AIN NEWS 1: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ईरान में हाल ही में हुए हमलों को लेकर गहरी चिंता और दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर हुए हमले और दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर में लड़कियों के स्कूल पर हुए विनाशकारी हमले की कड़ी निंदा की है।
अखिलेश यादव ने इन घटनाओं को क्रूर, अमानवीय और मानवता के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध या संघर्ष में निर्दोष लोगों, खासकर बच्चों और महिलाओं को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है और इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।
सोशल मीडिया पर जताया दुख
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए इन घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि समाजवादी पार्टी ईरान में हुए इन हमलों की कड़ी निंदा करती है।
उन्होंने विशेष रूप से अयातुल्ला अली खामेनेई पर हुए हमले और मीनाब शहर के एक स्कूल पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं में भारी जनहानि हुई है, जो बेहद दुखद है।
अखिलेश यादव ने इस दौरान उन सभी लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की जो इस त्रासदी में अपने परिजनों को खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे दर्दनाक समय में पूरी दुनिया को पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए।
क्या हुआ था ईरान में?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाल के दिनों में मध्य-पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया है। इसी दौरान अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान के कई ठिकानों पर बड़े हमले किए गए।
बताया जा रहा है कि इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले के दौरान उनके परिवार के कई सदस्य भी प्रभावित हुए। उनकी बेटी, दामाद और नवासी की भी मौत होने की खबर सामने आई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं और बाद में उनका भी निधन हो गया।
इस घटना ने पूरे ईरान को झकझोर कर रख दिया। देशभर में शोक का माहौल बन गया और लोगों ने इसे बहुत बड़ा नुकसान बताया।
स्कूल पर हमले में 165 छात्राओं की मौत
ईरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित मीनाब शहर में एक और बेहद दर्दनाक घटना सामने आई। यहां एक लड़कियों के स्कूल को निशाना बनाकर हमला किया गया।
बताया गया कि उस समय स्कूल में छात्राएं अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कर रही थीं। अचानक हुए हमले के कारण स्कूल की इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हमले में करीब 165 छात्राओं की मौत हो गई।
घटना इतनी भयावह थी कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बचाव दल और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक कई मासूम जिंदगियां खत्म हो चुकी थीं।
ईरान सरकार ने इस हमले को हाल के समय का सबसे घातक हमला बताया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही निंदा
मीनाब के स्कूल पर हुए हमले के बाद दुनिया के कई देशों और संगठनों ने चिंता जताई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना की आलोचना हो रही है।
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि किसी भी संघर्ष के दौरान स्कूलों, अस्पतालों और आम नागरिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
जिनेवा कन्वेंशन का किया उल्लेख
अखिलेश यादव ने अपने बयान में जिनेवा कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि ये नियम युद्ध के समय भी मानव जीवन की रक्षा के लिए बनाए गए हैं। लेकिन ऐसी घटनाएं इन कानूनों की भावना को कमजोर करती हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि युद्ध के दौरान भी कुछ सीमाएं होती हैं, जिनका पालन हर देश को करना चाहिए। निर्दोष नागरिकों को नुकसान पहुंचाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
भारत सरकार से रुख साफ करने की अपील
अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर भारत सरकार से भी स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से शांति और कूटनीति का समर्थक रहा है।
उनके मुताबिक भारत को इस संवेदनशील मुद्दे पर शांति और संवाद की पहल करनी चाहिए ताकि तनाव कम हो सके।
उन्होंने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता। इससे केवल विनाश और मानवीय संकट पैदा होता है।
बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा जरूरी
अखिलेश यादव ने कहा कि दुनिया के सभी देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी संघर्ष में बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता हो।
उन्होंने कहा कि अगर युद्ध में भी मानवता को भुला दिया जाएगा, तो दुनिया के लिए यह बेहद खतरनाक स्थिति होगी।
ईरान में शोक और विरोध
इन घटनाओं के बाद ईरान में गहरा शोक देखने को मिल रहा है। कई जगह लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक लोग अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाते हुए सड़कों पर उतरे। कई शहरों में शोक सभाएं भी आयोजित की गईं, जहां मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई।
शिया समुदाय के बीच भी गहरा दुख और आक्रोश देखा जा रहा है।
विदेश नीति के मुद्दों पर कम बोलते हैं अखिलेश
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अखिलेश यादव आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय या विदेश नीति से जुड़े मामलों पर कम टिप्पणी करते हैं।
लेकिन इस बार बच्चों की बड़ी संख्या में मौत और एक देश के सर्वोच्च नेता की हत्या की खबर सामने आने के बाद उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने इसे मानवीय त्रासदी बताते हुए दुनिया से शांति की अपील की।
शांति की अपील
अखिलेश यादव ने अपने संदेश के अंत में कहा कि दुनिया को युद्ध नहीं बल्कि शांति की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संवाद और कूटनीति के जरिए ही समस्याओं का समाधान संभव है।
उन्होंने इस त्रासदी में जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी याद हमेशा जीवित रहेगी।
Samajwadi Party leader Akhilesh Yadav strongly condemned the reported attack that led to the death of Iran’s Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei and the devastating strike on a girls’ school in Minab, Iran, where 165 students were killed. Calling the incident cruel and inhuman, Akhilesh Yadav emphasized that even during war, international laws such as the Geneva Convention must protect civilians, especially children and women. His statement on the Iran conflict, the Minab school attack, and the rising tensions involving Iran, Israel, and the United States has drawn significant attention in India’s political discourse.



















