Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

संविधान संशोधन 2025: मंत्रियों और मुख्यमंत्री पर आपराधिक मामलों में सख्ती का नया प्रावधान!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र माना जाता है। यहां जनता अपने प्रतिनिधियों को केवल शासन चलाने के लिए नहीं चुनती, बल्कि उन्हें अपने भरोसे और उम्मीदों का प्रतीक मानती है। जनता चाहती है कि उसके चुने हुए नेता न केवल कुशल प्रशासक हों, बल्कि उनका चरित्र भी बेदाग़ हो। लेकिन भारतीय राजनीति में लंबे समय से एक सवाल बना हुआ है – अगर कोई मंत्री या मुख्यमंत्री गंभीर आपराधिक मामलों में फंस जाए और जेल चला जाए तो क्या उसे पद पर बने रहने का अधिकार होना चाहिए?

यही सवाल अब एक नए विधेयक के रूप में संसद में सामने आया है। संविधान (130वाँ संशोधन) विधेयक, 2025 भारतीय राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

विधेयक का सार

इस संशोधन के ज़रिए संविधान के तीन अनुच्छेदों – 75, 164 और 239AA – में बदलाव किया जाएगा।

1. केंद्रीय मंत्रियों और प्रधानमंत्री के लिए नियम

अगर कोई केंद्रीय मंत्री लगातार 30 दिन तक जेल में रहता है, तो प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति उसे पद से हटा देंगे।

अगर प्रधानमंत्री खुद 30 दिन तक हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें इस्तीफ़ा देना होगा। न देने पर उनका पद स्वतः समाप्त हो जाएगा।

रिहाई के बाद वही व्यक्ति फिर से पद संभाल सकता है।

2. राज्य मंत्रियों और मुख्यमंत्री के लिए नियम

राज्य स्तर पर भी यही प्रावधान लागू होगा।

मंत्री के मामले में मुख्यमंत्री की सलाह पर राज्यपाल कार्रवाई करेंगे।

अगर मुख्यमंत्री 30 दिन से अधिक जेल में रहते हैं, तो उन्हें भी पद छोड़ना होगा।

3. दिल्ली सरकार पर विशेष प्रावधान

दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्रियों पर भी यही नियम लागू होंगे।

यहाँ राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री की सलाह पर मंत्रियों को हटाएंगे।

विधेयक की पृष्ठभूमि

भारत में कई बार ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जब गंभीर अपराधों में आरोपी नेता सत्ता का हिस्सा बने रहे। कभी-कभी तो जेल से ही मंत्री पद संभालने तक की स्थिति आई।

उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में आपराधिक मामलों में फंसे नेताओं का सत्ता में बने रहना आम बात रही है।

संसद और विधानसभाओं में आज भी ऐसे दर्जनों विधायक और सांसद हैं जिन पर गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं।

सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग कई बार इस स्थिति पर चिंता जता चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस संवैधानिक प्रावधान मौजूद नहीं था।

विधेयक लाने की ज़रूरत

1. जनता का विश्वास बनाए रखना

नेताओं का आचरण ऐसा होना चाहिए जिस पर कोई सवाल न उठे। अगर वे जेल में रहकर भी मंत्री बने रहते हैं तो जनता का भरोसा टूटता है।

2. संवैधानिक नैतिकता की रक्षा

भारत का संविधान इस बात पर आधारित है कि सत्ता में बैठे लोग नैतिक और ईमानदार होंगे। यह संशोधन उसी नैतिकता को मज़बूत करेगा।

3. सुशासन और पारदर्शिता

भ्रष्टाचार और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए यह संशोधन एक ज़रूरी कदम है।

विशेषज्ञों की राय (इंटरव्यू-स्टाइल ऐंगल)

संविधान विशेषज्ञ प्रो. अरुण मेहता कहते हैं –

“यह संशोधन राजनीति को साफ-सुथरा बनाने का प्रयास है। अभी तक कोई संवैधानिक बाध्यता नहीं थी कि जेल जाने पर मंत्री पद छोड़ना पड़े। अब यह कानूनी बाध्यता हो जाएगी।”

राजनीतिक विश्लेषक सीमा त्रिपाठी का मानना है –

“हो सकता है कि इसका दुरुपयोग भी किया जाए। विपक्षी दल झूठे मामले दर्ज करवाकर सत्ता पक्ष को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। लेकिन इसके बावजूद यह संशोधन आवश्यक है क्योंकि इससे सत्ता में बैठे लोगों पर दबाव रहेगा कि वे खुद को बेदाग रखें।”

