, shows how AI mountain rescue can transform future search-and-rescue missions.

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