AIN NEWS 1: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शहर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यहां धर्म परिवर्तन और देह व्यापार से जुड़े एक कथित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में दो सगी बहनों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर आरोप है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को झांसा देकर उन्हें पहले अपने संपर्क में लाती थीं और फिर उन्हें गलत रास्ते पर धकेल देती थीं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार की गई बहनों की पहचान अमरीन और आफरीन के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये दोनों पहले भोपाल के अब्बास नगर इलाके की झुग्गियों में रहती थीं, लेकिन पिछले कुछ समय से शहर के एक पॉश इलाके में आलीशान फ्लैट में रह रही थीं। उनके रहन-सहन और लाइफस्टाइल में आए अचानक बदलाव ने भी पुलिस का ध्यान अपनी ओर खींचा।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह बदलाव किसी वैध व्यवसाय के जरिए नहीं बल्कि अवैध गतिविधियों के कारण आया। आरोप है कि ये दोनों बहनें गरीब और जरूरतमंद लड़कियों को नौकरी या बेहतर जीवन का सपना दिखाकर अपने जाल में फंसाती थीं। जब लड़कियां इनके संपर्क में आ जाती थीं, तो उन्हें बड़े आयोजनों और पार्टियों में ले जाया जाता था, जहां कथित रूप से अमीर और प्रभावशाली लोगों से उनकी मुलाकात कराई जाती थी।
बताया जा रहा है कि इस दौरान लड़कियों पर मानसिक दबाव बनाया जाता था और धीरे-धीरे उन्हें ऐसी परिस्थितियों में धकेल दिया जाता था जहां से बाहर निकलना उनके लिए मुश्किल हो जाता था। पीड़िताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया और बाद में देह व्यापार में शामिल होने के लिए बाध्य किया गया।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब दो युवतियां, जिनकी उम्र क्रमशः 21 और 32 वर्ष बताई जा रही है, पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचीं। इनमें से एक युवती भोपाल की रहने वाली है, जबकि दूसरी छत्तीसगढ़ से संबंधित बताई जा रही है। दोनों ने बाग सेवनिया थाने में पहुंचकर आपबीती सुनाई और आरोप लगाया कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर इस गिरोह में फंसाया गया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अमरीन, आफरीन और उनके एक सहयोगी चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका भी सामने आई है। इनमें बिलाल, चानू और यासिर नाम के तीन आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ तो नहीं है। इसके लिए आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया चैट, बैंक खातों और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस गिरोह के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हुए हैं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर लड़कियों से संपर्क साधा जाता था। उन्हें पहले दोस्ती के नाम पर भरोसे में लिया जाता था और फिर धीरे-धीरे अपने प्रभाव में कर लिया जाता था। जब तक उन्हें स्थिति की गंभीरता का एहसास होता, तब तक वे इस जाल में पूरी तरह फंस चुकी होती थीं।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक सामने आई कई बातें पीड़िताओं के आरोपों पर आधारित हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और फरार चल रहे अन्य संदिग्धों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किस तरह से सोशल मीडिया और लालच का इस्तेमाल कर कमजोर वर्ग की लड़कियों को अपराध के जाल में फंसाया जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में जांच में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


















