AIN NEWS 1: हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज पर चलती ट्रेन में जानलेवा हमला किया गया। इस हमले के बाद मामला और भी ज्यादा चर्चा में आ गया, जब एक अघोरी युवती ने सोशल मीडिया पर इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया।
हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हमला किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था या फिर सोशल मीडिया पर किए गए दावे केवल चर्चा में आने के लिए किए गए हैं।
चलती ट्रेन में हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक, आशुतोष महाराज पर रविवार को उस समय हमला हुआ जब वह ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में वह घायल हुए, हालांकि उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
हमले के बाद आशुतोष महाराज ने आरोप लगाया कि इस पूरी घटना के पीछे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थकों का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने शंकराचार्य के खिलाफ एक गंभीर मामला दर्ज कराया था और उसी के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं।
सोशल मीडिया पोस्ट से मचा हड़कंप
इस बीच एक फेसबुक पोस्ट ने पूरे मामले को और ज्यादा सनसनीखेज बना दिया। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाली एक महिला, जिसने खुद को “डॉ. स्वाति अघोरी” बताया है, उसने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया।
उसकी पोस्ट में लिखा गया—
“सत्य सनातन धर्म की जय हो। गौ माता राष्ट्र माता का संकल्प पूरा होकर रहेगा। जो बीच में आएगा, वह आदिशक्ति के क्रोध से नहीं बच पाएगा।”
इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
गिरफ्तारी को लेकर भी किया पोस्ट
कुछ ही समय बाद उसी महिला ने एक और फेसबुक पोस्ट किया, जिसमें वह एक पुलिसकर्मी के साथ सेल्फी लेते हुए नजर आई।
इस पोस्ट में उसने लिखा—
“लगता है अब मैं चर्चा में आ गई हूं। ये हमें गिरफ्तार करने आए हैं। धर्म के लिए गिरफ्तारी क्या, सूली पर भी चढ़ जाऊं तो तैयार हूं। शंकराचार्य जी का समर्थन करने की वजह से हमें रोका जा रहा है। गौ माता राष्ट्र माता के आंदोलन में शामिल होने से भी रोका जा रहा है।”
उसने यह भी लिखा कि उसने धर्म के लिए हर तरह का त्याग करने का संकल्प लिया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक सोशल मीडिया पर किए गए इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या वाकई इस महिला का हमले से कोई संबंध है या फिर यह मामला केवल सोशल मीडिया पर चर्चा पाने का प्रयास है।
जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि हमले में शामिल लोग कौन थे और उनकी मंशा क्या थी। साथ ही उस महिला के सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच की जा रही है।
कौन हैं डॉ. स्वाति अघोरी?
फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक, खुद को “डॉ. स्वाति अघोरी” बताने वाली महिला उत्तराखंड के गंगोत्री क्षेत्र की रहने वाली बताई जाती हैं। वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और फेसबुक पर उनके 10 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स बताए जाते हैं।
अपने प्रोफाइल में वह खुद को वेद, पुराण और उपनिषदों की जानकार और प्रवक्ता बताती हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने बारे में कई धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े होने का दावा भी किया है।
‘काल भैरव युवा वाहिनी’ से जुड़ाव
सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्वाति अघोरी खुद को “काल भैरव युवा वाहिनी” की राष्ट्रीय अध्यक्ष बताती हैं। साथ ही वह असम स्थित प्रसिद्ध कामाख्या शक्तिपीठ से भी जुड़ी होने का दावा करती हैं।
अपने फेसबुक पेज पर उन्होंने खुद को “सनातनी बेटी” बताया है और धार्मिक मुद्दों पर अक्सर पोस्ट करती रहती हैं।
शंकराचार्य को मानती हैं गुरु
स्वाति अघोरी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अपना गुरु मानती हैं। वह उनके कई धार्मिक अभियानों और यात्राओं में समर्थन जताती रही हैं।
उनके फेसबुक पेज के कवर फोटो में शंकराचार्य के गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की तस्वीर भी लगी हुई है, जिससे उनके धार्मिक जुड़ाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
विवाद की पृष्ठभूमि
दरअसल, हाल ही में आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बटुकों से कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी मामले के बाद यह विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
आशुतोष द्वारा कानूनी कार्रवाई किए जाने के बाद कई लोग खुलकर उनके समर्थन और विरोध में सामने आए। इसी दौरान स्वाति अघोरी ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट करते हुए इस मामले को सनातन धर्म पर हमला बताया था।
सोशल मीडिया और सच्चाई के बीच जांच
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आशुतोष पर हमला वास्तव में किसी साजिश के तहत किया गया था या फिर सोशल मीडिया पर किए गए दावे वास्तविकता से अलग हैं।
पुलिस का कहना है कि बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
आगे क्या हो सकता है?
जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस हमले के पीछे कौन लोग थे और उनकी मंशा क्या थी। अगर सोशल मीडिया पर दावा करने वाली महिला की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
फिलहाल यह मामला धार्मिक, सामाजिक और कानूनी पहलुओं से जुड़ जाने के कारण लगातार चर्चा में बना हुआ है।
Ashutosh Maharaj, who recently filed an FIR against Swami Avimukteshwaranand over alleged sexual harassment of students, was reportedly attacked on a moving train in Uttar Pradesh. The incident gained further attention after a woman identifying herself as Swati Aghori claimed responsibility through a Facebook post. Police are currently investigating the authenticity of the claim and whether the attack on Ashutosh Maharaj is connected to the ongoing controversy surrounding Swami Avimukteshwaranand. The case has sparked widespread debate across social media and news platforms.


















