AIN NEWS 1: देश के जाने-माने उद्योगपति अनिल अंबानी एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर चर्चा में हैं। इस बार मामला उनके मुंबई स्थित बेहद आलीशान और हाई-प्रोफाइल बंगले से जुड़ा हुआ है।
प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई के पॉश इलाके पाली हिल में स्थित उनके लग्ज़री घर ‘Abode’ को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। इस बंगले की अनुमानित कीमत करीब ₹3716 करोड़ बताई जा रही है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक बड़े मामले की जांच के तहत की गई है।
ED की कार्रवाई क्यों हुई?
ED द्वारा की गई यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत की गई है। जांच एजेंसी पिछले कुछ समय से Reliance Communications और उससे जुड़ी अन्य कंपनियों के वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
जांच के दौरान सामने आया कि वर्ष 2010 से 2012 के बीच विभिन्न बैंकों से लिए गए हजारों करोड़ रुपये के लोन के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि इन लोन की राशि का इस्तेमाल तय उद्देश्य के बजाय अन्य गतिविधियों में किया गया, जिससे वित्तीय अनियमितताओं की आशंका बढ़ गई।
पाली हिल का ‘Abode’ क्यों बना जांच का हिस्सा?
मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित ‘Abode’ सिर्फ एक घर नहीं बल्कि देश की सबसे महंगी निजी संपत्तियों में से एक माना जाता है। ED को शक है कि इस संपत्ति का संबंध उन वित्तीय लेन-देन से हो सकता है जो जांच के दायरे में हैं।
इसी आधार पर एजेंसी ने इसे अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है ताकि जांच पूरी होने तक इस संपत्ति का किसी भी तरह से लेन-देन या हस्तांतरण न किया जा सके।
क्या इसका मतलब संपत्ति जब्त हो गई है?
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। ED द्वारा किसी संपत्ति को अटैच करने का मतलब यह नहीं होता कि उसे स्थायी रूप से जब्त कर लिया गया है।
अटैचमेंट का मतलब है कि जांच पूरी होने तक संबंधित संपत्ति को कानूनी रूप से सुरक्षित रखा जाता है। अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही लिया जाएगा। अगर जांच में आरोप साबित होते हैं तो आगे चलकर संपत्ति की स्थायी जब्ती की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
पहले भी हुई है कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब इस मामले में ED ने कार्रवाई की हो। इससे पहले भी Reliance Group से जुड़ी कई संपत्तियों को जांच के दौरान अटैच किया जा चुका है।
बताया जा रहा है कि अब तक इस पूरे मामले में करीब ₹15,700 करोड़ से अधिक की संपत्तियां ED द्वारा अटैच की जा चुकी हैं। इससे यह साफ होता है कि जांच एजेंसी इस मामले को काफी गंभीरता से ले रही है।
बैंकों ने क्या कहा?
जिन बैंकों ने संबंधित कंपनियों को लोन दिया था, उनमें से कई ने बाद में इन खातों को फ्रॉड अकाउंट घोषित कर दिया था। इसके बाद ही मामले ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की गई।
बैंकों का कहना है कि लोन चुकाने में चूक के साथ-साथ फंड के इस्तेमाल को लेकर भी कई तरह की अनियमितताएं सामने आई थीं।
आगे क्या होगा?
अब इस मामले में आगे की प्रक्रिया अदालत की निगरानी में चलेगी। ED अपनी जांच रिपोर्ट और सबूत अदालत में पेश करेगी, जिसके बाद यह तय होगा कि अटैच की गई संपत्तियों के साथ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
यदि आरोप साबित होते हैं तो यह देश के कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़े सबसे बड़े वित्तीय मामलों में से एक साबित हो सकता है।
मुंबई में स्थित ₹3716 करोड़ कीमत के इस आलीशान बंगले को अटैच किया जाना ED की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। हालांकि, अभी यह सिर्फ जांच के दायरे में की गई अस्थायी कानूनी प्रक्रिया है। अंतिम फैसला अदालत के आदेश के बाद ही सामने आएगा।
The Enforcement Directorate (ED) has attached Anil Ambani’s Mumbai-based luxury bungalow worth ₹3716 crore under the Prevention of Money Laundering Act (PMLA) as part of an ongoing bank fraud and money laundering investigation involving Reliance Communications and other Reliance Group companies. The high-value property located in Mumbai’s Pali Hill area has been provisionally attached in connection with alleged loan irregularities and financial misconduct, making this ED action one of the biggest developments in India’s corporate fraud investigations.


















