दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई, शुरू हुई विजिलेंस जांच
AIN NEWS 1: दक्षिण-पश्चिम जिला, नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) कार्यालय से जारी एक आधिकारिक पत्र में PS सागरपुर से जुड़े वायरल वीडियो के मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई है। इस पत्र के माध्यम से दिल्ली के विभिन्न जिला न्यायालयों की बार एसोसिएशनों को सूचित किया गया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित पुलिसकर्मियों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की गई है।
यह पत्र 5 फरवरी 2026 को जारी किया गया, जिस पर दक्षिण-पश्चिम जिला के डीसीपी अमित गोयल (IPS) के हस्ताक्षर हैं।
क्या है मामला?
हाल ही में पुलिस थाना सागरपुर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और अधिवक्ताओं के बीच नाराजगी देखी गई। इसी संदर्भ में जिला कोर्ट बार एसोसिएशनों की ओर से विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत आंतरिक जांच के आदेश दिए।
किन अधिकारियों पर गिरी गाज?
डीसीपी कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार:
एक महिला पुलिसकर्मी (W/St) को निलंबित कर दिया गया है।
एक महिला उप-निरीक्षक (W/SI) को तत्काल प्रभाव से जिला लाइन भेज दिया गया है।
थाना सागरपुर के एसएचओ (SHO) को भी साउथ-वेस्ट जिला लाइन अटैच किया गया है।
इन सभी कदमों को प्रारंभिक कार्रवाई के तौर पर लिया गया है, जबकि विस्तृत विजिलेंस जांच अभी जारी है।
विजिलेंस जांच क्या होती है?
विजिलेंस जांच किसी भी सरकारी विभाग में आंतरिक अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए की जाती है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि कहीं किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा सेवा नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बार एसोसिएशन से अपील: प्रदर्शन वापस लें
इस पत्र में दिल्ली की जिला अदालतों की बार एसोसिएशनों से यह भी अनुरोध किया गया है कि चूंकि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई है और जांच शुरू हो चुकी है, इसलिए प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को वापस ले लिया जाए।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि जब विभागीय स्तर पर सख्त कदम उठा लिए गए हैं, तो स्थिति को शांतिपूर्वक सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए निर्देश
दिल्ली पुलिस ने इस घटना को एक गंभीर चेतावनी के रूप में लिया है। डीसीपी कार्यालय की ओर से यह भी कहा गया है कि सभी पुलिस थानों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं ताकि स्टाफ को संवेदनशील बनाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इसका मतलब है कि पुलिसकर्मियों को आचरण, व्यवहार और पेशेवर जिम्मेदारियों के प्रति और अधिक जागरूक किया जाएगा।
पुलिस विभाग की कोशिश है कि आम जनता और अधिवक्ताओं के बीच विश्वास कायम रहे।
प्रशासन का संदेश: जवाबदेही से समझौता नहीं
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि दिल्ली पुलिस अपनी कार्यप्रणाली को लेकर जवाबदेह है। अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुचित आचरण सामने आता है, तो विभाग कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
हालांकि, अंतिम निर्णय विजिलेंस जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा। तब तक संबंधित अधिकारियों को प्रशासनिक तौर पर हटाकर निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ किया गया है।
PS सागरपुर से जुड़े वायरल वीडियो के मामले में दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला कांस्टेबल को निलंबित किया है और SHO समेत दो अधिकारियों को जिला लाइन भेजा है। साथ ही विजिलेंस जांच शुरू कर दी गई है।
बार एसोसिएशनों से अपील की गई है कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को वापस लिया जाए क्योंकि विभाग ने आवश्यक कदम उठा लिए हैं।
अब सभी की नजरें विजिलेंस जांच की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो आगे की कार्रवाई तय करेगी।
The Deputy Commissioner of Police (DCP) South-West District, New Delhi has initiated a vigilance inquiry into the viral video related to PS Sagarpur. As part of immediate action, one woman constable has been suspended while the SHO and a woman Sub-Inspector have been sent to the District Line. Delhi Police has also issued directions to sensitize staff across police stations to prevent such incidents in the future. The official communication has been sent to the Bar Associations requesting them to call off the proposed protest, highlighting the swift action taken by Delhi Police authorities.



















