Air India Crash Report 2025: Mysterious Engine Shutdown Raises Questions
एयर इंडिया विमान हादसे की जांच रिपोर्ट में सामने आई नई रहस्यमयी गुत्थी
AIN NEWS 1: भारत की प्रमुख विमान सेवा एयर इंडिया के एक हालिया हादसे ने देशभर में हड़कंप मचा दिया। जुलाई 2025 में हुई इस दुर्घटना की जांच रिपोर्ट अब सामने आई है और इसमें जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने इस मामले को और जटिल बना दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना के समय बोइंग 787 विमान के एक इंजन ने स्टार्टअप के दौरान अचानक काम करना बंद कर दिया था। इस ‘इंजन शटडाउन’ का कारण अब तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसमें पायलट की गलती, तकनीकी खराबी, या दोनों की भूमिका होने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे की पृष्ठभूमि
यह घटना उस समय घटी जब विमान उड़ान के लिए तैयार हो रहा था। पायलट द्वारा इंजन शुरू करते समय, एक इंजन ने सही से काम किया, लेकिन दूसरे इंजन ने अचानक स्टार्टअप के बाद खुद को “कट-ऑफ” मोड में डाल दिया। इसका मतलब था कि इंजन ने खुद-ब-खुद ईंधन की आपूर्ति बंद कर दी।
यह एक सामान्य प्रक्रिया नहीं है। आमतौर पर जब एक पायलट इंजन स्टार्ट करता है, तो फ्यूल कंट्रोल स्विच को “रन” पर सेट किया जाता है, ताकि इंजन लगातार फ्यूल प्राप्त करता रहे। लेकिन इस केस में, यह स्विच किसी कारणवश “कट-ऑफ” पर आ गया, जिससे इंजन बंद हो गया।
क्या यह पायलट की गलती थी?
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने जांच में माना है कि यह स्थिति सामान्य नहीं थी और इस पर कई सवाल उठते हैं। प्रारंभिक जांच में कहा गया है कि या तो पायलट ने अनजाने में स्विच को गलत पोजीशन पर डाला, या विमान के स्वचालित सिस्टम में किसी प्रकार की खामी थी।
यह संभावना भी जताई जा रही है कि विमान के सॉफ़्टवेयर या हार्डवेयर में कोई बग हो सकता है, जिससे सिस्टम ने खुद से निर्णय ले लिया।
तकनीकी पहलुओं की जांच
बोइंग 787 जैसे आधुनिक विमानों में कई ऑटोमेटिक सेफ्टी सिस्टम होते हैं। ऐसे में यह घटना विशेषज्ञों को परेशान कर रही है क्योंकि ऐसे सिस्टम किसी भी खामी की पहले चेतावनी देते हैं। अगर यह चेतावनी दी गई थी और फिर भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मानव लापरवाही मानी जाएगी। लेकिन अगर सिस्टम ने कोई अलर्ट ही नहीं दिया, तो यह विमान निर्माता की ज़िम्मेदारी बनती है।
इस रिपोर्ट के बाद DGCA ने बोइंग से स्पष्टीकरण मांगा है और एयर इंडिया से सभी 787 विमानों की इमरजेंसी जांच करने के आदेश दिए हैं।
पायलट प्रशिक्षण पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पायलट प्रशिक्षण और उनके निर्णय लेने की क्षमता पर भी सवाल उठे हैं। एयर इंडिया और DGCA दोनों को यह तय करना होगा कि क्या पायलट को ऐसे हालात से निपटने का पर्याप्त प्रशिक्षण मिला था।
यदि पायलट ने गलती की, तो क्या यह गलती अकेले उनकी थी या फिर पूरी ट्रेनिंग प्रणाली में खामी है?
एयर इंडिया की छवि पर असर
पिछले कुछ वर्षों में एयर इंडिया ने अपनी सेवाओं को सुधारने की कोशिश की है, लेकिन ऐसी घटनाएं उसकी छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। यात्रियों का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और कड़ी कार्यवाही जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं सिर्फ तकनीकी या व्यक्तिगत भूल नहीं होतीं, बल्कि ये एक बड़े सिस्टम फेलियर का संकेत होती हैं।
आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
DGCA और एयर इंडिया दोनों इस हादसे की विस्तृत जांच कर रहे हैं। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कुछ आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं:
सभी बोइंग 787 विमानों की इंजन स्टार्टअप प्रक्रिया की दोबारा जांच
सभी पायलटों को रिफ्रेशर ट्रेनिंग
स्वचालित सिस्टम के रिस्पॉन्स की समीक्षा
इंजन निर्माताओं से संवाद
यह घटना हमें याद दिलाती है कि आधुनिक तकनीक के साथ जिम्मेदारी और सतर्कता भी जरूरी है। पायलट, इंजीनियर और कंट्रोल सिस्टम – तीनों की सामूहिक सजगता से ही हवाई यात्रा सुरक्षित बनी रह सकती है।
जब तक यह स्पष्ट नहीं होता कि यह दुर्घटना किस वजह से हुई – इंसानी भूल या तकनीकी खराबी – तब तक इसे एक रहस्य ही माना जाएगा। पर एक बात निश्चित है कि इस मामले से भारतीय एविएशन इंडस्ट्री को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।
The recent Air India crash involving a Boeing 787 has sparked major concerns in the aviation industry. According to the DGCA’s 2025 report, a mysterious engine shutdown occurred during startup, possibly due to pilot error or system malfunction. This incident highlights critical issues in aircraft safety, pilot training, and engine reliability, making it one of the most talked-about aviation mysteries in India this year.



















