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चौथा नवरात्र 2026: मां कूष्मांडा की पूजा विधि, क्या करें और क्या न करें – पूरी जानकारी!

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चौथा नवरात्र 2026: मां कूष्मांडा की पूजा विधि, क्या करें और क्या न करें – पूरी जानकारी

AIN NEWS 1: नवरात्र का चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित होता है। यह दिन विशेष रूप से ऊर्जा, स्वास्थ्य और सकारात्मकता से जुड़ा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी, इसलिए इन्हें सृष्टि की आदिशक्ति भी कहा जाता है। इस दिन श्रद्धा और नियमों के साथ पूजा करने से जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है और कई प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं।

इस लेख में हम आपको सरल भाषा में बताएंगे कि चौथे नवरात्र पर क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए, ताकि आपकी पूजा सफल और फलदायी हो सके।

मां कूष्मांडा का महत्व

मां कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी के रूप में पूजा जाता है। इनके आठ हाथों में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र और कमंडल, धनुष, बाण, चक्र आदि होते हैं। मान्यता है कि ये देवी सूर्य मंडल के भीतर निवास करती हैं और वहीं से पूरे संसार को ऊर्जा प्रदान करती हैं। यही कारण है कि इस दिन सूर्य देव की पूजा भी विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है।

जो व्यक्ति इस दिन सच्चे मन से मां की पूजा करता है, उसे रोगों से मुक्ति, मानसिक शांति और जीवन में सफलता मिलती है।

चौथे नवरात्र पर क्या करें

1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठना शुभ माना जाता है। स्नान करके स्वच्छ और हल्के रंग (जैसे पीला या हरा) के कपड़े पहनें। इससे मन और वातावरण दोनों शुद्ध रहते हैं।

2. पूजा स्थान को साफ रखें

पूजा करने से पहले अपने घर और मंदिर को साफ करें। मां कूष्मांडा की प्रतिमा या तस्वीर को साफ स्थान पर स्थापित करें और सामने दीपक जलाएं।

3. विधि-विधान से पूजा करें

दीपक और धूप जलाएं

फूल और अक्षत अर्पित करें

मां को कुमकुम और रोली चढ़ाएं

श्रद्धा के साथ आरती करें

4. मंत्र जाप और पाठ

इस दिन “ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। कम से कम 108 बार जाप करने से मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इसके अलावा दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया जा सकता है।

5. भोग लगाएं

मां कूष्मांडा को मीठा प्रसाद बहुत प्रिय होता है। इस दिन मालपुआ, खीर या गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाना शुभ माना जाता है। साथ में फल और पंचामृत भी अर्पित किया जा सकता है।

6. व्रत का पालन करें

अगर आप व्रत रख रहे हैं, तो पूरे दिन संयम रखें। फलाहार में साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा आदि ले सकते हैं। ध्यान रखें कि भोजन सात्विक हो।

7. दान-पुण्य करें

इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, फल या कपड़े दान करना बहुत पुण्यदायी होता है। ऐसा करने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

8. सकारात्मक सोच रखें

नवरात्र केवल पूजा का ही नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का भी समय है। इसलिए मन में अच्छे विचार रखें, ध्यान करें और भगवान का स्मरण करें।

❌ चौथे नवरात्र पर क्या न करें

1. तामसिक भोजन से दूर रहें

नवरात्र के दौरान मांस, शराब, लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए। यह पूजा की पवित्रता को प्रभावित करता है।

2. झगड़ा और नकारात्मकता से बचें

इस दिन किसी से बहस, झगड़ा या अपशब्द बोलने से बचें। इससे मानसिक शांति भंग होती है और पूजा का फल कम हो जाता है।

3. घर में गंदगी न रखें

मां लक्ष्मी और दुर्गा स्वच्छता पसंद करती हैं। इसलिए घर और पूजा स्थान को हमेशा साफ रखें।

4. व्रत के नियम न तोड़ें

यदि आपने व्रत रखा है, तो उसके नियमों का पालन करें। बार-बार कुछ खाते रहना या नियमों का उल्लंघन करना सही नहीं माना जाता।

5. बाल और नाखून न काटें

कई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के दिनों में बाल और नाखून काटना अशुभ माना जाता है। इसलिए इनसे बचना चाहिए।

6. देर तक सोने से बचें

सुबह जल्दी उठना और पूजा करना इस दिन विशेष फलदायी होता है। आलस्य और देर तक सोने से बचें।

चौथे नवरात्र का आध्यात्मिक संदेश

मां कूष्मांडा हमें सिखाती हैं कि छोटी सी सकारात्मक सोच भी बड़े बदलाव ला सकती है। जिस तरह उन्होंने अपनी मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की, उसी तरह हम भी अपने जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर हर मुश्किल को आसान बना सकते हैं।

यह दिन हमें ऊर्जा, आत्मविश्वास और नई शुरुआत का संदेश देता है।

चौथा नवरात्र केवल एक धार्मिक दिन नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। यदि इस दिन सच्चे मन से पूजा, व्रत और दान किया जाए, तो मां कूष्मांडा की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता प्राप्त होती है।

इसलिए इस दिन नियमों का पालन करते हुए श्रद्धा और भक्ति के साथ मां की पूजा करें और अपने जीवन को बेहतर बनाने का संकल्प लें।

Chautha Navratri 2026 is dedicated to Maa Kushmanda, the creator of the universe, and is considered highly auspicious for gaining health, prosperity, and positive energy. Devotees perform Maa Kushmanda puja vidhi with proper rituals, chant powerful mantras, and follow Navratri fasting rules to seek blessings. Understanding what to do and what to avoid on Navratri Day 4 helps in maximizing spiritual benefits and maintaining purity during the festival.

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