सामान्य नागरिकों की राय

दिल्ली के रहने वाले विनोद कुमार कहते हैं –

“अगर कोई नेता जेल में है तो उसे जनता की सेवा करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। हमें ऐसे कानून की लंबे समय से ज़रूरत थी।”

1. पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

2. जनता का भरोसा नेताओं पर मज़बूत होगा।

3. सत्ता के दुरुपयोग पर रोक लगेगी।

4. भारत की लोकतांत्रिक छवि और साख वैश्विक स्तर पर बेहतर होगी।

संभावित चुनौतियाँ

1. दुरुपयोग का खतरा – विपक्षी पार्टियाँ झूठे मामलों का सहारा लेकर नेताओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

2. न्यायिक देरी – आरोप सिद्ध होने में सालों लग सकते हैं, लेकिन केवल गिरफ्तारी ही पद छिनने का कारण बन जाएगी।

3. राजनीतिक अस्थिरता – अगर मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री को हटाना पड़ा तो सरकार गिर भी सकती है।

राजनीतिक हलचल

इस विधेयक को पेश करने के बाद संसद में राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है।

सत्तारूढ़ दल का कहना है कि यह जनता के भरोसे को मज़बूत करने वाला कानून है।

विपक्ष को आशंका है कि इसका इस्तेमाल सत्ता बदलने के लिए किया जाएगा।

जनता और सोशल मीडिया पर ज़्यादातर लोग इस संशोधन का स्वागत कर रहे हैं।

संविधान (130वाँ संशोधन) विधेयक, 2025 भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय लिख सकता है। यह केवल एक कानून नहीं बल्कि जनता और नेताओं के बीच विश्वास की डोर को मजबूत करने का प्रयास है।

हो सकता है कि इस पर राजनीति हो, आलोचना भी हो, लेकिन बड़े स्तर पर देखा जाए तो यह भारतीय लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है। लोकतंत्र तभी मज़बूत होगा जब सत्ता में बैठे लोग खुद को कानून और नैतिकता से ऊपर न समझें।

The Constitution (130th Amendment) Bill 2025 is a historic political reform in India, designed to promote transparency, accountability, and constitutional morality. It introduces clear legal provisions for the removal or resignation of the Prime Minister, Chief Ministers, and Ministers if they are held in custody for 30 consecutive days on serious criminal charges. This amendment seeks to prevent misuse of power, strengthen democratic values, and restore public trust in India’s governance system.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
24.7 ° C
24.7 °
24.7 °
13 %
2.3kmh
0 %
Wed
25 °
Thu
32 °
Fri
33 °
Sat
34 °
Sun
34 °
Video thumbnail
Japan में Yogi Adityanath की ऐसी दहाड़, भारत में बैठे विरोधियों मिला करारा जवाब !
26:26
Video thumbnail
PM Modi on Congress, Global AI Summit
00:58
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 2 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
03:51:39
Video thumbnail
भगवाधारी योगी की दहाड़ सुन दंग रह गये Singapore वाले, गूंजने लगा जय… जय श्रीराम !
30:14
Video thumbnail
Journalist claims he was lured with money to frame Avimukteshwaranand in fake POCSO thru daughters
02:58
Video thumbnail
‘नंगी और गंदी राजनीति करती है कांग्रेस पूरा देश जानता है’,Modi ने Meerut से विरोधियों को जमकर धोया !
09:41
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 1 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
03:26:46
Video thumbnail
सदन में हंस-हंसकर Raja Bhaiya ने जो बोला सुनकर पूरा विधानसभा दंग रह गया! Yogi
08:15
Video thumbnail
रमजान के बीच अचानक Yogi ने बोल दी बड़ी बात, सुनकर बंद हो गई विपक्ष की बोलती ! Yogi Speech
08:55
Video thumbnail
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, "...फर्जी मुकदमा जो दायर किया गया है उसकी सच्चाई सामने आएगी
01:01

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर POCSO केस: FIR के बाद गिरफ्तारी की आशंका, जांच तेज!

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर POCSO केस: FIR के बाद...

डोनाल्ड ट्रंप का दावा: मेरी मध्यस्थता न होती तो पाक पीएम शहबाज शरीफ मारे जाते!

AIN NEWS 1: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप...