AIN NEWS 1: देश की राजधानी दिल्ली में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस की सतर्कता के चलते इस खतरनाक योजना को अंजाम तक पहुंचने से पहले ही विफल कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने कुल आठ संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों से जुड़े पाए गए हैं।
जांच के दौरान जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह यह कि इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाला एक कश्मीरी हैंडलर बांग्लादेश में बैठकर भारत में आतंकी हमले की योजना बना रहा था। यह हैंडलर डिजिटल माध्यमों के जरिए गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में था और उन्हें निर्देश दे रहा था।
कैसे हुआ साजिश का खुलासा?
सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को पिछले कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। कुछ व्यक्तियों के बीच लगातार हो रही बातचीत और संदिग्ध लेन-देन ने एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद एक संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लिया, जिनसे पूछताछ के बाद इस बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि ये सभी आरोपी किसी न किसी रूप में आतंकी गतिविधियों की योजना में शामिल थे।
बांग्लादेश से चल रहा था ऑपरेशन
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने यह स्वीकार किया कि उन्हें विदेश में बैठे एक व्यक्ति से निर्देश मिल रहे थे। यह व्यक्ति मूल रूप से कश्मीर का रहने वाला बताया जा रहा है, लेकिन वर्तमान में बांग्लादेश में छिपकर भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहा था।
यह हैंडलर इंटरनेट कॉल, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आरोपियों से संपर्क में था। वह उन्हें संभावित टारगेट, हमले के तरीके और समय को लेकर दिशा-निर्देश दे रहा था।
पाकिस्तान से जुड़े मिले तार
जांच एजेंसियों को इस मामले में पाकिस्तान से जुड़े कुछ अहम सुराग भी मिले हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क को सीमा पार से आर्थिक और तकनीकी सहायता मिल रही थी। हालांकि, इस संबंध में अभी विस्तृत जांच जारी है और एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही हैं।
संभावित टारगेट की तलाश
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर उनका निशाना क्या था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाके या महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठान संभावित टारगेट हो सकते थे।
यदि यह साजिश सफल हो जाती, तो इससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता था। यही कारण है कि समय रहते की गई कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस घटना के सामने आने के बाद राजधानी दिल्ली समेत देश के अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों की तलाश में जुट गई हैं।
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं देश के अन्य हिस्सों में भी इस मॉड्यूल की कोई शाखा तो सक्रिय नहीं है।
डिजिटल नेटवर्क बन रहे नई चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में आतंकी संगठन डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे वे आसानी से सीमाओं के पार बैठकर भी अपने नेटवर्क को संचालित कर सकते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता
दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों की इस संयुक्त कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। समय रहते की गई गिरफ्तारी ने न केवल एक संभावित आतंकी हमले को रोका है, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश भी किया है।
फिलहाल, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Delhi Police successfully foiled a major terror attack plot by arresting eight suspects linked to Pakistan and Bangladesh. The investigation revealed that a Kashmiri handler operating from Bangladesh was coordinating the entire conspiracy remotely. The terror module was planning a large-scale attack in Delhi, raising serious concerns about national security, cross-border terrorism, and sleeper cell networks operating in India.


















