AIN NEWS 1: आंध्र प्रदेश के अंबेडकर कोनासीमा जिले से शुक्रवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक गैस पाइपलाइन से अचानक रिसाव की खबर सामने आई। यह घटना जिले के मलिकिपुरम मंडल के पूर्वी पालेम गांव में हुई, जहां ओएनजीसी (ONGC) की एक पाइपलाइन से गैस लीक होने के कारण आसपास के इलाकों में तेज गंध फैल गई। गैस की तेज बदबू महसूस होते ही ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल बन गया।

🌫️ सुबह-सुबह फैली गैस की तेज गंध
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शुक्रवार (30 जनवरी 2026) की सुबह जब लोग अपने रोजमर्रा के कामों में जुटने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक हवा में तेज गैस जैसी गंध फैलने लगी। शुरुआत में ग्रामीण समझ नहीं पाए कि आखिर क्या हो रहा है, लेकिन थोड़ी ही देर में लोगों को शक हुआ कि कहीं गैस लीक तो नहीं हो रही। कुछ लोगों ने तुरंत प्रशासन और संबंधित विभागों को इसकी सूचना दी।
🚨 सूचना मिलते ही हरकत में आई इमरजेंसी टीम
गैस लीक की जानकारी मिलते ही ओएनजीसी और जिला प्रशासन की आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा को देखते हुए इलाके को घेर लिया गया और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई। टीम ने सबसे पहले पाइपलाइन के उस हिस्से की पहचान की, जहां से गैस का रिसाव हो रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, गैस लीक को नियंत्रित करने के लिए तकनीकी प्रक्रिया के तहत पाइपलाइन की सप्लाई को अस्थायी रूप से रोका गया। इसके बाद रिसाव को बंद करने के लिए जरूरी सुरक्षा और मरम्मत के उपाय शुरू किए गए।
👨🚒 प्रशासन की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के निर्देश दिए। स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि समय रहते कार्रवाई किए जाने की वजह से किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। न तो किसी के घायल होने की सूचना है और न ही किसी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। यह राहत की बात रही कि गैस लीक का असर सीमित क्षेत्र तक ही रहा।
🔍 गैस लीक की वजह अब तक साफ नहीं
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पाइपलाइन से गैस लीक होने की असली वजह क्या थी। शुरुआती जांच में तकनीकी खामी या पाइपलाइन में दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अधिकारी किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले पूरी तकनीकी जांच की बात कह रहे हैं।
ओएनजीसी के अधिकारियों के मुताबिक, विशेषज्ञों की टीम पाइपलाइन की पूरी जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि लीक किस कारण से हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
🏘️ ग्रामीणों में कुछ देर तक बना रहा डर
हालांकि स्थिति पर काबू पा लिया गया, लेकिन गैस की गंध फैलने के कारण गांव के लोग कुछ समय तक सहमे रहे। कई परिवारों ने एहतियातन अपने घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद कर लीं, वहीं कुछ लोग खुले स्थानों की ओर चले गए। प्रशासन ने लोगों को अफवाहों से दूर रहने और घबराने की जरूरत न होने की सलाह दी।
🛡️ सुरक्षा को लेकर दिए गए जरूरी निर्देश
घटना के बाद प्रशासन ने पाइपलाइन के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षा से जुड़े जरूरी निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने कहा कि अगर किसी को दोबारा गैस की गंध महसूस हो या कोई असामान्य गतिविधि दिखे, तो तुरंत संबंधित विभाग या प्रशासन को सूचना दें।
✅ हालात सामान्य, लेकिन निगरानी जारी
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और गैस रिसाव बंद कर दिया गया है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर इलाके में निगरानी जारी रखी गई है। मरम्मत और जांच का काम पूरा होने के बाद ही पाइपलाइन को पूरी तरह दोबारा चालू किया जाएगा।
अंबेडकर कोनासीमा जिले में हुई यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि औद्योगिक पाइपलाइनों की नियमित जांच और रखरखाव कितना जरूरी है। गनीमत रही कि प्रशासन और ओएनजीसी की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। अब सबकी नजर तकनीकी जांच रिपोर्ट पर है, जिससे गैस लीक की असली वजह सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
A gas leak incident from an ONGC pipeline in Ambedkar Konaseema district of Andhra Pradesh created panic among local residents after a strong gas smell spread across nearby areas. The Andhra Pradesh gas leak was reported from Malikipuram mandal, where emergency response teams acted quickly to control the situation. The ONGC pipeline leak was brought under control with no casualties reported, and officials have initiated a technical investigation to determine the cause of the gas pipeline incident.


















