AIN NEWS 1: लोकसभा में देश के सामने मौजूद आंतरिक सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे—वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद)—पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने सरकार की रणनीति और उपलब्धियों को विस्तार से रखा। अपने संबोधन में उन्होंने न सिर्फ वर्तमान स्थिति का चित्रण किया, बल्कि पिछले दशकों की नीतियों पर भी सवाल उठाए।
🔴 रेड कॉरिडोर से बदलती तस्वीर
गृह मंत्री ने कहा कि एक समय था जब देश का एक बड़ा इलाका “रेड कॉरिडोर” के नाम से जाना जाता था। यह क्षेत्र करीब 12 राज्यों में फैला हुआ था और देश के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से में नक्सलवाद का प्रभाव था। इन इलाकों में रहने वाले लोग लंबे समय तक भय और हिंसा के माहौल में जीने को मजबूर थे।
उन्होंने बताया कि अब स्थिति तेजी से बदल रही है। सरकार की सख्त नीति और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के कारण इन क्षेत्रों में नक्सल गतिविधियों में भारी गिरावट आई है। खासतौर पर छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र, जो कभी नक्सलवाद का गढ़ माना जाता था, अब लगभग इस समस्या से मुक्त हो चुका है।
🟢 बस्तर में विकास की नई कहानी
अमित शाह ने अपने भाषण में बस्तर का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वहां अब विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले जहां सरकारी योजनाएं पहुंच ही नहीं पाती थीं, आज वहां हर गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
हर गांव में स्कूल खोलने का अभियान चलाया गया
राशन की दुकानों की स्थापना की गई
सड़क और संचार सुविधाओं में सुधार हुआ
बैंकिंग सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया गया
उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा का माहौल बनता है, तभी विकास संभव होता है। पहले नक्सलियों के डर के कारण सरकारी कर्मचारी भी वहां जाने से कतराते थे, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
⚔️ सरकार का सख्त रुख
गृह मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की नीति बिल्कुल साफ है—जो भी हथियार उठाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसी भी प्रकार के उग्रवाद को बर्दाश्त नहीं करेगी।
उनके अनुसार, सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए, जिससे उनकी ताकत कमजोर हुई और उनका नेटवर्क टूटता गया। इसके साथ ही, सरकार ने विकास योजनाओं को भी तेज गति से लागू किया, जिससे स्थानीय लोगों का भरोसा बढ़ा।
🧭 पिछली सरकारों पर सवाल
अमित शाह ने अपने भाषण में विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 70 वर्षों में आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इनमें से करीब 60 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद इन क्षेत्रों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इतने लंबे समय तक शासन करने के बाद भी आदिवासी समुदाय को घर, पानी, शिक्षा और बैंकिंग जैसी सुविधाएं नहीं मिल पाईं, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
उनका कहना था कि आज जो लोग सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले अपने कार्यकाल का मूल्यांकन करना चाहिए।
🌿 आदिवासी विकास पर जोर
गृह मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार आदिवासी समाज के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि अब इन क्षेत्रों में सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक आदिवासी समुदाय मुख्यधारा से नहीं जुड़ेगा, तब तक देश का समग्र विकास संभव नहीं है। इसलिए सरकार ने योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने पर खास ध्यान दिया है।
📚 नक्सलियों की विचारधारा पर सवाल
अमित शाह ने नक्सलियों की विचारधारा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वे भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों को अपना आदर्श नहीं मानते। उन्होंने कहा कि नक्सलवादी न तो तिलका मांझी, भगवान बिरसा मुंडा, भगत सिंह या सुभाष चंद्र बोस को अपना आदर्श मानते हैं।
इसके बजाय वे विदेशी विचारधारा से प्रेरित होकर माओवाद को अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह विचारधारा भारत की संस्कृति और परंपरा के अनुरूप नहीं है।
🧠 सत्य को स्वीकारने की जरूरत
अपने संबोधन के अंत में गृह मंत्री ने कहा कि देश को सच्चाई को स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि यह मानना पड़ेगा कि जिन क्षेत्रों में नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां विकास इसलिए नहीं पहुंच पाया क्योंकि वहां भय और हिंसा का माहौल था।
अब जब वह डर खत्म हो रहा है, तो विकास भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में देश पूरी तरह से नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा।
लोकसभा में दिए गए इस संबोधन के जरिए अमित शाह ने यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकार न सिर्फ नक्सलवाद के खिलाफ सख्त है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में विकास को भी प्राथमिकता दे रही है। बस्तर जैसे इलाकों में हो रहे बदलाव को उन्होंने इस नीति की सफलता का उदाहरण बताया।
यह स्पष्ट है कि सरकार सुरक्षा और विकास—दोनों को साथ लेकर चल रही है, ताकि देश के हर हिस्से में शांति और समृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
Union Home Minister Amit Shah addressed the Lok Sabha highlighting the government’s success in eliminating Naxalism from Bastar and the Red Corridor. He emphasized that under the Modi government, development has reached tribal regions with schools, ration shops, and banking facilities. Shah criticized previous governments for neglecting tribal welfare and asserted that strong action against left-wing extremism has paved the way for rapid development in affected areas.


















