AIN NEWS 1: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से शनिवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा विभाग और प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी है। शिक्षा निदेशालय के दफ्तर में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। आरोप है कि इस घटना में रायपुर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थक शामिल थे।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद एक प्राथमिक विद्यालय के नाम परिवर्तन को लेकर शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने कुछ समर्थकों के साथ शिक्षा निदेशालय स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के कार्यालय पहुंचे थे। उनका उद्देश्य एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का नाम बदलवाने के संबंध में बातचीत करना था।
सूत्रों के मुताबिक, विधायक के साथ पहुंचे कुछ समर्थकों ने निदेशक पर विद्यालय का नाम बदलने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। हालांकि, निदेशक अजय कुमार नौडियाल ने इस मांग को लेकर स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी सरकारी स्कूल का नाम परिवर्तन निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत ही संभव है। उन्होंने विधायक और उनके समर्थकों को शासन द्वारा तय दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
नियमों का हवाला देने पर बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि जब निदेशक ने नियमों का पालन करने की बात कही, तो माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। पहले तीखी बहस हुई और फिर स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कथित तौर पर विधायक के समर्थकों ने हाथापाई शुरू कर दी। कार्यालय परिसर में ही धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना घटित हुई।
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल को चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए कोरोनेशन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, निदेशक की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
सरकारी कार्यालय के भीतर इस तरह की घटना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच चिंता का माहौल है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी घटना की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विभागीय कर्मचारियों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दी गई है और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर यह जांच की जा रही है कि आखिर विवाद किस परिस्थिति में इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।
प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा
घटना के बाद से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सरकारी अधिकारी के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। वहीं, विपक्षी दल भी इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साध सकते हैं।
हालांकि, इस मामले में विधायक या उनके कार्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
आगे क्या?
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ सकता है। फिलहाल शिक्षा विभाग घटना से जुड़े तथ्यों को इकट्ठा कर रहा है और आगे की कार्रवाई के संकेत दे रहा है।
A major controversy erupted in Dehradun after BJP MLA Umesh Sharma Kau and his supporters were accused of assaulting Primary Education Director Ajay Kumar Naudiyal inside the education directorate office over a primary school name change dispute. The incident has raised serious concerns within the Uttarakhand education department and administrative circles, highlighting issues of political pressure on government officials and the rule-based process for school name changes in Dehradun. This development has sparked debates around governance, political interference, and officer safety in India’s education system.


















