AIN NEWS 1: देश में खाने-पीने की चीज़ों में मिलावट कोई नई बात नहीं है, लेकिन ग्वालियर से सामने आया यह मामला बेहद चौंकाने वाला और डराने वाला है। रोज़मर्रा के खाने में इस्तेमाल होने वाला जीरा अब सेहत के लिए ज़हर बनता जा रहा है। ग्वालियर पुलिस ने मिलावटी मसालों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है, जहां सौंफ जैसे बीजों पर सीमेंट और केमिकल का लेप लगाकर उन्हें नकली जीरे के रूप में बाजार में बेचा जा रहा था।

📍 ट्रांसपोर्ट नगर से हुआ खुलासा
यह कार्रवाई ग्वालियर के ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि यहां बड़ी मात्रा में मिलावटी मसालों का भंडारण किया गया है। सूचना के आधार पर जब पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने छापा मारा, तो वहां का नज़ारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
छापे के दौरान 46 बोरियां नकली जीरा बरामद की गईं, जिन्हें अलग-अलग ब्रांडेड पैकेट्स में भरकर सप्लाई की तैयारी चल रही थी।
🧪 कैसे बन रहा था नकली जीरा?
जांच में जो तरीका सामने आया, वह बेहद खतरनाक है। आरोपियों ने:
सौंफ या अन्य सस्ते बीजों का इस्तेमाल किया
उन बीजों पर सीमेंट, रंग और केमिकल का लेप चढ़ाया
सूखने के बाद उन्हें बिल्कुल जीरे जैसा रूप दिया
फिर ब्रांडेड मसालों के पैकेट्स में भरकर बाजार में खपाया
दिखने में यह जीरा असली जैसा लगता था, जिससे आम ग्राहक आसानी से धोखा खा सकता था।
⚠️ सेहत के लिए कितना खतरनाक?
विशेषज्ञों के मुताबिक, सीमेंट और केमिकल मिले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से:
पेट और आंतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां
लिवर और किडनी को नुकसान
फूड पॉइज़निंग
बच्चों और बुज़ुर्गों में जानलेवा असर
हो सकता है। यह मिलावट सिर्फ धोखाधड़ी नहीं, बल्कि लोगों की जान से खिलवाड़ है।
👮♂️ तीन आरोपी गिरफ्तार, केस दर्ज
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सभी पर:
खाद्य सुरक्षा अधिनियम
धोखाधड़ी
नकली खाद्य सामग्री बनाने और बेचने
जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह नकली जीरा किन-किन जिलों और राज्यों में सप्लाई किया गया।
🔍 नेटवर्क कितना बड़ा?
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह कोई छोटा कारोबार नहीं था। आरोपियों के पास:
पैकिंग मशीनें
बड़ी मात्रा में कच्चा माल
ब्रांडेड पैकेट्स
मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और कई शहरों में सप्लाई हो रही थी।
🏪 बाजार और ग्राहकों पर असर
इस खुलासे के बाद स्थानीय बाजारों में हड़कंप मच गया है। कई दुकानदार अब अपने स्टॉक की जांच कर रहे हैं। वहीं आम लोग डरे हुए हैं कि अब तक वे अनजाने में क्या खाते रहे।
खाद्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि:
खुले या सस्ते दाम वाले मसालों से बचें
भरोसेमंद ब्रांड ही खरीदें
जीरे की बनावट, खुशबू और रंग पर ध्यान दें
🛑 प्रशासन की सख्ती
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में:
मसाला फैक्ट्रियों पर सख्त जांच
कोल्ड स्टोरेज और गोदामों की तलाशी
बाजार से सैंपल लेकर लैब टेस्ट
किए जाएंगे। मिलावटखोरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
🧠 यह मामला क्या सिखाता है?
यह घटना साफ बताती है कि सिर्फ कानून ही नहीं, बल्कि ग्राहकों की जागरूकता भी बेहद ज़रूरी है। थोड़े सस्ते के चक्कर में खरीदा गया मसाला आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है।
Gwalior police have uncovered a major food adulteration racket involving fake cumin manufactured using cement and harmful chemicals. Authorities seized 46 bags of adulterated cumin from a cold storage facility, revealing how counterfeit spices were being packed and sold as branded products. The case highlights serious concerns over food safety, chemical adulteration, and the growing threat of fake spices in Indian markets.


















