AIN NEWS 1: महाराष्ट्र के बारामती में शोक और सन्नाटे के बीच वरिष्ठ नेता अजित पवार को अंतिम विदाई दी गई। 28 जनवरी को हुए दर्दनाक विमान हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
इस मौके पर राजनीति से जुड़े कई बड़े नाम मौजूद रहे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार, सांसद सुप्रिया सुले, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई वरिष्ठ नेता अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। सभी नेताओं ने नम आंखों से अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की।
🇮🇳 राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
अजित पवार के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर विद्या प्रतिष्ठान श्मशान घाट लाया गया। पुलिस और प्रशासन की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रगान के साथ अंतिम सलामी दी गई। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर देने वाला था।
श्मशान घाट के बाहर हजारों की संख्या में आम लोग भी जमा थे। समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने “अजित पवार अमर रहें” के नारे लगाए। हर कोई इस बात से स्तब्ध था कि इतना बड़ा नेता अचानक इस तरह दुनिया से चला गया।
✈️ कैसे हुआ विमान हादसा
जानकारी के मुताबिक, 28 जनवरी को बारामती में लैंडिंग के दौरान एक छोटा विमान हादसे का शिकार हो गया। विमान में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें अजित पवार भी शामिल थे। लैंडिंग के वक्त विमान तकनीकी खराबी का शिकार हो गया और रनवे से फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
हादसा इतना गंभीर था कि विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हादसे के बाद से ही पूरे महाराष्ट्र में शोक का माहौल बन गया।
🕊️ राजनीतिक जगत में शोक की लहर
अजित पवार के निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। देशभर के नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इस घटना को अपूरणीय क्षति बताया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अजित पवार का जाना देश की राजनीति के लिए बड़ा नुकसान है। शरद पवार ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वह सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि एक मजबूत प्रशासक और जमीन से जुड़े जनप्रतिनिधि थे।
👥 परिवार और समर्थकों का दर्द
अंतिम संस्कार के दौरान अजित पवार के परिवार के सदस्य बेहद भावुक नजर आए। सुप्रिया सुले और अन्य परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। समर्थक लगातार उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे थे।
बारामती, जो अजित पवार की कर्मभूमि मानी जाती है, पूरी तरह गमगीन दिखाई दी। बाजार बंद रहे, लोग घरों से बाहर निकलकर अंतिम यात्रा में शामिल हुए। हर किसी के चेहरे पर दुख साफ झलक रहा था।
🏛️ अजित पवार का राजनीतिक सफर
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति का एक बड़ा नाम रहे हैं। उन्होंने कई अहम पदों पर रहते हुए राज्य की राजनीति को दिशा दी। अपने सख्त फैसलों और प्रशासनिक पकड़ के लिए वह जाने जाते थे। बारामती से उनका गहरा जुड़ाव रहा और यहां के विकास में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है।
उनका अचानक इस तरह चले जाना न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों के लिए भी गहरा सदमा है।
🕯️ जांच के आदेश
विमान हादसे को लेकर प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। तकनीकी खराबी, मौसम की स्थिति और लैंडिंग प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। नागरिक उड्डयन विभाग और अन्य एजेंसियां मिलकर हादसे की वजह जानने में जुटी हैं।
सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया गया है।
🌹 अंतिम विदाई, यादों में अजित पवार
अजित पवार का अंतिम संस्कार भले ही हो गया हो, लेकिन उनकी यादें, उनका राजनीतिक योगदान और जनता से जुड़ाव हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा। बारामती की मिट्टी आज अपने सबसे बड़े नेता को खोने का दर्द महसूस कर रही है।
Ajit Pawar funeral was held with full state honours in Baramati following a tragic plane crash during landing on January 28. The Baramati plane crash claimed five lives, including senior leader Ajit Pawar, sending shockwaves across Maharashtra and Indian politics. Several top leaders attended Ajit Pawar’s last rites, highlighting the impact of his political legacy and the gravity of the incident.






