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मेरठ हाईवे पर नीले ड्रम वाली अनोखी कांवड़ ने खींचा ध्यान, श्रद्धालु ने बताई इसके पीछे की भक्ति भावना!

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Unique Kanwar with Blue Drum on Meerut Highway Sparks Attention, Devotees Share Special Intentions

मेरठ हाईवे पर दिखी नीले ड्रम वाली अनोखी कांवड़, श्रद्धालु ने बताई इसकी खास भावना

AIN NEWS 1: कांवड़ यात्रा 2025 में इस बार कुछ बेहद अलग देखने को मिला। मेरठ के दिल्ली-देहरादून हाईवे पर एक कांवड़िये ने 121 लीटर गंगाजल दो नीले प्लास्टिक ड्रम में भरकर कांवड़ उठाई। ये वही नीले ड्रम थे जिन्हें हाल ही में मेरठ में हुए एक हत्या कांड से जोड़कर सोशल मीडिया पर खूब वायरल किया गया था।

लोगों को जैसे ही हाईवे पर नीली ड्रम वाली कांवड़ दिखी, सब चौंक गए और घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल ‘नीले ड्रम’ की यादें ताजा हो गईं, जहां एक महिला ने अपने पति की हत्या कर शव को इसी तरह के ड्रम में भर दिया था।

लेकिन इस बार मामला पूरी तरह से अलग था। गाजियाबाद के रहने वाले कांवड़िये भीम ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल अधिक मात्रा में गंगाजल लाना था ताकि भगवान शिव का जलाभिषेक अच्छे से किया जा सके और अपने माता-पिता को भी गंगाजल से स्नान कराया जा सके।

भीम ने स्पष्ट किया कि नीले ड्रम को देखकर किसी प्रकार की नकारात्मक सोच उनके मन में नहीं आई। उन्हें सिर्फ ऐसा बड़ा बर्तन चाहिए था जो सस्ता और टिकाऊ हो। उन्होंने कहा, “मैं तो पूरी श्रद्धा और भक्ति से कांवड़ लेकर निकला हूं। नीले ड्रम से कोई बुरा इरादा नहीं जुड़ा है। मेरा केवल शिवभक्ति का उद्देश्य है।”

इस बार कांवड़ यात्रा में हर तरह की अनोखी कांवड़ देखने को मिल रही है — कोई 201 लीटर, कोई 151 लीटर तो कोई 51 लीटर की कांवड़ लेकर चल रहा है। हर भक्त अपनी सामर्थ्य और श्रद्धा के अनुसार भगवान शिव को जल चढ़ाने की भावना से यात्रा कर रहा है।

गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर उठी अनोखी कांवड़

बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर दो शिवभक्तों ने 121 लीटर की विशेष कांवड़ लेकर सबका ध्यान खींचा। उनका उद्देश्य धार्मिक से अधिक सामाजिक था — वे गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर यह कांवड़ लेकर निकले थे।

भड़ल गांव में पहुंचे इन कांवड़ियों ने बताया कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकले हैं और 210 किलोमीटर की यात्रा करके अपने क्षेत्र में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।

दिल्ली नरेला के रहने वाले कांवड़िया राहुल कुमार ने भी बताया कि उनकी आस्था गौमाता से जुड़ी है। उन्होंने कहा, “मैंने इस बार अपनी कांवड़ गौमाता के सम्मान में उठाई है। सरकार से मेरी मांग है कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाए। इसी उद्देश्य से मैंने हरिद्वार से 121 लीटर गंगाजल लेकर ये लंबी कांवड़ यात्रा शुरू की है।”

इन भक्तों का कहना है कि सिर्फ पूजा और जलाभिषेक ही नहीं, बल्कि समाज के अहम मुद्दों को उठाना भी शिवभक्ति का एक रूप है। वे मानते हैं कि गौमाता भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें राष्ट्र माता का दर्जा मिलना चाहिए।

इस बार की कांवड़ यात्रा में ना केवल आस्था दिखी, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना भी देखने को मिली। नीले ड्रम जैसी घटनाएं जहां कुछ लोगों को गलत स्मृतियों की ओर ले जाती हैं, वहीं सच्चे भक्त उसे भी भक्ति का माध्यम बना देते हैं। दूसरी ओर, गौमाता के सम्मान को लेकर की जा रही कांवड़ यात्रा यह दर्शाती है कि आस्था और सामाजिक चेतना दोनों साथ-साथ चल सकती हैं।

During the ongoing Kanwar Yatra 2025, a unique incident on the Delhi-Dehradun Highway near Meerut drew public attention as a devotee carried 121 liters of Ganga water in blue drums. These blue drums reminded people of a recent crime case, but the devotee clarified that his intention was purely spiritual. This Kanwar yatra also saw another unique group demanding Gaumata to be declared as Rashtra Mata by the Indian government. These emotional and symbolic journeys added distinct fervor to this year’s pilgrimage.

 

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