AIN NEWS 1: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताज़ा मामला नरसिंदी जिले से सामने आया है, जहां एक हिंदू युवक चंचल भौमिक की बेहद क्रूर तरीके से हत्या कर दी गई। आरोप है कि चंचल को उसके ही गैराज के अंदर जिंदा जला दिया गया, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
🔥 गैराज में सोते समय मौत के घाट उतारा गया
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, चंचल भौमिक रोज़ की तरह रात में अपने गैराज के अंदर सो रहा था। देर रात कुछ अज्ञात लोगों ने पहले गैराज का शटर बाहर से बंद किया, फिर अंदर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
धुएं और आग की लपटों के बीच फंसे चंचल को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। सुबह जब शटर खोला गया तो अंदर जली हुई लाश मिली। यह दृश्य इतना भयावह था कि देखने वालों की रूह कांप गई।
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👨👩👦 परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
चंचल भौमिक अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी मां लंबे समय से बीमार हैं, बड़ा भाई दिव्यांग है और छोटा भाई भी उस पर ही निर्भर था। अब चंचल की मौत के बाद परिवार के सामने रोटी, इलाज और भविष्य तीनों का संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चंचल बेहद शांत स्वभाव का इंसान था। उसका किसी से कोई विवाद नहीं था और न ही किसी तरह की दुश्मनी। यही वजह है कि उसकी हत्या को लेकर इलाके में गहरा आक्रोश और डर का माहौल है।
❓ क्या यह धार्मिक नफरत का मामला है?
परिवार और स्थानीय लोगों का मानना है कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश हो सकती है। जिस तरह से शटर बंद कर पेट्रोल डालकर आग लगाई गई, उससे यह साफ लगता है कि हत्यारे पूरी तैयारी के साथ आए थे।
परिजनों का कहना है कि चंचल की पहचान एक हिंदू के रूप में थी और हाल के दिनों में बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे में इस हत्या के पीछे धार्मिक नफरत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
📍 नरसिंदी में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी वारदातें
यह पहली बार नहीं है जब नरसिंदी जिले में किसी हिंदू की हत्या हुई हो। 5 जनवरी को इसी जिले में 40 वर्षीय हिंदू दुकानदार शरत मणि चक्रवर्ती की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी।
इसके अलावा, कुछ समय पहले एक हिंदू पत्रकार राणा प्रताप बैरागी को दिनदहाड़े गोली मार दी गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर बाइक से आए, उन्हें उनकी फैक्ट्री से बाहर बुलाया और फिर पास की गली में ले जाकर सिर में कई गोलियां मार दीं।
हिंसा की एक और घटना में 28 वर्षीय समीर कुमार दास की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई। इतना ही नहीं, हमलावर उसका ऑटोरिक्शा भी लूटकर फरार हो गए। यह घटना भी हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा की कड़ी मानी जा रही है।
⚠️ ईशनिंदा के आरोप में भीड़ की हिंसा
कुछ मामलों में भीड़ द्वारा की गई हिंसा ने हालात को और डरावना बना दिया है। दीपू दास नामक युवक को कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। वहीं, कारोबारी खोकोन दास को भी पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया गया था।
अब तक सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, हाल के महीनों में कम से कम 6 हिंदू समुदाय के लोगों की हत्या हो चुकी है, जिनमें राणा प्रताप बैरागी, दीपू दास, अमृत मंडल, बज्रेंद विश्वास, खोकोन दास और अब चंचल भौमिक शामिल हैं।
🗳️ चुनाव से पहले बढ़ता तनाव
बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले माहौल तेजी से तनावपूर्ण होता जा रहा है। बीते करीब 40 दिनों में 10 हिंदुओं की हत्या की खबरें सामने आ चुकी हैं, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय में डर गहराता जा रहा है।
🗣️ भड़काऊ भाषणों ने बढ़ाई चिंता
चुनाव से पहले कुछ राजनीतिक नेताओं के बयानों ने भी हालात को और संवेदनशील बना दिया है। बर्गुना-2 सीट से जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार अफजल हुसैन के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया।
एक चुनावी सभा में उन्होंने कहा कि जिस देश की 80 फीसदी आबादी मुस्लिम है, वहां संसद में किसी गैर-मुस्लिम की जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भीड़ से सवाल किया— “आप कुरान चाहते हैं या भटकाव?”
अफजल हुसैन ने यहां तक कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो देश में कुरान आधारित शासन व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने संविधान की अवधारणा को भी नकारते हुए चोरी जैसे अपराधों पर हाथ काटने जैसी सज़ा को सही ठहराया।
🕊️ अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल
इन घटनाओं ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चंचल भौमिक की मौत सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि उस डर और असुरक्षा का प्रतीक बन गई है, जिसमें वहां का हिंदू समुदाय जीने को मजबूर है।
स्थानीय लोग और मानवाधिकार संगठन सरकार से मांग कर रहे हैं कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
The killing of Hindu man Chanchal Bhowmik in Bangladesh highlights the growing violence against minorities ahead of the Bangladesh elections. Reports of Hindu killings in Narsingdi and other districts, including attacks on Hindu journalists and shopkeepers, have raised international concern. The Bangladesh Hindu killing cases reflect a troubling pattern of minority persecution, religious intolerance, and political tension during election time.


















