AIN NEWS 1: जनवरी 2026 के शुरुआती दिनों से ही सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि दिल्ली से 800 से अधिक लोग लापता हो गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इस खबर ने राजधानी दिल्ली में चिंता और डर की स्थिति पैदा कर दी थी। लोगों ने इसके पीछे कई तरह के सवाल उठाए — क्या सुरक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी है? क्या कोई गिरोह सक्रिय है? क्या बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है?
इस पूरे विवाद के बीच दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट बयान जारी कर अफवाहों और अटकलों को खारिज कर दिया है। पुलिस ने कहा है कि इस आंकड़े को संदर्भ में समझना आवश्यक है और “घबराने की आवश्यकता नहीं है।”
📍 लापता होने के आंकड़े क्या कहते हैं?
• दिल्ली पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 1 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक कुल 807 लोगों को missing person के रूप में दर्ज किया गया था।
• इनमें से 509 महिलाएं और लड़कियां, जबकि 298 पुरुष थे।
• कुल में 191 नाबालिग (children) शामिल थे — जिनमें कई बच्चे और किशोर भी हैं।
• इन्हें प्रतिदिन लगभग 54 लोगों के लापता होने के मामलों के रूप में दर्ज किया गया था।
यह आंकड़ा सच है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने बताया कि जनवरी के पूरे महीने के आंकड़े — करीब 1,700 से 1,800 लोग — शहर के पिछले औसत के अनुरूप हैं। मतलब यह है कि जब पूरा महीने ध्यान में रखा जाता है, तो यह संख्या किसी अचानक उछाल या असामान्य वृद्धि को नहीं दर्शाती।
🛡️ दिल्ली पुलिस का बयान: चिंता की कोई बात नहीं
पुलिस ने अपने बयान में स्पष्ट किया है:
✔️ यह आंकड़ा अचानक बढ़ा नहीं है — दरअसल पिछले कई वर्षों में दिल्ली में हर महीने औसतन लगभग 2,000 लोग missing report किए जाते हैं।
✔️ जनवरी 2026 में रिपोर्ट हुए missing cases पिछले सालों के आंकड़ों से कम हैं।
✔️ “Missing” का मतलब हमेशा अपराध या अपहरण नहीं होता — कई बार लोग कुछ दिनों के लिए संपर्क में नहीं रहते या बाद में स्वयं लौट आते हैं।
✔️ किसी भी संगठित गिरोह या परिचालित अपराध नेटवर्क का सबूत पुलिस की जांच में नहीं मिला है।
✔️ पुलिस ने कहा है कि “घबराने की जरूरत नहीं है” और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
🔍 Missing Person मामलों पर पुलिस की कार्यप्रणाली
दिल्ली पुलिस ने यह भी बताया है कि:
• हर missing person की सूचना को पुलिस स्टेशन, ERSS-112 या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से तुरंत दर्ज किया जाता है।
• बच्चों के मामलों में उच्च प्राथमिकता और विशेष जांच की जाती है।
• Dedicated Missing Persons Squads हर जिले में तैनात हैं।
• Crime Branch की Anti Human Trafficking Unit (AHTU) भी ऐसे मामलों को मॉनिटर करती है।
👨👩👧👦 कितने लोग अभी तक मिले हैं?
जहाँ 807 missing cases दर्ज किए गए थे, उनमें से कई लोगों को पुलिस ने ढूंढकर उनके परिवारों से मिलाया है। हालाँकि कुछ लोग अभी भी अनट्रेस्ड हैं, पुलिस लगातार तलाश जारी रखे हुए है।
📊 क्या यह नया समस्या है?
दिल्ली में missing person की समस्या कोई नई घटना नहीं है।
• पिछले वर्षों में भी हर साल लगभग 24,000-25,000 लोग missing report हुए हैं।
• पुलिस डेटा के अनुसार, इन मामलों के अधिकांश लोग कुछ समय बाद वापस घर लौट आते हैं या पुलिस उन्हें ढूंढ लेती है।
इसलिए केवल जनवरी के आंकड़े देखकर यह निष्कर्ष निकालना कि राजधानी में अचानक कोई बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है, सही नहीं है।
📢 सोशल मीडिया पर अफवाहें और उनका प्रभाव
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो और संदेशों में यह दावा किया गया कि 800 से ज्यादा लोग “गायब” हो गए हैं। इन पोस्टों में खासकर बच्चों और युवतियों के संदर्भ में डर फैलाया गया। ज़्यादातर विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे कई संदेश बिना संदर्भ के sensationalized थे, और सही जानकारी को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया।
दिल्ली पुलिस ने इन अफवाहों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है क्योंकि misinformation समाज में भ्रम पैदा करती है।
क्या वास्तव में भय की जरूरत है?
• 800 से अधिक missing cases सच हैं, पर ये संख्या सामान्य missing cases का हिस्सा है।
• पुलिस ने कहा है कि इसमें अचानक उछाल नहीं है और यह पिछले वर्ष के औसत से भी कम है।
• सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार मामले निपटा रही हैं और लोगों को सुरक्षित वापस लाने में जुटी हैं।
इसलिए जनता को अफवाहों से दूरी बनाए रखना चाहिए और सही तथ्यों के आधार पर ही चिंताएं व्यक्त करनी चाहिए।
In January 2026, over 800 missing persons cases were reported in Delhi, including women and children, sparking widespread discussion online about Delhi missing persons, crime news, and safety in Delhi. However, the Delhi Police response clarified that these figures are consistent with usual monthly data, and there is no significant surge in missing person reports. The police urged people not to panic and highlighted transparent reporting systems and dedicated squads working on missing people cases in Delhi.


















