AIN NEWS 1: गाजियाबाद के ट्रांसहिंडन क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है। परिवार के सदस्यों से पूछताछ, बैंक खातों की जांच, कारोबार की पड़ताल और सामाजिक परिस्थितियों का विश्लेषण—हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
जांच के दौरान पिता चेतन के कारोबार, आर्थिक हालात और पारिवारिक संबंधों से जुड़े कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो इस मामले को और गंभीर बना देते हैं।
पिता के चार कारोबार: कई स्रोत, पर बिगड़ती हालत
पुलिस जांच में सामने आया है कि चेतन एक साथ कई तरह के कारोबार से जुड़े हुए थे। इनमें प्रमुख रूप से:
प्रॉपर्टी डीलिंग
वाहनों की खरीद-फरोख्त
बैंकों के क्रेडिट कार्ड बनवाने का काम
शेयर ट्रेडिंग और फॉरेक्स ट्रेडिंग
कोरोना महामारी से पहले तक प्रॉपर्टी और वाहन के कारोबार से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बताई जा रही थी। अच्छे मुनाफे के चलते उन्होंने शेयर बाजार में कदम रखा। लेकिन कोरोना काल के दौरान बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें बड़ा नुकसान हुआ।
सूत्रों के अनुसार, शेयर और फॉरेक्स ट्रेडिंग में हुए घाटे के बाद उनकी आर्थिक स्थिति लगातार गिरती चली गई। नुकसान की भरपाई के लिए उन्होंने क्रेडिट कार्ड बनाने का काम भी शुरू किया और इस कार्य में टीना (उर्फ नाजनीन), जो 12वीं पास बताई गई हैं, को नौकरी पर रखा।
तीन बैंक खाते और आर्थिक जांच
पुलिस को जानकारी मिली है कि चेतन के अलग-अलग बैंकों में तीन खाते हैं। अब इन खातों का पूरा लेन-देन खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि खातों की डिटेल से यह साफ हो सकेगा कि वास्तव में उनकी आर्थिक स्थिति कितनी खराब थी और हाल के महीनों में पैसों का प्रवाह कैसा था।
एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह के अनुसार, सभी खातों की जानकारी मंगवाई गई है और जरूरत पड़ने पर वित्तीय विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी।
किराए के फ्लैट और बढ़ता दबाव
जांच में यह भी सामने आया कि चेतन दो फ्लैट किराए पर लेकर रह रहे थे—एक में परिवार रहता था और दूसरा ऑफिस के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
हालांकि, पिछले कुछ महीनों से किराया नियमित रूप से नहीं दिया जा रहा था। जानकारी के अनुसार:
जिस फ्लैट में परिवार रह रहा था, उसका करीब छह महीने का किराया बकाया था।
ऑफिस वाले फ्लैट का लगभग तीन महीने का किराया नहीं दिया गया था।
फ्लैट मालिकों द्वारा खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस ने दोनों फ्लैट मालिकों को पूछताछ के लिए बुलाया है। परिवार वाले फ्लैट की मालकिन दिल्ली की रहने वाली हैं और फिलहाल शहर से बाहर बताई गई हैं।
आर्थिक दबाव, कर्ज और सामाजिक प्रतिष्ठा पर असर—ये सभी बातें मानसिक तनाव का कारण बन सकती हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।
पारिवारिक रिश्तों में तनाव
मामले की जांच के दौरान पारिवारिक संबंधों की जटिलता भी सामने आई है। चेतन की तीन शादियां हुई थीं। उनके बड़े भाई विष्णु ने चेतन की पहली पत्नी सुजाता की छोटी बहन और दूसरी पत्नी हिना की बड़ी बहन शालू से शादी की थी। शुरू में दोनों परिवारों के बीच आना-जाना था।
लेकिन जब चेतन ने तीसरी शादी टीना उर्फ नाजनीन से की और उन्हें घर ले आए, तब रिश्तों में खटास आ गई। बड़े भाई और भाभी ने घर आना-जाना बंद कर दिया।
बताया गया कि कुछ समय के लिए पहली और दूसरी पत्नी घर छोड़कर चली गई थीं, लेकिन बाद में बच्चों की परवरिश का हवाला देकर वापस आ गईं। चेतन ने समझाया कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पढ़ी-लिखी महिला का घर में होना जरूरी है।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों पत्नियां चौथी और पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ी हैं और बच्चों की पढ़ाई में मदद करने में असमर्थ थीं।
