Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त रुख: यूपी में बंदरों के बढ़ते आतंक पर ठोस कार्ययोजना बनाने का आदेश

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | उत्तर प्रदेश में बंदरों का बढ़ता आतंक अब सिर्फ गली–मोहल्लों की समस्या नहीं रह गया, बल्कि यह इंसानों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और जीवन के अधिकार से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। गाज़ियाबाद, प्रयागराज, वाराणसी, मथुरा और अयोध्या जैसे जिलों में बंदरों के झुंड लोगों पर हमला करने, घरों में घुसने और सार्वजनिक स्थानों पर उत्पात मचाने की घटनाएँ आम हो गई हैं।

इसी गंभीर समस्या को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 28 अगस्त 2025 को एक सख्त आदेश जारी किया। अदालत ने भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI), उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य पशु कल्याण बोर्ड सहित कई संस्थाओं से कहा है कि वे 19 सितंबर 2025 तक बंदरों की बढ़ती आबादी, उनके हमलों और मानव-बंदर संघर्ष से निपटने के लिए व्यापक कार्ययोजना पेश करें।

क्यों बढ़ रही है समस्या?

पिछले एक दशक से यूपी में बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

  • केवल गाज़ियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में 15–20 हजार बंदर मौजूद हैं।

  • प्रयागराज, वाराणसी, मथुरा और अयोध्या जैसे धार्मिक शहरों में बंदरों के झुंड रोज़ाना नागरिकों को परेशान करते हैं।

  • बंदर बच्चों और बुजुर्गों पर हमला कर देते हैं।

  • कपड़े फाड़ना, छत से सामान उठाना और दुकानों से फल–सब्ज़ियाँ छीनना आम बात है।

  • पिछले एक साल में प्रयागराज और कौशांबी में बंदरों के हमलों से कई लोगों की मौत हो चुकी है।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि शहरीकरण, जंगलों का खत्म होना और धार्मिक स्थलों पर बंदरों को खिलाने की परंपरा इस समस्या के मुख्य कारण हैं।

अदालत की सुनवाई और आदेश

पहली सुनवाई

06 मई 2025 को अदालत ने इस मामले पर पहली बार गंभीरता दिखाई और केंद्र व राज्य सरकारों से पूछा कि उनके पास बंदरों की समस्या से निपटने के लिए क्या योजना है।

इसके बाद अदालत ने नोटिस जारी कर कई संस्थाओं को तलब किया, जिनमें शामिल थे:

  • भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI)

  • पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय

  • उत्तर प्रदेश सरकार

  • उत्तर प्रदेश राज्य पशु कल्याण बोर्ड

  • जिलाधिकारी गाज़ियाबाद

  • नगर निगम और नगर पालिकाएँ

  • SPCA (सोसायटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स)

  • गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA)

अनुपस्थिति पर नाराज़गी

10 जुलाई 2025 की सुनवाई में न तो AWBI और न ही राज्य पशु कल्याण बोर्ड अदालत में उपस्थित हुआ। अदालत ने इसे गंभीरता से लिया और सख्त शब्दों में कहा कि 19 सितंबर 2025 से पहले विस्तृत कार्ययोजना पेश करना अनिवार्य है।

याचिका किसने दायर की?

यह याचिका भाजपा नेता और समाजसेवी विनीत शर्मा और बी.टेक छात्रा प्राजक्ता सिंघल ने दाखिल की। दोनों गाज़ियाबाद निवासी हैं और लंबे समय से बंदरों के आतंक से जूझ रहे हैं।

उन्होंने अदालत से कहा कि यह समस्या केवल इंसानों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जानवरों के अधिकार और संतुलित सह-अस्तित्व का भी मामला है।

याचिका की मुख्य माँगें

याचिकाकर्ताओं ने अदालत के सामने छह प्रमुख माँगें रखीं:

  1. तुरंत एक ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।

  2. पशु चिकित्सालय और औषधालय स्थापित हों।

  3. घायल जानवरों के लिए राहत वाहन उपलब्ध कराए जाएँ।

  4. बंदरों को संरक्षित जंगलों में पुनर्वासित किया जाए।

  5. बंदरों के लिए भोजन और पानी की उचित व्यवस्था हो।

  6. 24×7 हेल्पलाइन और शिकायत पोर्टल बनाया जाए।

अधिवक्ताओं की दलीलें

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आकाश वशिष्ठ और पवन कुमार तिवारी ने कहा:

  • AWBI केंद्र सरकार का सर्वोच्च परामर्शी निकाय है, लेकिन उसने कोई कदम नहीं उठाया।

  • प्रयागराज और कौशांबी में बंदरों के हमलों से मौतें हो चुकी हैं।

  • राज्य सरकार और संबंधित संस्थाएँ चुप्पी साधे हुए हैं।

  • यह नागरिकों के जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) का उल्लंघन है।

