AIN NEWS 1: हम जिस हवा में सांस लेते हैं, वही हमारे स्वास्थ्य की सबसे बड़ी बुनियाद है। लेकिन देश के कई बड़े शहरों में हवा लगातार ज़हरीली होती जा रही है। 23 जनवरी 2026 को सुबह 9 बजे जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आंकड़े बताते हैं कि भारत के ज़्यादातर शहरी इलाकों में हवा “माध्यम” से लेकर “खराब” श्रेणी में बनी हुई है।
ये आंकड़े OpenWeatherMap से लिए गए हैं और अलग-अलग शहरों में प्रदूषण की गंभीरता को साफ तौर पर दिखाते हैं।
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वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) क्या बताता है?
AQI एक ऐसा पैमाना है जिससे यह समझा जाता है कि हवा इंसानों के लिए कितनी सुरक्षित या खतरनाक है।
AQI श्रेणियां इस प्रकार हैं:
अच्छी (0–50) – सेहत के लिए सुरक्षित
संतोषजनक (51–100) – मामूली असर
माध्यम (101–200) – संवेदनशील लोगों को परेशानी
खराब (201–300) – सांस के रोगियों के लिए खतरनाक
बहुत खराब (301–400) – सभी के लिए नुकसानदायक
गंभीर (401 से ऊपर) – अत्यधिक स्वास्थ्य जोखिम
प्रमुख शहरों का AQI (सुबह 9:00 बजे)
उत्तर भारत की स्थिति
दिल्ली (वजीरपुर – Institute of Tool Engineering): 201
राजधानी की हवा एक बार फिर “खराब” श्रेणी में पहुंच गई है।
नोएडा (सेक्टर-125): 192
स्थिति चिंताजनक, सांस संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
गुरुग्राम (विकास सदन): 169
हवा “माध्यम” श्रेणी में, लेकिन सुरक्षित नहीं।
लखनऊ (लालबाग पश्चिम): 199
AQI सीमा के करीब, हालात बिगड़ने की आशंका।
चंडीगढ़ (सेक्टर-25): 110
अपेक्षाकृत बेहतर, लेकिन पूरी तरह साफ नहीं।
पटना (समनपुरा): 162
प्रदूषण का स्तर मध्यम बना हुआ।
पूर्वी भारत की तस्वीर
कोलकाता (जादवपुर): 188
प्रदूषण से राहत नहीं, हवा लगातार खराब हो रही है।
शिलांग (IN Stadium): 178
पहाड़ी इलाका होने के बावजूद AQI चिंता बढ़ा रहा है।
पश्चिम और दक्षिण भारत का हाल
मुंबई (देवनार): 169
औद्योगिक और ट्रैफिक प्रदूषण बड़ा कारण।
हैदराबाद (बोलाराम औद्योगिक क्षेत्र): 160
हवा सांस लेने लायक नहीं कही जा सकती।
चेन्नई (कोडुंगैयूर): 182
कचरा प्रबंधन और उद्योग प्रदूषण की वजह।
बेंगलुरु (पीन्या): 81
राहत की खबर – हवा संतोषजनक श्रेणी में।
AQI श्रेणियों का आज का वितरण
अच्छी: 2 शहर
संतोषजनक: 12 शहर
माध्यम: 67 शहर
खराब: 2 शहर
बहुत खराब: 0
गंभीर: 1 शहर
यह साफ दर्शाता है कि देश के अधिकांश शहरों में हवा अभी भी सुरक्षित स्तर से ऊपर है।
सेहत पर क्या असर पड़ सकता है?
माध्यम और खराब AQI वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को:
आंखों में जलन
सांस लेने में परेशानी
खांसी और एलर्जी
बच्चों और बुज़ुर्गों में ज्यादा जोखिम
हो सकता है। अस्थमा और दिल के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की ज़रूरत है।
खुद को कैसे बचाएं?
सुबह की सैर प्रदूषण कम होने पर ही करें
मास्क का इस्तेमाल करें
घर में एयर प्यूरीफायर या पौधे रखें
बच्चों और बुज़ुर्गों को बाहर कम निकालें
AQI अपडेट नियमित रूप से चेक करें
23 जनवरी 2026 की सुबह के AQI आंकड़े यह साफ संकेत देते हैं कि भारत की शहरी हवा अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कुछ शहरों में राहत जरूर है, लेकिन ज्यादातर इलाकों में हवा पूरी तरह सुरक्षित नहीं कही जा सकती। जब तक सरकार, प्रशासन और आम लोग मिलकर ठोस कदम नहीं उठाएंगे, तब तक “स्वच्छ हवा” सिर्फ एक सपना बनी रहेगी।
India’s Air Quality Index (AQI) on 23 January 2026 highlights rising air pollution levels in major cities like Delhi, Noida, Mumbai, Kolkata, Lucknow, and Chennai. According to OpenWeatherMap AQI data recorded at 9 AM, most Indian cities fall under moderate to poor air quality categories, raising serious health concerns. Continuous monitoring of AQI levels in India is crucial to reduce pollution and protect public health.


