बच्चियों की पढ़ाई और ट्यूशन का सच
तीनों बच्चियों को हाल ही में ट्यूशन भेजना शुरू किया गया था। पुलिस ने ट्यूशन टीचर से पूछताछ की।
टीचर के अनुसार:
तीनों बहनें पढ़ाई में बहुत कमजोर थीं।
वे एक वाक्य को ठीक से नहीं पढ़ पाती थीं।
गणित भी बेहद कमजोर था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बच्चियों ने टीचर से कहा था कि उन्हें गोद लिया गया है और वे कोरिया जाना चाहती हैं, लेकिन पिता इसके लिए राजी नहीं हैं।
यह बात सुनकर ट्यूशन टीचर को आश्चर्य हुआ। उन्होंने यह बात चेतन को बताई और एडवांस फीस भी वापस कर दी। बच्चियां केवल तीन दिन ही ट्यूशन गई थीं।
यह बयान जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि बच्चियों के मन में इस तरह की सोच कैसे आई।
जानलेवा मोबाइल गेम का एंगल
प्रारंभिक चर्चा में एक संभावित मोबाइल गेम एंगल की भी बात सामने आई थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी विशेष गेम का आधिकारिक नाम नहीं लिया है, लेकिन यह जांच की जा रही है कि क्या बच्चियां किसी ऐसे ऑनलाइन गेम या चैलेंज के संपर्क में थीं, जो मानसिक रूप से उन्हें प्रभावित कर रहा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरावस्था में मानसिक दबाव, पारिवारिक तनाव और डिजिटल प्रभाव मिलकर गंभीर परिणाम दे सकते हैं। पुलिस मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच भी करवा रही है।
क्या आर्थिक और सामाजिक दबाव बना वजह?
अब तक की जांच में तीन मुख्य पहलू सामने आते हैं:
आर्थिक संकट और कर्ज का दबाव
पारिवारिक रिश्तों में तनाव
बच्चियों की मानसिक स्थिति और डिजिटल प्रभाव
हालांकि अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को जोड़कर देख रही है। यह भी संभव है कि कई कारण मिलकर इस दुखद घटना की वजह बने हों।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
तीनों बैंक खातों की डिटेल जांच
फ्लैट मालिकों से पूछताछ
मोबाइल और डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच
परिवार के अन्य सदस्यों के बयान
एसीपी के अनुसार, जांच अभी जारी है और हर बिंदु को गंभीरता से देखा जा रहा है।
समाज के लिए एक चेतावनी
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है।
बच्चों की मानसिक स्थिति, डिजिटल दुनिया का प्रभाव, पारिवारिक माहौल और आर्थिक दबाव—इन सबका सीधा असर किशोरों पर पड़ता है।
जरूरी है कि:
बच्चों से खुलकर संवाद किया जाए
उनके ऑनलाइन व्यवहार पर नजर रखी जाए
आर्थिक तनाव को बच्चों से दूर रखा जाए
जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग की मदद ली जाए
भारत सिटी की यह घटना कई सवाल छोड़ गई है। तीन मासूम जिंदगियां क्यों और कैसे इस हद तक पहुंचीं—इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। लेकिन इतना तय है कि इस मामले ने आर्थिक अस्थिरता, पारिवारिक तनाव और डिजिटल प्रभाव के खतरों को एक बार फिर सामने ला दिया है।
पुलिस जांच जारी है, और पूरे शहर की निगाहें अब इस केस के अंतिम खुलासे पर टिकी
The Bharat City Ghaziabad three sisters suicide case has shocked the region, with police investigation revealing details about the father’s multiple businesses, financial crisis during Covid, unpaid rent issues, and the alleged mobile game angle. Authorities are examining bank accounts, forex trading losses, property dealings, and family dynamics to understand the circumstances behind the tragic death of the minor girls in Trans Hindon.


















