बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर NDA में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला साफ हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे के बाद इस पर सहमति बनी है। सूत्रों के अनुसार जदयू को 102 सीटें और BJP को 101 सीटें मिलेंगी।
छोटे सहयोगी दलों में भी सीटें तय कर दी गई हैं। चिराग पासवान की LJP (रामविलास) को 20 सीटें, उपेन्द्र कुशवाहा की RJD-Like पार्टी RALOM को 10 सीटें और जीतन राम मांझी की हम सेक्युलर पार्टी को भी 10 सीटें दी गई हैं।
हालांकि, यह अभी तय नहीं हुआ है कि कौन सी पार्टी कौन-सी सीट से चुनाव लड़ेगी। NDA के वरिष्ठ नेता जल्द ही इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं और जनता को पूरी जानकारी देंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस सीट शेयरिंग फॉर्मूले से NDA को बहुमत हासिल करने की संभावना बढ़ सकती है। जदयू और BJP दोनों ही बड़े खिलाड़ियों के रूप में इस चुनाव में सामने आएंगे, जबकि छोटे दलों की सीटें गठबंधन को मजबूती देंगी।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि सीटों का यह बंटवारा चुनावी रणनीति और लोकप्रियता के आधार पर तय किया गया है। JDU और BJP के बीच 1 सीट का अंतर इसे काफी रोमांचक बनाता है। वहीं, छोटे सहयोगी दल भी गठबंधन की जीत में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
इसके अलावा, यह फॉर्मूला बिहार की राजनीतिक दिशा और भविष्य के गठबंधनों के लिए संकेत भी देता है। यह देखने वाली बात होगी कि चुनावी मैदान में उम्मीदवार किस प्रकार अपनी रणनीति बनाते हैं और जनता पर इसका क्या असर पड़ता है।


