जिलाधिकारी का हलफ़नामा

गाज़ियाबाद के जिलाधिकारी ने अपने हलफ़नामे में बताया कि उन्होंने 20 अगस्त 2025 को राज्य सरकार के शहरी विकास और पर्यावरण विभाग को पत्र लिखकर बंदरों की समस्या पर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाने की सिफारिश की है।

जनता की परेशानी – जमीनी हालात

स्थानीय निवासियों की स्थिति बेहद कठिन हो चुकी है।

  • गाज़ियाबाद निवासी 65 वर्षीय रामलाल शर्मा बताते हैं –
    “हम छत पर जाते हैं तो बंदर घेर लेते हैं। लाठी से भी उन्हें भगाना मुश्किल हो जाता है।”

  • कॉलेज छात्रा पायल गुप्ता कहती हैं –
    “रास्ते में बंदरों का झुंड खड़ा रहता है। रोज़ यह डर रहता है कि हमला न कर दें।”

लोगों का कहना है कि कई मोहल्लों में बंदरों के डर से बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाते और कई परिवारों को घर छोड़ने तक की नौबत आ चुकी है।

संवैधानिक पहलू

याचिका में अनुच्छेद 21 का हवाला दिया गया है, जो नागरिकों को सुरक्षित जीवन का अधिकार देता है। साथ ही, याचिकाकर्ताओं ने कहा कि जानवरों को भी भोजन और सुरक्षित जीवन का अधिकार है।

इसलिए अदालत से आग्रह किया गया कि इंसानों और जानवरों – दोनों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाया जाए।

संभावित समाधान

विशेषज्ञों और याचिकाकर्ताओं की राय के अनुसार निम्न समाधान सुझाए गए:

  • बंदरों का वन क्षेत्रों में पुनर्वास।

  • शहरों में कचरे और भोजन अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण।

  • धार्मिक स्थलों पर बंदरों को खाना खिलाने पर नियंत्रण।

  • बड़े शहरों में विशेष बंदर नियंत्रण दल की तैनाती।

  • नागरिकों के लिए जागरूकता अभियान।

इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह आदेश सिर्फ बंदरों के आतंक को रोकने का कदम नहीं है, बल्कि यह इंसान और जानवर दोनों के सह-अस्तित्व की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

अब सबकी निगाहें 19 सितंबर 2025 पर टिकी हैं, जब अदालत में प्रस्तुत की जाने वाली कार्ययोजना से तय होगा कि यूपी में बंदरों की समस्या का स्थायी समाधान मिल पाएगा या नहीं।

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
mist
7.1 ° C
7.1 °
7.1 °
93 %
2.1kmh
0 %
Sat
13 °
Sun
19 °
Mon
21 °
Tue
21 °
Wed
21 °
Video thumbnail
Somnath Mandir पर बुरी तरह फंसी कांग्रेस,Sudhanshu Trivedi ने ये सच्चाई देश को पहली बार बताई,सब दंग
17:11
Video thumbnail
CM Yogi PC: “INDI गठबंधन सवाल उठा…”, Vb G Ram G Bill 2025 को लेकर विपक्ष पर गरजे CM Yogi Adityanath
04:55
Video thumbnail
भरे मंच पर भाषण दे रहे थे Ravi Kisan, अचानक भीड़ के साथ पहुंचे कार्यकर्ता, और बवाल काट दिया !
03:14
Video thumbnail
Venezuela Attack देख Owaisi ने PM Modi को कौन सी कार्रवाई की हिदायत दे डाली?
01:24
Video thumbnail
'पाकिस्तान भेज दो' Asaduddin Owaisi का मंच से ये बयान सुनकर सब चौंक गए !
09:20
Video thumbnail
सदन में Amit Shah की 5 दहाड़ सुन कांपने लगे विरोधी, सब हैरान! Amit Shah 5 Speech
08:22
Video thumbnail
UP में SIR के बाद वोटरों की संख्या में कटौती पर Akhilesh Yadav का CM Yogi पर तीखा वार, जानिए वजह
07:26
Video thumbnail
राम मंदिर में खड़े होकर गुस्से से Yogi ने गोली की आवाज में दिया ऐसा भाषण हिल जायेंगे सनातन विरोधी!
13:01
Video thumbnail
पत्रकारों के सामने Amit Shah ने ऐसा क्या बोला सुनकर दंग रह जाएगी Mamata Banerjee! Latest | Bengal
09:31
Video thumbnail
सत्य सनातन युवा वाहिनी के गाजियाबाद जिला अध्यक्ष, बबलू चौधरी ने दी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं
00:38

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related