AIN NEWS 1: दिल्ली के श्रीराम कॉलोनी स्थित नगर निगम स्कूल में पहली कक्षा के एक 6 वर्षीय छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना 17 फरवरी को हुई, जबकि इसकी सूचना 18 फरवरी को पुलिस को मिली।
घटना का खुलासा कैसे हुआ?
18 फरवरी को PCR कॉल के जरिए पुलिस को सूचना दी गई कि नगर निगम स्कूल में एक छोटे बच्चे के साथ मारपीट की गई है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चे को जेपीसी अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए भेजा।
बच्चे की हालत कैसी है?
अस्पताल में की गई जांच में पता चला कि बच्चे को कान के अंदरूनी हिस्से में चोट लगी है और खून का रिसाव हो रहा है। हालांकि, उसके शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले।
माता-पिता की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद बच्चे की मां ने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। उन्होंने बताया कि बच्चे के पिता बिहार गए हुए हैं, इसलिए वह खुद पुलिस कार्रवाई के लिए तैयार नहीं थीं।
कानूनी कार्रवाई
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) और किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया है।
स्कूल में सुरक्षा को लेकर सवाल
इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षक-छात्र संबंधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या दुर्व्यवहार न हो।
क्या होना चाहिए अगला कदम?
स्कूल प्रशासन को इस घटना की जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए।
बच्चों के साथ मारपीट या दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
माता-पिता को भी चाहिए कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर सतर्क रहें।
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त नियमों की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
A shocking case of child abuse has emerged from Delhi’s Nagar Nigam School, Shri Ram Colony, where a Class 1 student was allegedly beaten, leading to internal ear bleeding. The Delhi Police registered a case under BNS Section 115(2) and Section 75 of the Juvenile Justice Act, 2015. The incident was reported on February 18 through a PCR call, and the child was taken to JPC Hospital for medical examination. Despite the serious injury, the mother did not file a complaint immediately as the father was in Bihar. The case highlights the growing concerns of school violence and student safety in India.